<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>The Voice TV Feed</title><link>https://thevoicetv.in</link><description>The Voice TV Feed Description</description><item><title>देश भर का मौसम पूर्वानुमान</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51305</link><description>भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान लगाया है।

असम, मेघालय, केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बिजली और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाले तूफान की भविष्यवाणी की है।

इस बीच, मौसम एजेंसी ने विदर्भ के कुछ इलाकों में लू चलने की आशंका जताई है। एजेंसी ने कहा कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति रहने की संभावना है। </description><guid>51305</guid><pubDate>01-May-2026 12:12:05 pm</pubDate></item><item><title>मप्र के जबलपुर का बरगी डैम हादसा, अब तक नौ शव बरामद, नौ लोग लापता, खोज और बचाव अभियान जारी, 24 को बचाया गया</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51304</link><description>जबलपुर, 01 मई। मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम को तेज आंधी-तूफान के चलते पर्यटकों से भरा पर्यटन विभाग का क्रूज डूबने की घटना में शुक्रवार सुबह तक नौ शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक नौ से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।

बरगी डैम में हादसे के वक्त क्रूज में 40 -45 पर्यटक सवार थे। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती खोज और बचाव अभियान (रेस्क्यू) में एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। भारतीय सेना भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर पहुंचने वाला है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।

गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में शाम को लोग बरगी डैम घूमने जाते हैं। गुरुवार शाम को अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। इसी दौरान पर्यटकों से भरा एक क्रूज खमरिया टापू के पास संतुलन बिगड़ने से डूब गया। क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि 'सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। महेश को 10 साल का अनुभव है।

खबर लिखे जाने तक नौ शव बरामद हो चुके हैं। प्रशासन ने इसकी पुष्टि कर दी है। इनमें से अब तक आठ मृतकों की पहचान हुई है। इनमें नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर, सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु, मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली, काकुलाझी (38), निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर, रेशमा सैयद (66), शमीम नकवी (66), मरिना मैसी (39) पत्नी प्रदीप मैसी और त्रिशान मैसी (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी शामिल हैं। एक शव की पहचान की प्रक्रिया जारी है। </description><guid>51304</guid><pubDate>01-May-2026 12:06:32 pm</pubDate></item><item><title>कोलकाता के एक स्ट्रॉन्ग रूम में तृणमूल का हंगामा, चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के आरोपों को खारिज किया</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51303</link><description>कोलकाता, 01 मई । दक्षिण कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में कथित संदिग्ध गतिविधियों के विरोध में गुरुवार शाम तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। चुनाव आयोग ने रात में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

तृणमूल उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में विजय उपाध्याय भी विरोध में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। लाइव स्ट्रीमिंग में अंदर कुछ होता दिख रहा है। बैलेट पेपर इधर-उधर किए जा रहे हैं, जबकि अधिकारी कह रहे हैं कि अंदर कुछ नहीं हो रहा।

स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा उम्मीदवार तापस राय और संतोष पाठक भी पहुंच गए। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों से बात की और वहां से लौट गए। रात में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सील और सुरक्षित है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अग्रवाल ने बताया कि वहां कई केंद्रों की ईवीएम रखी गई हैं और गुरुवार को सहायक रिटर्निंग अधिकारी पोस्टल बैलेट को अलग कर रहे थे। इसकी पूर्व सूचना उम्मीदवारों को दी गई थी। मनोज अग्रवाल ने कहा कि पोस्टल बैलेट अलग करने की प्रक्रिया के वीडियो को देखकर ही छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं, जो पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। स्ट्रॉन्ग रूम 100 प्रतिशत सुरक्षित है। उन्होंने रोप लगाया कि बेवजह माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी भी शाम ढलने के बाद सखावत मेमोरियल स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीईओ ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को वहां जाने का अधिकार है और इसमें आयोग को कोई आपत्ति नहीं है। </description><guid>51303</guid><pubDate>01-May-2026 11:25:12 am</pubDate></item><item><title>कलकत्ता हाई कोर्ट ने मतगणना केंद्रों पर पर्यवेक्षक के रूप में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली टीएमसी की याचिका खारिज कर दी।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51297</link><description>कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मतगणना केंद्रों में पर्यवेक्षकों के रूप में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है। अपने फैसले में न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने कहा कि मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक की नियुक्ति राज्य सरकार या केंद्र सरकार से करने का अधिकार भारत निर्वाचन आयोग के कार्यालय को प्राप्त है।
इस न्यायालय को केंद्र सरकार या केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक की नियुक्ति में कोई अवैधता नहीं मिली। निर्णय में कहा गया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 100 के तहत, यदि बाद में यह सिद्ध हो जाता है कि चुनाव आयोग के निर्णय से तृणमूल उम्मीदवार को अनुचित लाभ मिला जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव जीता, तो परिणाम को कानूनी रूप से चुनौती दी जा सकती है। </description><guid>51297</guid><pubDate>01-May-2026 10:18:00 am</pubDate></item><item><title>अमित शाह आज लद्दाख को देंगे डेयरी एवं सहकारी क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51294</link><description>नई दिल्ली, 01 मई । केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह आज लद्दाख के लेह में केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान (सीआईबीएस) में डेयरी एवं सहकारी क्षेत्र से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरीमंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना उपस्थित रहेंगे।

सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने लद्दाख में डेयरी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पहल की है। शाह कारगिल में 10 टन प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला रखने के साथ लेह में दही और पनीर उत्पादन इकाइयों का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर दूध के भंडारण और परिवहन को बेहतर बनाने के लिए बल्क मिल्क कूलर सिस्टम भी शुरू किया जाएगा। साथ ही एंड्रॉयड आधारित ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (एएमसीएस) ऐप भी लॉन्च किया जाएगा। इससे दूध खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसानों को भुगतान में सुविधा होगी।

मंत्रालय के अनुसार, दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक मोबाइल दूध परीक्षण प्रयोगशाला को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। डेयरी उत्पादों के विपणन और वितरण को बढ़ाने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। प्रगतिशील डेयरी किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। </description><guid>51294</guid><pubDate>01-May-2026 10:04:08 am</pubDate></item><item><title>इतिहास के पन्नों में 02 मई : सिनेमा के दिग्गज का जन्म, महान कलाकार को श्रद्धांजलि का दिन</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51293</link><description>इतिहास में 02 मई की तारीख कई महत्वपूर्ण घटनाओं की साक्षी रही है, जिनमें कला और सिनेमा जगत से जुड़े दो बड़े नाम शामिल हैं। इस दिन 1921 में भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकार सत्यजीत रे का जन्म हुआ था। वे न केवल एक उत्कृष्ट निर्देशक थे, बल्कि लेखक, पटकथा लेखक और संगीतकार के रूप में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

वहीं, 02 मई 1519 को पुनर्जागरण काल के महान चित्रकार और वैज्ञानिक लिओनार्दो दा विंची का निधन हुआ था। दा विंची को दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली और बहुमुखी व्यक्तित्वों में गिना जाता है। उनकी कृतियां, जैसे मोनालिसा और द लास्ट सपर, आज भी कला जगत में अद्वितीय मानी जाती हैं।

इस तरह 02 मई का दिन एक ओर जहां सृजनात्मकता और कला के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर एक महान कलाकार की विरासत को याद करने का अवसर भी प्रदान करता है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1924: नीदरलैंड ने सोवियत संघ को मान्यता देने से इनकार कर दिया।

1933 - जर्मनी में हिटलर ने मजदूर संघों पर प्रतिबंध लगा दिया।

1945 - इटली में मौजूद जर्मन सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया।

1949 - महात्मा गांधी की हत्या के मामले की सुनवाई शुरू।

1950 - फ्रांस ने कोलकाता के पास स्थित अपने उपनिवेश चंद्रनगर को भारत सरकार को सौंपा।

1952 - दुनिया के पहले जेट विमान डी हैविलैंड ने लंदन से जोहानिसबर्ग के बीच पहली उड़ान भरी।

1986 - सं.रा. अमेरिका की 30 वर्षीया एन. बैन्क्राफ उत्तरी ध्रुव पर पहुँचने वाली प्रथम महिला बनीं।

1997 - ब्रिटेन में 18 वर्षों बाद लेबर पार्टी सत्ता में, उसके नेता टोनी ब्लेयर ब्रिटेन के संसदीय इतिहास में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने।

1999 - मिरया मोस्कोसो पनामा की प्रथम महिला राष्ट्रपति नियुक्त।

2002 - पाकिस्तान के इंजामामुल हक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 329 रन बनाये।

2003 - भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को फिर जोड़ने का ऐलान किया। यह रिश्ते दिसंबर 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद तोड़ दिए गए थे।

2004 - मारेक बेल्का पोलैंड के नये प्रधानमंत्री बने।

2008 - अनिल अम्बानी ग्रुप की फर्म रिलायंस पावर लिमिटेड ने इण्डोनेशिया में तीन कोयला खदानों का अधिग्रहण किया।

2008 - ब्रिटेन के स्थानीय चुनाव में सत्तारुढ़ लेबर पार्टी की हार हुई। अमेरिका ने म्यांमार पर नए प्रतिबन्ध लगाये।

2010 - सेवी का प्राथमिक पूंजी बाजeर में नए इश्युओं की खरीद के लिए आवेदन करते समय संस्थागत निवेशकों को भी खुदरा निवेशकों की तरह शत प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश प्रभावी हो गया।

जन्म

1921 - सत्यजीत रे - ऑस्कर पुरस्कार सम्मानित फ़िल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक थे।

1921 - ब्रज बासी लाल - भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक पुरातात्विक स्थलों का अन्वेषण एवं उत्खनन कराने वाले प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद् थे।

1922 - विल्सन जोन्स - भारत के पेशेवर बिलियर्ड्स खिलाड़ी थे।

1929 - विष्णु कांत शास्त्री - भारतीय राजनीतिज्ञ एवं साहित्यकार थे।

1929 - जिग्मे दोरजी वांग्चुक - भूटान के तीसरे राजा थे।

1935 - दया प्रकाश सिन्हा - हिन्दी के प्रतिष्ठित लेखक, नाटककार, नाट्यकर्मी, निर्देशक व चर्चित इतिहासकार हैं।

1939 - विश्वेश्वर नाथ खरे - भारत के उच्चतम न्यायालय के भूतपूर्व 33वें न्यायाधीश रहे हैं।

1968 - उषा बारले- भारत की प्रसिद्ध लोक गायिका हैं जो पण्डवानी गायन के लिये जानी जाती हैं।

निधन

1519 - लिओनार्दो दा विंची - इटलीवासी, महान चित्रकार।

1928 - हेमचन्द्र गोस्वामी- आधुनिक असमिया साहित्य के शुरुआती दौर के भारतीय लेखक, कवि, इतिहासकार, शिक्षक और असम के भाषाविद थे।

1975 - पद्मजा नायडू - प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ श्रीमती सरोजिनी नायडू की पुत्री।

1981 - यशवंत सिंह परमार - भारत के राजनेता और एक स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी थे।

1985 -बनारसीदास चतुर्वेदी- प्रसिद्ध पत्रकार और साहित्यकार। </description><guid>51293</guid><pubDate>01-May-2026 10:02:52 am</pubDate></item><item><title>ईसीआई ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड आधारित आईडी प्रणाली शुरू की</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51291</link><description>भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने चुनावों के दौरान मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने और अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है।
यह नई प्रणाली 4 मई से असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनावों के लिए मतगणना के दौरान लागू की जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा कि इस व्यवस्था को बाद में सभी भावी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी लागू किया जाएगा।
इस पहल के तहत, ईसीआई ने मतगणना स्थलों पर सुरक्षित और सुव्यवस्थित पहुंच नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपने ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म में क्यूआर-आधारित पहचान सत्यापन मॉड्यूल को एकीकृत किया है।
ईसीआई ने बताया कि तीन स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर, रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा जारी किए गए पहचान पत्रों का मैन्युअल सत्यापन किया जाएगा। मतगणना कक्षों के पास स्थित सबसे भीतरी सुरक्षा स्तर पर, केवल क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना स्टाफ, तकनीकी टीम, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और मतगणना एजेंट सहित सभी अधिकृत कर्मियों के लिए क्यूआर-आधारित पहचान पत्र अनिवार्य होंगे।
यह कदम चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने के लिए आयोग द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो पिछले वर्ष शुरू किए गए 30 से अधिक सुधारों की श्रृंखला के बाद आया है, जिसमें बूथ स्तर के अधिकारियों के लिए क्यूआर-आधारित पहचान पत्र शामिल हैं।
मीडिया कवरेज को सुगम बनाने के लिए, मतगणना हॉल के पास समर्पित मीडिया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जबकि पत्रकारों को आयोग द्वारा जारी किए गए प्राधिकरण पत्रों के आधार पर प्रवेश दिया जाता रहेगा।
चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मतगणना प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता, दक्षता और सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सहित प्रणाली के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करें। </description><guid>51291</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:38:25 pm</pubDate></item><item><title>इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने ग्रामीण महिलाओं की वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए शून्य-शेष राशि वाला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बचत खाता शुरू किया है।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51290</link><description>इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने गुरुवार को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के लिए एक समर्पित बचत खाता शुरू किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करना और महिला नेतृत्व वाले समूहों को सशक्त बनाना है।
डाक विभाग के अधीन सरकारी स्वामित्व वाले भुगतान बैंक द्वारा शुरू की गई यह नई पेशकश स्वयं सहायता समूहों को एक सरल, बिना किसी लागत वाला बैंकिंग समाधान प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे वे औपचारिक वित्तीय प्रणाली में अधिक प्रभावी ढंग से एकीकृत हो सकें।
इस पहल की शुरुआत की घोषणा करते हुए आईपीपीबी के प्रबंध निदेशक और सीईओ आर विश्वेश्वरन ने कहा कि यह पहल बैंकिंग को सुलभ और समावेशी बनाने के बैंक के मिशन के अनुरूप है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह खाता महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को घर बैठे बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने में मदद करेगा।
संचार मंत्रालय के अनुसार, स्वयं सहायता समूह ग्रामीण आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी पहलों और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक द्वारा समर्थित कार्यक्रमों से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। उम्मीद है कि यह नया खाता औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच में सुधार करके इस व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
आईपीपीबी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बचत खाते में कई ग्राहक-हितैषी सुविधाएं हैं, जिनमें शून्य शेष राशि और शून्य शुल्क, न्यूनतम जमा राशि की कोई आवश्यकता नहीं और मासिक औसत शेष राशि की कोई शर्त नहीं शामिल हैं। इस खाते में अधिकतम ₹2 लाख तक की शेष राशि जमा की जा सकती है, तिमाही ब्याज भुगतान मिलता है और मुफ्त नकद जमा और निकासी के साथ-साथ एक मुफ्त मासिक विवरण भी मिलता है।
बैंक अपने विशाल डाक नेटवर्क (जिसमें लगभग 1.65 लाख डाकघर शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में हैं) और डाककर्मियों और ग्रामीण डाक सेवकों की पहुंच का लाभ उठाकर इन सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने की योजना बना रहा है। सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल ऑनबोर्डिंग और बायोमेट्रिक-आधारित बैंकिंग भी इस पेशकश का हिस्सा हैं।
2018 में शुरू किया गया आईपीपीबी, वंचित आबादी के लिए बैंकिंग पहुंच बढ़ाने के लिए काम कर रहा है और 55 लाख से अधिक गांवों और कस्बों में 13 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक पहुंच चुका है। नवीनतम पहल से वित्तीय समावेशन को और गति मिलने और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण भारत में महिलाओं के लिए। </description><guid>51290</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:37:52 pm</pubDate></item><item><title>शिवराज सिंह चौहान 1 मई को रायगड़ा में 1,698 करोड़ रुपये की पीएमजीएसवाई-IV सड़क परियोजना का शुभारंभ करेंगे।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51289</link><description>केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 1 मई को ओडिशा का दौरा करेंगे, जहां वे रायगड़ा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत एक प्रमुख ग्रामीण अवसंरचना पहल का शुभारंभ करेंगे।
बरिझोला स्थित आईएसीआर ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी की उपस्थिति में 1,698.04 करोड़ रुपये की ग्रामीण सड़क परियोजनाओं का अनावरण करेंगे।
पीएमजीएसवाई-IV के तहत, कुल 827 सड़क परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जो 1,701.84 किलोमीटर की दूरी को कवर करेंगी और पहली बार 898 बस्तियों को हर मौसम में सुगम सड़क संपर्क प्रदान करेंगी। बेहतर संपर्क से स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, चौहान मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को पीएमजीएसवाई-IV की स्वीकृति पत्र सौंपेंगे, जिसके बाद परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में ओडिशा के ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल मंत्री रबी नारायण नाइक के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के जन प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
ओडिशा ने पीएमजीएसवाई के विभिन्न घटकों के तहत पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है। अब तक राज्य में 74,725 किलोमीटर लंबी 17,963 सड़कें और 707 पुल स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 71,742 किलोमीटर लंबी 17,760 सड़कें और 658 पुल पूरे हो चुके हैं।
1 मई के कार्यक्रम से ग्रामीण संपर्क को मजबूत करके और बेहतर बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के माध्यम से विकसित भारत की व्यापक परिकल्पना में योगदान देकर ओडिशा के विकास की गति को और तेज करने की उम्मीद है। </description><guid>51289</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:37:03 pm</pubDate></item><item><title>मतगणना केंद्रों में अब केवल क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र से मिलेगा प्रवेश</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51288</link><description>नई दिल्ली, 30 अप्रैल । चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू कर दी है। इससे अनधिकृत व्यक्ति मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएगा। प्रणाली ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म पर आधारित है और इसकी शुरुआत चार मई को होने वाली मतगणना से होगी।

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं पुडुचेरी विधानसभा के चुनाव तथा पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतगणना चार मई को होगी।

गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की अधिसूचना बंबई उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था, जिससे 9 अप्रैल को इस सीट पर होने वाला मतदान भी रद्द हो गया था।

इस पहल के अंतर्गत तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली निर्धारित की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच होगी, जबकि तीसरे और सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे में केवल क्यूआर कोड स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी।

यह क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणना कर्मियों, तकनीकी स्टाफ, प्रत्याशियों और उनके एजेंटों सहित सभी अधिकृत व्यक्तियों के लिए अनिवार्य होंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करें। </description><guid>51288</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:33:09 pm</pubDate></item><item><title>अमित शाह शुक्रवार को लद्दाख में डेयरी व सहकारी पहलों का करेंगे उद्घाटन</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51287</link><description>नई दिल्ली, 30 अप्रैल । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को लद्दाख के लेह स्थित केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान (सीआईबीएस) में आयोजित कार्यक्रम में डेयरी एवं सहकारी क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना उपस्थित रहेंगे।

सहकारित मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम के दौरान लद्दाख में डेयरी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई अहम पहल की जाएंगी। कारगिल में 10 टन प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी जाएगी, जबकि लेह में दही और पनीर उत्पादन इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। साथ ही दूध के भंडारण और परिवहन को बेहतर बनाने के लिए बल्क मिल्क कूलर सिस्टम भी शुरू किया जाएगा।

सहकारी क्षेत्र में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एंड्रॉयड आधारित ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (एएमसीएस) ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे दूध खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसानों को भुगतान में सुविधा होगी।

इसके अलावा दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक मोबाइल दूध परीक्षण प्रयोगशाला को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। डेयरी उत्पादों के विपणन और वितरण को बढ़ाने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रगतिशील डेयरी किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह पहल सहकार से समृद्धि के विजन को आगे बढ़ाने और दूरदराज क्षेत्रों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। </description><guid>51287</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:31:36 pm</pubDate></item><item><title>सुशासन तिहार :आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार काे पेंशन योजना की मिली स्वीकृति</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51286</link><description>जगदलपुर, 30 अप्रैल। छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार जन-जन तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित 'सुशासन तिहार' के तहत आज जिले के जनपद पंचायत तोकापाल अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पलवा (बाघनपाल) से एक सुखद तस्वीर सामने आई है, जहां पति की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही लालिमा ठाकुर के लिए शासन की योजनाएं एक बड़ा सहारा बनी हैं। अपने पति स्वर्गीय संजय ठाकुर के आकस्मिक निधन के बाद लालिमा ठाकुर और उनके बेटे चंदू ठाकुर के सामने जीवन-यापन का गहरा संकट खड़ा हो गया था। परिस्थितियों के आगे विवश लालिमा ठाकुर ने शासन द्वारा आयोजित 'सुशासन तिहार' में अपनी पीड़ा साझा की और राष्ट्रीय परिवार सहायता एवं इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के तहत मदद की गुहार लगाई।

समाज कल्याण विभाग ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता दिखाई और जनपद पंचायत के द्वारा ग्राम पंचायत से संपर्क कर तत्काल लालिमा ठाकुर के आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और बीपीएल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता परीक्षण के पश्चात विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें पेंशन योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

इस त्वरित राहत से अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाए जा रहे सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण हो गया। लालिमा ठाकुर और उनके पुत्र चंदू ठाकुर ने इस मानवीय पहल और समय पर मिली आर्थिक सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया है। </description><guid>51286</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:25:46 pm</pubDate></item><item><title>सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने दिया धरना</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51285</link><description>
सारण, 30 अप्रैल । जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर आज सारण जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने एकदिवसीय धरना दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष आयोजित एकदिवसीय धरना में जिले भर से आए सैकड़ों शिक्षकों ने विभाग की कार्यशैली के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया। दोपहर 1:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चले इस धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने की जबकि मंच संचालन प्रधान सचिव दिनेश कुमार सिंह द्वारा किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा यदि हमारी न्यायसंगत मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो यह प्रदर्शन केवल एक ट्रेलर है अभी असली लड़ाई बाकी है।

प्रधान सचिव दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि संगठन की मांगों की अनदेखी करना शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए भविष्य में ठीक नहीं होगा। शिक्षकों ने मुख्य रूप से राघवेंद्र शर्मा बनाम राज्य सरकार मामले में पारित आदेश के आलोक में अहर्ताधारी शिक्षकों को प्रोन्नति देने, स्नातक एवं प्रधानाध्यापक पद पर छूटे हुए शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ देने और विशिष्ट व प्रधान शिक्षकों के बकाया वेतन भुगतान की मांग की। इसके अतिरिक्त शिक्षकों ने शहरी आवास भत्ता, ईपीएफओ का बकाया भुगतान और प्रधान शिक्षकों को वेतन संरक्षण का लाभ देने की भी पुरजोर वकालत की।

धरना स्थल पर जुटे शिक्षकों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। सभा को संरक्षक ब्रजेश कुमार सिंह, प्रदीप प्रभाकर, केदार राय और कमलेश कुमार सिंह सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विभाग भ्रष्टाचार मुक्त हो और शिक्षकों के आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगे। धरने के अंत में एक मांग पत्र भी सौंपा गया, जिसमें जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की बात कही गई है। </description><guid>51285</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:23:28 pm</pubDate></item><item><title>रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया सिंचाई विभाग का अभियंता, 25 हजार रुपये बरामद</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51283</link><description>गुवाहाटी, 30 अप्रैल। असम के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए दरंग जिला मुख्यालय मंगलदै स्थित सिंचाई विभाग के एक कार्यकारी अभियंता को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि अभियंता लंबित बिलों के भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था।

असम पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गयी सूचना के अनुसार, सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय को एक शिकायत मिली थी, जिसमें कार्यकारी अभियंता ताजुल इस्लाम सिद्दीकी पर 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने कानूनी कार्रवाई के लिए निदेशालय से संपर्क किया।

शिकायत के आधार पर 30 अप्रैल को निदेशालय की टीम ने मंगलदै के शांतिपुर स्थित कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में जाल बिछाया। इस दौरान अभियंता को शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद कर स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्त कर ली गई।

इस संबंध में एसीबी थाना में 30 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(ए) के तहत दर्ज किया गया है।

प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अभियुक्त अभियंता को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। </description><guid>51283</guid><pubDate>30-Apr-2026 5:22:23 pm</pubDate></item><item><title>देश में एलपीजी की सौ फीसदी आपूर्ति की गई सुनिश्चित, स्टॉक की कमी नहीं: केंद्र</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51282</link><description>
नई दिल्ली, 30 अप्रैल। पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों और मौजूदा संकट के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई 100 फीसदी सुनिश्चित की गई है। एलपीजी बुकिंग की अवधि को भी कुशलतापूर्वक मैनेज करने के प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक की कमी नहीं है, जबकि आपूर्ति भी बिना रुकावट जारी है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई सौ फीसदी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि बुकिंग की अवधि को भी कुशलतापूर्वक मैनेज करने के प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक की कमी नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग लगभग 98 फीसदी तक बढ़ गई है। वहीं, लगभग 93 फीसदी एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' सिस्टम के माध्यम से की जा रही है।

सुजाता शर्मा ने बताया कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई लगभग 70 फीसदी तक बहाल कर दी गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की तीन-सदस्यीय समिति, राज्य सरकारों के समन्वय से कमर्शियल एलपीजी की निरंतर बिक्री सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस महीने लगभग 1,92,532 टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है, जिसमें अकेले कल ही लगभग 8,500 टन की बिक्री हुई। इसके अलावा एलपीजी वितरक पर कहीं भी स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग में संयुक्त सचिव, अपर्णा एस. शर्मा ने कहा कि उर्वरकों की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है और आपूर्ति जरूरत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि खरीफ 2026 सीजन के लिए 390.54 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) की जरूरत के मुकाबले मौजूदा स्टॉक 193.38 एलएमटी है, जो लगभग 50 फीसदी है।

उन्होंने बताया कि यह बेहतर योजना, पहले से स्टॉक रखने और कुशल लॉजिस्टिक्स को दिखाता है, जिससे सभी राज्यों में आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। यूरिया की उपलब्धता 73.81 एलएमटी और डीएपी की 23.47 एलएमटी है, जबकि अन्य उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। शर्मा ने कहा कि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

अपर्णा एस. शर्मा ने कहा कि वैश्विक संकट के बाद घरेलू उत्पादन और आयात स्थिर बने हुए हैं, जिससे कुल उपलब्धता में लगभग 78 एलएमटी की बढ़ोतरी हुई है। इसमें 62.37 एलएमटी घरेलू उत्पादन से और 15.39 एलएमटी आयात से आया है। वहीं, वैश्विक टेंडरों के जरिए लगभग 38 एलएमटी यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और फॉस्फेटिक तथा पोटाशिक उर्वरकों के लिए लगभग 19 एलएमटी के टेंडर जारी किए गए हैं। उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है और कुल आपूर्ति मज़बूत तथा स्थिर बनी हुई है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।

उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से कंट्रोल रूम ने 8,155 कॉल और 17,000 से ज़्यादा ईमेल संभाले हैं। इनमें पिछले 24 घंटों में आई 121 कॉल और 285 ईमेल भी शामिल हैं। मुकेश मंगल ने कहा कि मंत्रालय ने अब तक 2,857 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित देश वापसी में मदद की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में लौटे 28 नाविक भी शामिल हैं। पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी भीड़भाड़ की कोई खबर नहीं है। </description><guid>51282</guid><pubDate>30-Apr-2026 4:35:11 pm</pubDate></item><item><title>दिल्ली के केशव कुंज में संघ गंगा के तीन भगीरथ का 100वां मंचन प्रेरणादायक</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51281</link><description>नई दिल्ली, 30 अप्रैल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में दिल्ली के संघ कार्यालय केशव कुंज के अशोक सिंघल सभागार में संघ गंगा के तीन भगीरथ नामक हिंदी नाटक का मंचन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा और संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर उपस्थित रहे।

संघ गंगा के तीन भगीरथ नाटक संघ के प्रथम तीन सरसंघचालकों- डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) और बालासाहेब देवरस के जीवन एवं उनके योगदान पर आधारित है। नाटक के माध्यम से संघ की सौ वर्षों की यात्रा को सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया है। संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार शाम आयोजित इस नाटक का यह 100वां मंचन था।

इस अवसर पर मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, संघ गंगा के तीन भगीरथ जैसी प्रस्तुतियां राष्ट्रभक्ति, संगठन, अनुशासन और समर्पण की भावना को सशक्त करती हैं। गंगा के समान यह वैचारिक और सांस्कृतिक प्रवाह निरंतर चलता रहता है और इसी प्रवाह से समाज तथा राष्ट्र को नई दिशा मिलती है। नाटक, मंचन, लेखन और अन्य सांस्कृतिक कलाकृतियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का यह कार्य सतत आगे बढ़ता रहे, यही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

यह नाटक श्रीधर गाडगे द्वारा लिखित तथा संजय पेंडसे द्वारा निर्देशित है। यह नाट्य कृति उन महान विभूतियों के जीवन को सजीव करती है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक सशक्त, अनुशासित और व्यापक संगठन का निर्माण किया।

संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस नाटक के अनेक मंचन देशभर में आयोजित किए जा रहे हैं। नाटक का उद्देश्य राष्ट्रवाद, स्व-अनुशासन, सामाजिक समरसता और संघ के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार, कलाकार और नागरिक उपस्थित रहे।

संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 30 अप्रैल 2025 से पूरे देश में इस नाटक का मंचन किया जा रहा है। दिल्ली में इसके पहले भिन्न-भिन्न स्थानों पर इस नाटक का मंचन किया जा चुका है। </description><guid>51281</guid><pubDate>30-Apr-2026 4:33:59 pm</pubDate></item><item><title>एपेडा ने पीलीभीत में बासमती और जैविक प्रशिक्षण केंद्र के लिए 70 साल का पट्टा समझौता किया</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51278</link><description>कृषिएवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण नेभारत के बासमती चावल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से पीलीभीत में एक बासमती और जैविक प्रशिक्षण केंद्र-सह-प्रदर्शन फार्म स्थापित करने के लिए कृषि विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 70 साल के पट्टे समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित केंद्र पीलीभीत के टांडा बिजैसी में लगभग सात एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस सुविधा में एक सभागार, बासमती और जैविक खेती पर संग्रहालय और गैलरी, सम्मेलन कक्ष, प्रयोगशाला और जैविक सामग्रियों के भंडारण के लिए स्थान शामिल होगा।
यह केंद्र किसानों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और कृषि विशेषज्ञों एवं छात्रों के लिए अनुसंधान सहायता के केंद्र के रूप में कार्य करेगा। एक बार चालू हो जाने पर, यह देश का पहला एकीकृत प्रशिक्षण और प्रदर्शन फार्म होगा जो पारंपरिक और जैविक बासमती की खेती दोनों को कवर करेगा, जिससे उत्तर प्रदेश और पड़ोसी उत्तराखंड के किसानों को लाभ होगा।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्रीजितिन प्रसाद नेपीलीभीत को बासमती उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र के रूप में इसकी क्षमता पर प्रकाश डाला और जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आगंतुकों और छात्रों के लिए अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केंद्र में एआई-आधारित इंटरैक्टिव संग्रहालय स्थापित करने का सुझाव दिया, साथ ही गुणवत्तापूर्ण बासमती बीज और जैविक सामग्री के लिए एक समर्पित आउटलेट भी बनाने की बात कही।
इसी क्रम में, 2026-2028 के लिए एआई-आधारित बासमती धान सर्वेक्षण परियोजना का अनावरण किया गया। यह पहल लगभग 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगी, 15 लाख से अधिक जमीनी स्तर के सर्वेक्षण बिंदुओं से डेटा एकत्र करेगी और 5 लाख से अधिक किसानों को इसमें शामिल करेगी। इसका उद्देश्य सटीक फसल मूल्यांकन, किस्मों की पहचान, वैज्ञानिक परामर्श सेवाएं और बेहतर निर्यात योजना को सक्षम बनाना है।
आगामी सुविधा को राष्ट्रीय स्तर के बासमती परीक्षणों के लिए अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) के तहत एक केंद्र के रूप में भी नामित किया गया है, जो क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुकूल नई किस्मों के परीक्षण और मूल्यांकन में सहायता प्रदान करेगा।
मंत्रालय ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य बासमती पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, उत्पादकता में सुधार करना और भारत के कृषि निर्यात को समर्थन देना है। </description><guid>51278</guid><pubDate>30-Apr-2026 3:44:41 pm</pubDate></item><item><title>राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, ओलावृष्टि से बदला मौसम</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51277</link><description>जयपुर, 30 अप्रैल । राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार दोपहर बाद प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। विशेष रूप से जोधपुर और कोटा संभाग के जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। बाड़मेर, अलवर, कोटा सहित कई जिलों में चने के आकार के ओले गिरे, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी व हीटवेव से राहत मिली।

प्रदेश के श्रीगंगानगर, सीकर, पिलानी समेत 10 से अधिक शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे मापा गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने गुरुवार को भी आठ जिलों में बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

बुधवार को चित्तौड़गढ़ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके अलावा जैसलमेर में 42.6, बाड़मेर में 42, बीकानेर में 41.4, जोधपुर और कोटा में 41.3, अजमेर में 40.4, उदयपुर में 40.5 तथा जयपुर में 41 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी जयपुर में दिनभर तेज गर्मी और उमस बनी रही।

हल्के बादलों की आवाजाही के बीच अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 28.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया। उदयपुर में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। दिन का तापमान 40.5 डिग्री और रात का तापमान 25.6 डिग्री रहा। दोपहर के समय बाजारों में गर्मी के कारण सन्नाटा नजर आया।

जोधपुर में दिनभर उमस और गर्मी के बाद शाम को अचानक बारिश हुई। शास्त्री नगर क्षेत्र में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। जालोरी गेट, सरदारपुरा और बासनी क्षेत्रों में रिमझिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया।

सीकर में तापमान 40 डिग्री से नीचे आ गया। आंधी और बारिश के कारण तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट मापी गई। अजमेर में दिनभर तेज धूप और गर्मी रही, लेकिन शाम को धूलभरी हवाओं के साथ हल्की बारिश ने मौसम बदल दिया। अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री और न्यूनतम 27.9 डिग्री रहा।

अलवर जिले में दोपहर बाद तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। केरवाजाट गांव सहित कई क्षेत्रों में जमीन पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। कोटा में दो दिनों में तापमान में लगभग 4 डिग्री की गिरावट आई।

शाम को तेज बारिश और ओलों ने लोगों को गर्मी से राहत दी।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों तक राजस्थान के कई जिलों में पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा। इस दौरान आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट हो सकती है तथा हीटवेव से अस्थायी राहत मिलने के आसार हैं। </description><guid>51277</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:48:24 pm</pubDate></item><item><title>देवरिया : सपा कार्यकर्ता और पूर्व विधायक सहित कई नेता हिरासत में लिए गए</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51276</link><description>देवरिया, 30 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद की बरहज तहसील मुख्यालय पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी(सपा) के प्रदर्शन के एलान के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस बीच सपा के कई कार्यकर्ताओं को नगर के पीडब्ल्यूडी डाक बंगले से पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

दरअसल सपा कार्यकर्ता डाक बंगले में एक बैठक कर रहे थे। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, सीओ राजेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और मौके से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव, गेनालाल यादव, अंबिका चौधरी और राजन भुर्जी शामिल थे। इन सभी को हिरासत में लेकर देवरिया मुख्यालय भेज दिया गया है।

यह कार्रवाई धरना प्रदर्शन और तहसील घेराव की सूचना के मद्देनजर की गई। तहसील परिसर में फायर ब्रिगेड, पीएसी के जवानों के साथ-साथ कई थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई है।

एसडीएम हरि शंकर ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लगाई गई है। जिसके चलते किसी भी प्रदर्शन या बैठक की अनुमति नहीं है। इसी का पालन करते हुए कई कुछ नेता एवं कार्यकर्ताओं के एक जगह इकठ्ठा होने की जानकारी पर उन्हें हिरासत में लिया गया है। </description><guid>51276</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:47:32 pm</pubDate></item><item><title>पेट्रोल पंपों पर खाद्य आपूर्ति विभाग की छापेमारी, कई खामियाँ मिलीं</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51275</link><description>हरिद्वार, 30 अप्रैल। जनपद में खाद्य आपूर्ति विभाग ने पेट्रोल पंपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए औचक निरीक्षण किया। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल के नेतृत्व में 4 सदस्यीय टीम ने लक्सर क्षेत्र के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की, जिससे संचालकों में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान राम राणा फिलिंग स्टेशन (हबीबपुर कुडी), एमवी फिलिंग स्टेशन (नमारा हबीबपुर कुडी) और रायसी डीजल सेंटर (रायसी) में कई तरह की खामियाँ पाई गईं। टीम ने मौके पर ही कमियों को दर्ज कर आवश्यक निर्देश जारी किए।

जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को मानकों के अनुसार मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए ईंधन का पर्याप्त और सुरक्षित स्टॉक बनाए रखने को भी कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निरीक्षण में मिली कमियों को लेकर संबंधित पेट्रोल पंपों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।इस दौरान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मदन रावत, दिवेश कुमार शर्मा और तोशनाथ शर्मा भी टीम के साथ मौजूद रहे। </description><guid>51275</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:46:31 pm</pubDate></item><item><title>एसआईआर को मुद्दा बनाकर चुनाव नहीं जीता जा सकता : दिलीप घोष</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51274</link><description>कोलकाता, 30 अप्रैल : पश्चिम बंगाल में पहले और दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। दोनों चरणों में मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर पर रहा। मतगणना चार मई को होगी। इस बीच भारतीय जनता पार्टी नेता और खड़गपुर सदर सीट से पार्टी के उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि एसआईआर को मुद्दा बनाकर कोई भी चुनाव नहीं जीत सकता।

गुरुवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, यह बिल्कुल क्रिकेट के पहले और दूसरे इनिंग्स की तरह है। जीतने वाली टीम दोनों इनिंग्स में अच्छा प्रदर्शन करती है। पहले चरण में जो हुआ, दूसरे चरण में भी उसी की निरंतरता देखने को मिली। कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में मतदान प्रतिशत ऐतिहासिक रहा।

उन्होंने आगे कहा, मैंने पहले ही कहा था कि ज्ञानेश कुमार ने दो चरणों में चुनाव कराने की बड़ी चुनौती उठाई थी। जनता के सहयोग, प्रशासन, पुलिस और चुनाव आयोग के सामूहिक प्रयास से मतदान बहुत अच्छे तरीके से संपन्न हुआ। ममता बनर्जी ने कई रैलियां कीं, लेकिन उनका एक ही मुद्दा थाएसआईआर। एसआईआर को मुद्दा बनाकर कोई भी चुनाव नहीं जीत सकता। </description><guid>51274</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:45:36 pm</pubDate></item><item><title>अविमुक्तेश्वरानंद 3 मई को गोरखपुर से 81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा करेंंगे शुरू</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51273</link><description>वाराणसी,30 अप्रैल । ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगामी 3 मई को गोरखपुर से 81 दिवसीय गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा का शुरू करने का ऐलान किया है। इस यात्रा के लिए वे दो मई को काशी से गोरखपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। यह जानकारी केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ के संजय पांडेय ने गुरुवार काे दी। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार को काशी में आए और भक्तों को दर्शन एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन किया। वे गोरखपुर जाने से पहले काशी में ही प्रवास करेंगे। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य आज सायंकाल श्रीविद्यामठ में श्रीगुरुकुलम न्यास की ओर से आयोजित गौ प्रहरी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे। </description><guid>51273</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:42:46 pm</pubDate></item><item><title>ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई सैन्य ताकत, हमने अपनी शर्तों पर युद्ध को रोका : राजनाथ</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51272</link><description>नई दिल्ली, 30 अप्रैल । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को साफ संदेश दिया कि किसी भी हालत में आतंकवाद की कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को इस खतरे के खिलाफ सरकार के पक्के इरादे का सबूत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद एक गलत सोच से निकलता है, जिसे धार्मिक रंग देकर या हिंसक सोच से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश की जाती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद एक बिगड़ी हुई और गलत सोच से पैदा होता है। यह इंसानियत पर एक काला धब्बा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नेशनल सिक्योरिटी का मामला नहीं, बल्कि यह असल में इंसानियत के खास मूल्यों की रक्षा करने की लड़ाई है। यह एक ऐसी वहशी सोच के खिलाफ लड़ाई है, जो हर इंसानी मूल्य के सीधे खिलाफ है। हमने देश और विदेश दोनों जगह इस भारतीय नजरिए को साफ तौर पर बताया है। आतंकवाद सिर्फ एक देश विरोधी काम नहीं है। इसके कई पहलू हैं- ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक। इससे तभी निपटा जा सकता है, जब हम इन सभी पहलुओं से निपटें।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक आतंकवाद रहेगा, यह सबकी शांति, विकास और खुशहाली को चुनौती देता रहेगा। आतंकवाद को धार्मिक रंग देकर या नक्सलवाद जैसी हिंसक सोच से जोड़कर उसे सही ठहराने की कोशिश की जाती है। यह बहुत खतरनाक है और एक तरह से आतंकवादियों को कवर फायर देता है, ताकि वे धीरे-धीरे अपने मकसद की ओर बढ़ सकें। आतंकवाद को पाकिस्तान के लगातार सहयोग पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय पर आजाद हुए थे, लेकिन आज भारत दुनिया भर में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को इंटरनेशनल टेररिज्म का केंद्र माना जाता है।

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों के मिल-जुलकर काम करने और तालमेल का एक शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं ने मिलकर और एक योजना के तहत काम किया, जिससे यह पक्का हो गया कि भारत की सैन्य ताकत अब अकेले काम नहीं करती, बल्कि यह एक मिली-जुली, इंटीग्रेटेड और ग्लोबल ताकत के तौर पर उभरी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत किसी के झांसे या न्यूक्लियर हमले की धमकी में नहीं फंसा और तय लक्ष्यों को पूरा किया। यह एक ऐसा भारत है, जो आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करता। </description><guid>51272</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:36:48 pm</pubDate></item><item><title>अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक संघर्ष विराम के बीच भारतीय एयरलाइंस 1 मई से दोहा के लिए उड़ानें फिर से शुरू करेंगी।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51270</link><description>दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने गुरुवार को बताया कि भारत की प्रमुख एयरलाइंस 1 मई से दोहा के हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पूर्ण पैमाने पर परिचालन फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।
तीन भारतीय एयरलाइंस - एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो - द्वारा सेवाएं फिर से शुरू करने की उम्मीद है, जिससे दोहा को प्रमुख भारतीय शहरों और क्षेत्रीय केंद्रों से फिर से जोड़ा जा सकेगा।
यह पुनः आरंभ 28 फरवरी को ईरानी नेतृत्व और परमाणु सुविधाओं के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली संयुक्त सैन्य हमलों के कारण उत्पन्न व्यवधान की अवधि के बाद हुआ है, जो एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील हो गया और पश्चिम एशिया भर में विमानन संचालन को बाधित कर दिया।
कतर का हवाई क्षेत्र लगभग दो महीनों तक वाणिज्यिक यातायात के लिए काफी हद तक बंद रहा, और मार्च की शुरुआत से हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केवल सीमित आपातकालीन और निकासी उड़ानें ही संचालित की जा रही थीं।
दूतावास ने कहा कि यह कदम क्षेत्र में उड़ान संचालन को स्थिर करने के लिए वैश्विक विमानन अधिकारियों द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों का हिस्सा है, और यह भी कहा कि बदलती सुरक्षा स्थिति के कारण कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे समय सारिणी, टर्मिनल और बुकिंग संबंधी वास्तविक समय की जानकारी के लिए एयरलाइंस के संपर्क में रहें।
अप्रैल के मध्य में इस्लामाबाद में हुई एक नाजुक युद्धविराम संधि, जिसे हाल ही में डोनाल्ड ट्रम्प ने आगे बढ़ाया है, ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की धीरे-धीरे वापसी के लिए एक रास्ता खोल दिया है, और बीमा कंपनियां इस क्षेत्र में परिचालन को मंजूरी देना शुरू कर रही हैं। </description><guid>51270</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:27:27 pm</pubDate></item><item><title>वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम 5 से 7 मई तक भारत की यात्रा पर रहेंगी।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51269</link><description>विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 5 से 7 मई तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगी।
वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव भी रहे राष्ट्रपति तो लाम के साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा। इस महीने की शुरुआत में पदभार संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा होगी।
इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति तो लाम का 6 मई को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी अतिथि नेता से मुलाकात करेंगी, जबकि अन्य वरिष्ठ भारतीय गणमान्य व्यक्तियों के भी इस यात्रा के दौरान उनसे मिलने की उम्मीद है।
अपनी यात्रा के हिस्से के रूप में, राष्ट्रपति तो लाम बोधगया और मुंबई का दौरा करेंगे, जो भारत-वियतनाम संबंधों के सांस्कृतिक और आर्थिक आयामों को दर्शाता है।
यह दौरा भारत-वियतनाम संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है, जिसकी स्थापना प्रधानमंत्री मोदी की 2016 में वियतनाम यात्रा के दौरान हुई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच इस मुलाकात से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने और सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति तो लाम को उनके चुनाव पर बधाई दी थी, और विश्वास व्यक्त किया था कि भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता उनके नेतृत्व में और मजबूत होगी और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की थी। </description><guid>51269</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:26:47 pm</pubDate></item><item><title>राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी शर्तों पर रोका, पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताया।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51268</link><description>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी शर्तों पर रोक दिया और जरूरत पड़ने पर लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार है, साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र बताया।
एएनआई राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2.0 को संबोधित करते हुए, सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया में मौलिक रूप से बदलाव आया है, और उन्होंने शून्य सहिष्णुता की नीति पर बल दिया।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह ऑपरेशन भारत के सुरक्षा दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। वैश्विक राजनीति में प्रतिरोध के महत्व पर जोर देते हुए सिंह ने इस ऑपरेशन को भारत की सैन्य शक्ति का ठोस प्रमाण बताया।
भय बिन होये ना प्रीत (डर के बिना प्यार नहीं हो सकता)। यह निवारण के सार को दर्शाता है, उन्होंने कहा, और बताया कि यद्यपि यह अभियान 72 घंटे तक चला, लेकिन इसे व्यापक तैयारी और मजबूत रसद का समर्थन प्राप्त था।
रक्षा उत्पादन पर मंत्री ने कहा कि भारत की स्वदेशी क्षमताओं में वैश्विक विश्वास बढ़ा है और कई देशों ने इसके सैन्य उपकरणों में रुचि दिखाई है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात लगभग 39,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है।
पाकिस्तान की आलोचना करते हुए सिंह ने कहा कि आतंकवाद से परिचालन, वैचारिक और राजनीतिक स्तर पर निपटना होगा, और इस बात पर जोर दिया कि इसे बनाए रखने वाले तंत्र को खत्म करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा, आतंकवाद की असली जड़ें उसके वैचारिक और राजनीतिक समर्थन प्रणालियों में निहित हैं, और आगे कहा कि जहां भारत सूचना प्रौद्योगिकी का केंद्र है, वहीं पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के केंद्र के रूप में कुख्याति प्राप्त की है।
सिंह ने ऑपरेशन के दौरान परमाणु खतरों को भी खारिज करते हुए कहा कि भारत धोखे में नहीं फंसा।
इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने धार्मिक या वैचारिक आधार पर आतंकवाद को उचित ठहराने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी देते हुए ऐसी बातों को खतरनाक और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने कहा, इस तरह का औचित्य आतंकवादियों के लिए आवरण का काम करता है।
व्यापक भूराजनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए सिंह ने यूरोप और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता की ओर इशारा किया और कहा कि संघर्ष और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता वैश्विक व्यवस्था को नया आकार दे रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखलाओं और डिजिटल उपकरणों का तेजी से हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं कमजोर हो रही हैं।
उन्होंने कहा, दुनिया एक 'नई विश्व व्यवस्था' की ओर बढ़ रही है जो अक्सर एक अव्यवस्थित दुनिया की तरह प्रतीत होती है। भारत को अधिक सतर्कता के साथ आगे बढ़ना होगा।
एक संतुलित वैश्विक ढांचे की मांग करते हुए, सिंह ने एक ऐसी प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया जो गरिमा सुनिश्चित करे, संघर्षों को रोके और विनाश की ओर बढ़ने से बचाए। </description><guid>51268</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:25:18 pm</pubDate></item><item><title>अश्विनी वैष्णव ने जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाले 20 कोचों वाले वंदे भारत मार्ग को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51267</link><description>केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू-तवी को कटरा होते हुए श्रीनगर से जोड़ने वाली विस्तारित वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जम्मू और कश्मीर में रेल संपर्क को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना सर्वोपरि है, जबकि अगली प्राथमिकता पटरियों के दोहरीकरण के माध्यम से जम्मू-श्रीनगर रेल कॉरिडोर पर क्षमता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि काजीगुंड-अरिनगर खंड के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है, जिससे इस मार्ग पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।
मंत्री जी ने बताया कि जम्मू-कटरा-श्रीनगर मार्ग पर चलने वाली वंदे भारत सेवा की मांग जबरदस्त रही है और अब तक 55 लाख से अधिक यात्री इसमें सफर कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और इसमें माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान सहित अत्यधिक ठंड में भी चलने की क्षमता है। इसमें जमने से बचाने के लिए विशेष प्रणालियां भी लगी हैं।
इसके आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए, वैष्णव ने कहा कि रेल संपर्क ने घाटी से माल ढुलाई को बढ़ावा दिया है, जिसके तहत लगभग 2 करोड़ किलोग्राम सेब दिल्ली ले जाए गए हैं और चेरी की खेप के लिए विशेष बुकिंग की गई है।
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस उन्नत सेवा से यात्रियों और व्यापार दोनों को काफी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि 8 से 20 कोचों की वृद्धि से ट्रेन की क्षमता बढ़कर लगभग 1,400 यात्रियों की हो गई है, साथ ही निर्माण सामग्री, वाहनों और बागवानी उत्पादों सहित माल ढुलाई में भी सुधार हुआ है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कश्मीर घाटी के लिए लंबे समय से लंबित रेल लिंक को पूरा करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्रालय को दिया और इसे क्षेत्रीय संपर्क में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
यह ट्रेन, जो पहले श्रीनगर और श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलती थी, अब जम्मू तवी तक चलेगी, जिससे घाटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और अधिक सीधे तौर पर जुड़ जाएगी। यह सेवा 2 मई, 2026 से नियमित रूप से शुरू होगी, जिसमें सप्ताह में छह दिन ट्रेनों की दो जोड़ियाँ चलेंगी, जो जम्मू और श्रीनगर से सुबह और दोपहर दोनों समय यात्रा का विकल्प प्रदान करेंगी।
इस विस्तार से यात्रियों को कटरा में ट्रेन बदलने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में सुगम यात्रा संभव हो सकेगी। इससे विशेष रूप से श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों और कश्मीर घाटी की यात्रा करने वालों के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस विकास से हर मौसम में बेहतर संपर्क सुनिश्चित होता है, खासकर सर्दियों के महीनों में जब जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर बर्फबारी के कारण सड़क मार्ग अक्सर बाधित हो जाता है। इस मार्ग पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में उन्नत हीटिंग सिस्टम और मौसम-प्रतिरोधी विशेषताएं हैं, जिससे विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित होता है।
इस विस्तारित सेवा से जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों सहित वस्तुओं की तेज और अधिक कुशल आवाजाही को सक्षम बनाकर व्यापार और स्थानीय व्यवसायों को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं में से एक, व्यापक उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है। इस मार्ग पर स्थित प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे मेहराब पुल, चेनाब रेल पुल और भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे पुल, अंजी खड्ड पुल शामिल हैं।
पिछले एक दशक में, जम्मू और कश्मीर में रेलवे के बुनियादी ढांचे में लगातार विस्तार हुआ है, जिसमें विद्युतीकरण, स्टेशन का पुनर्विकास और बेहतर कनेक्टिविटी शामिल है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों के साथ अधिक निकटता से एकीकृत करना है। </description><guid>51267</guid><pubDate>30-Apr-2026 2:22:32 pm</pubDate></item><item><title>दिल्ली में द्वारका के गोल्फ कोर्स तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51265</link><description>नई दिल्ली, 30 अप्रैल । दिल्ली के द्वारका में आज सुबह सेक्टर-24 स्थित गोल्फ कोर्स परिसर के तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। आशंका है कि बच्चे तालाब में गहराई तक चले गए और डूब गए। तीनों के शव तालाब निकाल लिए गए हैं। पुलिस आसपास के लोगों की मदद से इनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।

पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 7:07 बजे थाना सेक्टर-23 द्वारका में पीसीआर कॉल मिली कि सेक्टर-24 गोल्फ कोर्स के तालाब में तीन बच्चे डूब गए हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी टीम के साथ वहां पहुंचे। दमकल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को बुलाया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों बच्चों की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष के बीच है। बच्चों के कपड़े तालाब के किनारे मिले हैं। अंदेशा है कि वह नहाने के इरादे से तालाब में उतरे। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह हादसा लग रहा है। किसी भी थाने में बच्चों के लापता होने की सूचना दर्ज नहीं है। आसपास के सीसीटीवी के फुटेज देखे जा रहे हैैं।

इस घटना के बाद इलाके में मातम है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खुले जलाशयों और तालाबों के आसपास सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना से बचा जा सके। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के अनुसार, मामले की जांच जारी है और बच्चों की पहचान होने के बाद उनके स्वजन को सूचना दी जाएगी। </description><guid>51265</guid><pubDate>30-Apr-2026 11:26:37 am</pubDate></item><item><title>अलवर में एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में आग, 5 लोग जिंदा जले, पहचान मुश्किल, गाड़ी से सिर्फ हड्डियां बरामद</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51264</link><description>अलवर (राजस्थान)/भोपाल (मध्य प्रदेश), 30 अप्रैल । दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में देररात चलती कार में आग लगने से एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा जल गए। चालक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा बुधवार रात करीब 11 बजे मौजपुर के पास हुआ।

पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के चैनपुरा गांव निवासी परिवार वैष्णो देवी से दर्शन कर लौट रहा था। परिवार ने कार किराए पर ली थी। मौजपुर के पास पहुंचते ही कार में अचानक सीएनजी गैस का रिसाव हुआ, जिससे तुरंत आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कार में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। चालक किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन वह भी गंभीर रूप से झुलस गया। सूचना मिलते ही लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। आग बुझने के बाद कार पूरी तरह जल चुकी थी।

लक्ष्मणगढ़ थाना प्रभारी नेकी राम ने बताया कि यह घटना रात करीब 11 बजे की है। वाहन सीएनजी और पेट्रोल से संचालित था। गैस रिसाव के कारण आग लगी, जो देखते ही देखते भीषण रूप ले गई। हादसे में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्ची की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। आग इतनी तीव्र थी कि शव पूरी तरह जल गए हैं, जिनकी पहचान डीएनए जांच से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मौके पर मेडिकल टीम को बुलाया गया है और मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस बीच अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी भी रात में ही मौके पर पहुंच गए और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

पुलिस के अनुसार, मौजपुर में एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर के पास कार में अचानक आग लगी। रेस्कूयू टीम को आग बुझाने के बाद कार में से केवल हड्डियां मिलीं हैं। आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। अलवर की एएसपी प्रियंका रघुवंशी के अनुसार, रात करीब 11.15 बजे लक्ष्मणगढ़ पुलिस को कार में आग लगने की जानकारी मिली थी। रात करीब 11.30 बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी। आग बुझाने में करीब 15 मिनट का समय लगा। </description><guid>51264</guid><pubDate>30-Apr-2026 11:25:22 am</pubDate></item><item><title>पंडित धीरेन्द्र शास्त्री बोले- बड़े घर की माताएं भी पी रहीं शराब, कांग्रेस ने घेरा</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51263</link><description>भोपाल, 29 अप्रैल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक और बयान विवादों में आ गया है। नागपुर में कथा के दौरान उन्होंने कहा कि आजकल पुरुषों की तो छोड़ो, हमने सुना कि बड़े घरानों की माताएं भी पी रही हैं। राम-राम, राम-रामबजरंग बली बचाएं।'

बुधवार को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसके बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। छतरपुर में कांग्रेस नेता दीप्ति पांडे ने कहा कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। पूरा देश उन्हें सुनता है, ऐसे में माताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।

दरअसल, कथावाचक पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने नागपुर में चल रही कथा के दौरान 28 अप्रैल को व्यासपीठ से कहा था- जब कई माताएं ही विचित्र संस्कारों वाली हो जाएंगी तो बच्चों को क्या हलुआ संस्कार देंगी? हम तो सोच रहे हैं कि जिनकी घरवालियां पीती हैं, उनके कल के दिन बच्चे होंगे, वे बच्चे रोएंगे तो उन्हें भी शराब पिलाकर सुला देंगी। उन्होंने कहा कि पहले मर्यादा होती थी, संस्कार होते थे। लोग कुछ गलत करने से डरते थे लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं।

इस बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य दीप्ति पांडे ने कहा कि सृष्टि की सृजनकर्ता एक नारी ही होती है। वो मां है, जो बच्चे की प्रथम गुरु है। मातृ शक्ति के लिए इस तरह की भाषा का उपयोग करने का मैं विरोध करती हूं। उन्होंने बुधवार को वीडियो जारी कर कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी, मैं आपसे निवेदन करती हूं कि मातृ शक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का उपयोग करना बंद कर दें। आपने महिलाओं के खिलाफ अब कोई अनर्गल टिप्पणी की तो हमें आपके खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

यह पहला मौका नहीं है जब शास्त्री के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले भी नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को देश सेवा के लिए समर्पित करने की बात कही थी, जिस पर देशभर में विवाद हुआ था। धार्मिक मंच से दिए गए इस बयान ने एक बार फिर समाज और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। जहां समर्थक इसे सामाजिक चेतावनी बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं। </description><guid>51263</guid><pubDate>30-Apr-2026 11:23:59 am</pubDate></item><item><title>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सतत संरक्षण पर सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया और उत्तराखंड में समुदायों की भूमिका पर प्रकाश डाला।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51243</link><description>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों को शामिल करते हुए एक समन्वित और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, और इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामुदायिक भागीदारी और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां महत्वपूर्ण हैं।
नैनीताल के डॉ. रघुनांदन सिंह टोलिया प्रशासनिक अकादमी में वन पंचायतों, पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण शासन में जमीनी स्तर के संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण की समृद्ध विरासत है, और यहाँ की वन पंचायतें सामुदायिक वन प्रबंधन का एक सफल उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएँ न केवल वन संरक्षण और पुनर्जनन में योगदान देती हैं, बल्कि आजीविका और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को भी साकार करने में सहायक हैं।
वन पंचायतों को भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का एक मजबूत स्तंभ बताते हुए बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि उनका जमीनी अनुभव अमूल्य है और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के बराबर है। उन्होंने प्रतिनिधियों से बातचीत भी की और वन अग्नि निवारण, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और वित्तीय सहायता जैसे मुद्दों पर उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना।
प्राकृतिक संसाधनों की परस्पर संबद्धता पर जोर देते हुए, बिरला ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया और इसे एक सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सतत संरक्षण केवल स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से ही प्राप्त किया जा सकता है, जिनके पास गहन ज्ञान और व्यावहारिक विशेषज्ञता है।
जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली दीर्घकालिक पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड का सामुदायिक-संचालित संरक्षण मॉडल वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण के रूप में काम कर सकता है।
बिरला ने योग और आयुर्वेद जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला और बताया कि उत्तराखंड इन दोनों का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने स्थानीय निकायों के सहयोग से औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक कार्य योजना का आह्वान किया, जिसमें अनुसंधान, मूल्यवर्धन और आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के साथ एकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाए।
लोकसभा अध्यक्ष ने राज्य में वन संरक्षण प्रयासों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि उनकी भागीदारी सतत विकास पहलों को मजबूत करती है।
स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का आश्वासन देते हुए, बिरला ने जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरण के अनुकूल आजीविका को बढ़ावा देने और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
सांसद अजय भट्ट ने भी इस अवसर पर बोलते हुए समुदाय-संचालित पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। </description><guid>51243</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:39:47 am</pubDate></item><item><title>पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया; दूसरे चरण के चुनाव में 91.66% मतदान हुआ।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51242</link><description>भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बताया कि पश्चिम बंगाल में बुधवार को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 91.66% मतदान के साथ स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है।
दूसरे चरण का मतदान सुबह 7:00 बजे शुरू हुआ और शाम तक जारी रहा, जिसमें शाम 7:45 बजे तक मतदाताओं की भागीदारी 91.66% तक पहुंच गई। पहले चरण के 93.19% मतदान को मिलाकर, दोनों चरणों का कुल मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड 92.47% रहा, जो 2011 के विधानसभा चुनावों में दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर 84.72% को पार कर गया।
दूसरे चरण के लिए लिंगवार आंकड़े सभी समूहों में मजबूत भागीदारी दर्शाते हैं, जिसमें महिला मतदाताओं की भागीदारी 92.28% रही, जो पुरुष मतदाताओं की भागीदारी 91.07% से अधिक है, जबकि तीसरे लिंग की भागीदारी 91.28% रही।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की, जिसे दूसरे चरण के 100% मतदान केंद्रों पर लागू किया गया था।
चुनाव आयोग ने कहा कि भारी मतदान मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया में उनके विश्वास को दर्शाता है। भागीदारी बढ़ाने के लिए कई मतदाता-हितैषी पहलें लागू की गईं, जिनमें ईवीएम मतपत्रों पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें, मोबाइल जमा सुविधा, मतदाता सूचना पर्चियों का नया डिज़ाइन और भीड़ कम करने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1,200 मतदाताओं की सीमा शामिल है।
दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं, जिनमें व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और मतदान केंद्रों तक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल था।
दोनों चरणों में मतदान 24 जिलों में फैले 294 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ, जिसमें 68 लाख से अधिक मतदाता और लगभग 2926 उम्मीदवार मैदान में थे। चुनाव के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 85,000 से अधिक मतदान केंद्रों और 42 लाख से अधिक मतदान कर्मियों को तैनात किया गया था।
ईसीआई ने बताया कि मतदान के आंकड़े अस्थायी हैं और इनमें अभी तक सेवा मतदाताओं और डाक मतपत्रों को शामिल नहीं किया गया है। पूर्ण डेटा संकलन के बाद अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे। </description><guid>51242</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:38:40 am</pubDate></item><item><title>कोलंबो में आयोजित IN-SLN DIVEX 2026 के माध्यम से भारत और श्रीलंका ने समुद्री संबंधों को मजबूत किया।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51241</link><description>भारत और श्रीलंका ने 21 से 28 अप्रैल तक कोलंबो में आयोजित द्विपक्षीय गोताखोरी अभ्यास, आईएन-एसएलएन डाइवएक्स 2026 के चौथे संस्करण के सफल संचालन के माध्यम से अपनी बढ़ती समुद्री साझेदारी की पुष्टि की है।
रक्षा मंत्रालय (MoD) ने बताया कि एक सप्ताह तक चले इस अभ्यास में भारतीय नौसेना, जिसमें उसका गोताखोरी सहायता एवं पनडुब्बी बचाव पोत आईएनएस निरीक्षण भी शामिल था, और श्रीलंका नौसेना की गोताखोर टीमों ने भाग लिया। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय को बढ़ाना और पेशेवर तालमेल को मजबूत करना था।
जटिल जलमग्न अभियानों में अंतर-संचालनीयता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस अभ्यास में उन्नत गहरे समुद्र में गोताखोरी के अभ्यास शामिल थे, जिनमें विशेष मिश्रित गैस गोताखोरी भी शामिल थी। दोनों पक्षों के गोताखोरों ने बंदरगाह और खुले समुद्र में व्यापक गोताखोरी की, जिससे उच्च स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता और परिचालन तत्परता का प्रदर्शन हुआ।
इस अभ्यास का एक प्रमुख आकर्षण 55 मीटर से अधिक की गहराई में सफलतापूर्वक गोताखोरी करना था, जिससे पानी के भीतर खोज, बचाव और राहत कार्यों में संयुक्त क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिला। टीमों ने कोलंबो तट के पास एसएस वॉर्सेस्टर और एसएस पर्सियस सहित द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डूबे जहाजों पर मिश्रित गैस गोताखोरी भी की।
श्रीलंका के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी एस.जे. कुमारा, जो पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के ध्वज अधिकारी कमानधारी हैं, ने अभ्यास के दौरान आईएनएस निरीक्षण का दौरा किया और श्रीलंकाई गोताखोरों के प्रशिक्षण को बढ़ाने में भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की। उन्होंने दोनों सेनाओं के बीच विशेषज्ञता और सर्वोत्तम प्रथाओं के निरंतर आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया।
परिचालन अभ्यासों के अलावा, इस अभ्यास में गैल फेस में समुद्र तट की सफाई अभियान, मैत्रीपूर्ण खेल आयोजनों और योग सत्रों जैसी संयुक्त गतिविधियों के माध्यम से सौहार्द बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूती मिली।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, आईएनएस निरीक्षण के कमांडिंग ऑफिसर ने आईपीकेएफ स्मारक पर उन भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के अभियानों के दौरान अपनी जान गंवाई।
मानवीय सहयोग को और मजबूत करते हुए, भारत ने श्रीलंका में आपदा प्रतिक्रिया और चिकित्सा तैयारियों को बढ़ाने के लिए आरोग्य मैत्री पहल के तहत दो भीष्म (भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग, हित और मैत्री) क्यूब सौंपे।
यह अभ्यास आईएनएस निरीक्षण के लिए एक औपचारिक विदाई समारोह के साथ समाप्त हुआ, जो दोनों देशों के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी का प्रतीक है।
INSLN DIVEX 2026 हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति भारत और श्रीलंका की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जो क्षेत्रीय सहयोग के लिए भारत के व्यापक MAHASAGAR (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) दृष्टिकोण के अनुरूप है। </description><guid>51241</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:37:54 am</pubDate></item><item><title>भारत ने हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म से नौसेना की एंटी-शिप मिसाइल का पहला सफल प्रक्षेपण किया।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51240</link><description>भारत की समुद्री आक्रमण क्षमताओं को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने बुधवार को बंगाल की खाड़ी में ओडिशा के तट से दूर एक नौसैनिक हेलीकॉप्टर से नौसैनिक एंटी-शिप मिसाइल-शॉर्ट रेंज (एनएएसएम-एसआर) का पहला सफल प्रक्षेपण किया।
परीक्षण के दौरान, एक ही हेलीकॉप्टर से दो मिसाइलें एक के बाद एक दागी गईं, जो भारत में उन्नत वायु-प्रवेशित जहाज-रोधी मिसाइल प्रणाली का पहला सामूहिक प्रक्षेपण था। रक्षा मंत्रालय (MoD) ने कहा कि सभी परीक्षण उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, और चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में तैनात रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री के माध्यम से ट्रैकिंग डेटा प्राप्त किया गया।
मिसाइल प्रणाली ने सटीक जलरेखा भेदन क्षमता का भी प्रदर्शन किया, जो दुश्मन के जहाजों को अधिकतम नुकसान पहुंचाने के लिए डिज़ाइन की गई एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
स्वदेशी रूप से विकसित NASM-SR में सॉलिड प्रोपल्शन बूस्टर और लॉन्ग-बर्न सस्टेनर के साथ-साथ अत्याधुनिक सबसिस्टम भी लगे हैं, जिनमें अत्याधुनिक सीकर, इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स, फाइबर-ऑप्टिक जाइरोस्कोप आधारित इनर्टियल नेविगेशन सिस्टम, रेडियो अल्टीमीटर और हाई-बैंडविड्थ टू-वे डेटा लिंक शामिल हैं। इस सिस्टम में उन्नत नियंत्रण और मार्गदर्शन एल्गोरिदम और जेट-वेन नियंत्रण तकनीक भी समाहित है।
इस मिसाइल को हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला और चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज सहित अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित किया है। उद्योग भागीदारों और स्टार्टअप्स के सहयोग से इसका उत्पादन किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, नौसेना, भारतीय वायु सेना और उद्योग भागीदारों को बधाई दी और कहा कि मिसाइल का विकास भारत के सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने भी सफल प्रक्षेपण में शामिल टीमों की सराहना की। </description><guid>51240</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:36:32 am</pubDate></item><item><title>भारत का लक्ष्य 2030-31 तक 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात करना है; पीयूष गोयल ने लघु एवं मध्यम उद्यम, कृषि और ब्रांड इंडिया पर जोर दिया।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51239</link><description>केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत की 2030-31 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने की महत्वाकांक्षी योजना पर हुई प्रगति का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, और अधिकारियों को लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स, प्रमाणन और वैश्विक ब्रांडिंग पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।
सरकार ने 2030-31 तक वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात में 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए वाणिज्य विभाग ने एक संरचित निर्यात निगरानी ढांचा विकसित किया है, जिसमें राष्ट्रीय लक्ष्य को इंजीनियरिंग सामान, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट रणनीतियों में विभाजित किया गया है।
समीक्षा के दौरान गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि निर्यात को बढ़ावा देने की सफलता स्पष्ट समयसीमा, मापने योग्य परिणामों और मजबूत अंतर-मंत्रालयी समन्वय पर निर्भर करेगी। उन्होंने निर्यातकों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं के समय पर समाधान सुनिश्चित करने और वास्तविक समय में प्रगति की निगरानी के लिए एक आईटी-आधारित निगरानी प्रणाली की मांग की।
बैठक का एक प्रमुख केंद्र बिंदु निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम) का कार्यान्वयन था, जो निर्यातकोंविशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमोंको वित्त और बाज़ार तक बेहतर पहुँच प्रदान करके उनका समर्थन करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक अग्रणी पहल है। यह मिशन दो उप-योजनाओं के माध्यम से संचालित होता है: निर्यात प्रोत्साहन, जो व्यापार वित्त पर केंद्रित है, और निर्यात दिशा, जो बाज़ार तक पहुँच को बढ़ाती है।
उन्होंने बताया कि ईपीएम के अंतर्गत दस घटक पहले ही कार्यान्वित किए जा चुके हैं। इनमें ब्याज सब्सिडी, निर्यात फैक्टरिंग, ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए ऋण सहायता, संपार्श्विक सहायता, जोखिम-साझाकरण तंत्र और परीक्षण, प्रमाणीकरण, रसद और भंडारण के लिए सहायता शामिल हैं।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर के निर्यातकों तक पहुंचना चाहिए, जिनमें पहली बार निर्यात करने वाले और छोटे व्यवसाय शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्यात संवर्धन परिषदों, कमोडिटी बोर्डों और विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से पहुंच बढ़ाने का निर्देश दिया।
प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए, गोयल ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए कृषि निर्यात और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को और अधिक बढ़ावा देने के साथ-साथ विदेशी भंडारण और प्रमाणन प्रणालियों में सुधार करने का आह्वान किया। उन्होंने उन क्षेत्रों की पहचान करने का भी सुझाव दिया जहां आयात प्रतिस्थापन रणनीतियां निर्यात वृद्धि को पूरक कर सकती हैं।
वैश्विक स्तर पर पहचान बढ़ाने के लिए, मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक एकीकृत ब्रांड इंडिया पहचान बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्यातकों को अधिक पूर्वानुमान और योजना संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए व्यापार मेलों, क्रेता-विक्रेता बैठकों और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों का एक तीन वर्षीय सतत कार्यक्रम विकसित करने का भी प्रस्ताव रखा।
बैठक में ईपीएम के तहत शुरू की गई एक राहत योजना की भी समीक्षा की गई, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से प्रभावित निर्यातकों की सहायता करना है।
बैठक का समापन करते हुए गोयल ने कहा कि अनुशासित क्रियान्वयन, निरंतर निगरानी और समन्वित नीतिगत कार्रवाई के साथ 2 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, और साथ ही यह भी कहा कि सभी पहलों का परिणाम देश भर के निर्यातकों के लिए वित्त, रसद, अनुपालन और बाजार पहुंच में ठोस समर्थन के रूप में दिखना चाहिए। </description><guid>51239</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:33:40 am</pubDate></item><item><title>भारत आत्मनिर्भर जहाजरानी को बढ़ावा देने के लिए 51,383 करोड़ रुपये के निवेश से 62 नए जहाजों की योजना बना रहा है: सरबानंदा सोनोवाल</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51238</link><description>केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने बुधवार को कहा कि भारत समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में व्यापक प्रयास के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 62 जहाजों को शामिल करने की योजना के साथ अपनी समुद्री क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार करने के लिए तैयार है, जिसे ₹51,383 करोड़ के निवेश का समर्थन प्राप्त है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों के बीच एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, सोनोवाल ने चालू वित्त वर्ष में भारत की शिपिंग क्षमता को 2.85 मिलियन सकल टन भार (जीटी) तक बढ़ाने के लिए एक रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के खिलाफ देश की लचीलता को मजबूत करना है।
इस बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायन और उर्वरक, और वाणिज्य और उद्योग सहित प्रमुख मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ तेल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, जहाजरानी महानिदेशालय, राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड और विदेश व्यापार महानिदेशालय के अधिकारी भी शामिल हुए।
समुद्री शक्ति के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, सोनोवाल ने कहा कि सरकार भारत की आर्थिक मजबूती के मूल स्तंभ के रूप में जहाजरानी को स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा, आत्मनिर्भर जहाजरानी की दिशा में हमारा सफर एक रणनीतिक आवश्यकता है, और कंटेनर जहाज, एलपीजी वाहक, कच्चे तेल के टैंकर, ड्रेजिंग पोत और पर्यावरण अनुकूल टग जैसे सभी क्षेत्रों में बेड़े की क्षमता के तत्काल विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री ने समुद्री क्षेत्र में माल प्रवाह, जहाजों की आवाजाही और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए जहाज निर्माण क्षमताओं और बंदरगाह बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय शिपिंग निगम और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के बीच 59 जहाजों की खरीद के लिए प्रस्तावित संयुक्त उद्यम पर हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।
एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम उठाते हुए, सोनोवाल ने अधिकारियों को समुद्री क्षेत्र में मौजूद कमियों की पहचान करने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और समयबद्ध कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार करने वाला एक व्यापक श्वेत पत्र तैयार करने का निर्देश दिया। यह दस्तावेज कई मंत्रालयों के बीच घनिष्ठ समन्वय से तैयार किया जाएगा और इससे भविष्य के नीतिगत निर्णयों को दिशा मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने विशेषीकृत जहाजरानी में उभरते अवसरों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय जहाजरानी निगम को अमोनिया परिवहन करने में सक्षम जहाजों के निर्माण के लिए सुसज्जित किया जा रहा है, जो विकसित हो रहे हरित ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में एक प्रमुख घटक है।
सुरक्षा पर जोर देते हुए, सोनोवाल ने दोहराया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है, और एजेंसियों को संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया।
बैठक का समापन अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के आह्वान के साथ हुआ, क्योंकि सरकार वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखना जारी रखे हुए है और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों को आगे बढ़ा रही है। </description><guid>51238</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:32:17 am</pubDate></item><item><title>अश्विनी वैष्णव आज जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत मार्ग को हरी झंडी दिखाएगी।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51237</link><description>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार को जम्मू और श्रीनगर के बीच चलने वाली 20 कोचों वाली सीधी वंदे भारत ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी, जबकि आम जनता के लिए नियमित सेवाएं 2 मई से शुरू होंगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के अलावा, यह सेवा जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा के समय को कम करेगी और जम्मू और कश्मीर की दोनों राजधानियों के बीच हर मौसम में संपर्क बनाए रखने में सहायक होगी।
जम्मू मंडल के रियासी जिले के कटरा कस्बे और कश्मीर घाटी के श्रीनगर के बीच ऐतिहासिक रेल संपर्क का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून, 2025 को किया था।
लगभग 70 वर्षों तक कश्मीर घाटी और देश के शेष हिस्सों के बीच रेल संपर्क का सपना अधूरा ही रहा, और इस परियोजना पर काम 1990 के दशक के अंत में शुरू हुआ।
कश्मीर घाटी के भीतर पहली ट्रेन अक्टूबर 2008 में चली थी, जबकि कश्मीर घाटी और जम्मू डिवीजन के बीच रेल संपर्क स्थापित करने में 28,000 करोड़ रुपये की भारी लागत आई थी।
विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण रेल संपर्क परियोजनाओं में से एक मानी जाने वाली, दुर्गम हिमालयी भूभाग पर पटरियां बिछाने को इंजीनियरिंग और मानवीय प्रयासों का चमत्कार बताया गया है।
कश्मीर घाटी के लोगों के लिए यह रेल संपर्क 2025 तक एक अधूरा सपना ही बना रहा, हालांकि ट्रेनें 2005 में उधमपुर शहर तक पहुंच चुकी थीं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक 20 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन जम्मू तवी (जाट) से अपनी पहली यात्रा शुरू करेगी और श्रीनगर तक जाएगी, जो दुर्गम भौगोलिक भूभाग को पार करते हुए इस क्षेत्र को जोड़ेगी।
अधिकारियों ने बताया, जम्मू से श्रीनगर के लिए सेवा शुरू होने के साथ ही, उसी दिन श्रीनगर से जम्मू के लिए एक ट्रेन रवाना होगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस सेवा के शुरू होने से पहले, मंगलवार को जम्मू से श्री माता वैष्णो देवी कटरा तक जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत सेवा का परीक्षण किया गया।
अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित और 20 डिब्बों वाली पहली वंदे भारत ट्रेन गुरुवार को कुल 267 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
जम्मू और श्रीनगर के बीच ट्रेन सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी। मंगलवार को इस मार्ग पर कोई सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा, स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके निर्मित यह वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।
इसमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'कवच' सुरक्षा प्रणाली, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और आरामदायक घूमने वाली सीटें जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
उन्होंने आगे कहा, यह सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा देगी।
पहले कटरा और श्रीनगर के बीच आठ डिब्बों वाली ट्रेन चलती थी। अब 20 डिब्बों वाली ट्रेन शुरू होने से इस मार्ग पर अधिक यात्री यात्रा कर सकेंगे। </description><guid>51237</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:30:54 am</pubDate></item><item><title>बेंगलुरु में दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख व्यक्त किया।</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51236</link><description>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बेंगलुरु में दीवार गिरने की घटना में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया, जिसमें तीन बच्चों सहित सात लोगों की जान चली गई।
प्रधानमंत्री ने X पर एक पोस्ट में इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से वित्तीय सहायता की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये मिलेंगे।
यह घटना बोरिंग और लेडी कर्ज़न अस्पताल के पास हुई, जहां बुधवार को बारिश के दौरान एक परिसर की दीवार गिर गई। अधिकारियों के अनुसार, जब दीवार गिरी तो कई लोग उसके पास शरण लिए हुए थे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा किया और पुष्टि की कि सात लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद एक बयान जारी कर हताहतों की संख्या की पुष्टि की।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से बात करने के बाद तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर सहायता प्रदान की और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच, विपक्ष के नेता आर. अशोक ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गिरी हुई दीवार एक सरकारी अस्पताल की थी और उन्होंने घटना की न्यायिक जांच की मांग की।
कांग्रेस नेता रिजवान अरशद ने इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया और कहा कि पीड़ित बारिश और बिजली गिरने से बचने के लिए दीवार की शरण में गए थे। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि दीवार दशकों पुरानी है, लेकिन संरचनात्मक रूप से कमजोर नहीं दिखती और जांच पूरी होने के बाद दोषियों को जवाबदेह ठहराने की मांग की। उन्होंने सरकार से मृतकों के लिए घोषित 5 लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाने का भी आग्रह किया।
अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है और बचाव एवं आकलन के प्रयास जारी रहने के कारण आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। </description><guid>51236</guid><pubDate>30-Apr-2026 10:29:55 am</pubDate></item><item><title>मतदान में धांधली और हिंसा पर आयोग की नीति जीरो टॉलरेंस : मनोज अग्रवाल</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51233</link><description>कोलकाता, 29 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के बीच बुधवार काे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन कर स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग किसी भी तरह की गड़बड़ी, लापरवाही या हिंसा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक 25 से 30 शिकायतें आने की बात कही जा रही है, लेकिन वास्तविक संख्या की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। हर शिकायत को रिकॉर्ड किया जा रहा है और सेक्टर ऑफिसर व प्रेसाइडिंग ऑफिसर से फोन पर मिलान करने के बाद ही एआरओ और डीईओ रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के आदेश दिए जाएंगे।

मनोज अग्रवाल ने कहा कि चुनाव आयोग ने साफ निर्देश दिया है कि इस चुनाव में किसी भी प्रकार की नेग्लिजेंस बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी बूथ पर जाकर कोई व्यक्ति ईवीएम या वीवीपैट मशीन पर टेप लगाकर मतदान प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश करता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

आरपी एक्ट 1951 और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत बूथ कैप्चरिंग और चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप को अपराध माना जाएगा। जहां भी इंटरफेरेंस की पुष्टि होगी, वहां तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सबसे अधिक शिकायतें दक्षिण 24 परगना जिले से मिली हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से संख्या को फॉलो नहीं कर रहे, लेकिन हर शिकायत की निगरानी की जा रही है। जिन बूथों पर ईवीएम पर ब्लैक टेप, व्हाइट टेप या किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की शिकायत मिली है, वहां वेबकास्टिंग फुटेज, ऑब्जर्वर रिपोर्ट और प्रेसाइडिंग ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर जांच होगी। अगर बड़ी संख्या में बूथ प्रभावित पाए जाते हैं तो पूरे विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय वाहिनी की होती है। यदि मॉक पोल के समय मशीनों पर टेप नहीं था और मतदान के दौरान पाया गया, तो यह स्पष्ट है कि किसी ने वोटिंग के दौरान यह हरकत की है। वेबकास्टिंग के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कौन व्यक्ति कितनी देर मतदान केंद्र में रहा। उसी आधार पर पूछताछ और इंटरोगेशन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उम्मीदवारों पर हमले की शिकायतों पर मनोज अग्रवाल ने कहा कि जहां-जहां से ऐसी शिकायतें मिली हैं, वहां कोलकाता पुलिस और केंद्रीय वाहिनी के जवान तुरंत पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दिन उम्मीदवारों पर हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय वाहिनी की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो लाठीचार्ज भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले केंद्रीय बलों के पास केवल हथियार रहते थे, लेकिन इस बार उनके पास लाठियां भी हैं ताकि भीड़ हिंसा या हमले की स्थिति में हालात नियंत्रित किए जा सकें। यदि किसी क्षेत्र में धारा 144 या अन्य प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं और भीड़ हिंसक हो जाती है, तो लाठीचार्ज करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जहां जितना मतदान हो चुका है, वह वैध रहेगा और शांति बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। </description><guid>51233</guid><pubDate>29-Apr-2026 7:05:07 pm</pubDate></item><item><title>ओडिशा के आदिवासी जीतू मुंडा की मदद को आगे आए कृषि मंत्री, एक माह की सैलरी देने की घोषणा</title><link>https://thevoicetv.in/national.php?articleid=51232</link><description>जयपुर, 29 अप्रैल । ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचने वाले आदिवासी युवक जीतू मुंडा की दर्दनाक स्थिति ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना पर राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए जीतू मुंडा के परिवार की सहायता के लिए अपनी एक महीने की सैलरी देने की घोषणा की है।

डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि जीतू मुंडा की पीड़ा ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है।

कृषि मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जीतू मुंडा की बेबसी और पीड़ा देखकर उनका कलेजा कांप उठा। उन्होंने इसे कागजी प्रक्रियाओं के नाम पर गरीब आदिवासियों के साथ होने वाली अमानवीय प्रताड़ना करार देते हुए समाज के लिए कलंक बताया।

डॉ. मीणा ने लिखा कि जीतू मुंडा का दर्द उनका अपना दर्द है और संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी एक महीने की पूरी सैलरी जीतू मुंडा के परिवार को देंगे ताकि भविष्य में वे स्वयं को असहाय महसूस न करें।

घटना 27 अप्रैल की है, जब ओडिशा के आदिवासी युवक जीतू मुंडा अपनी मृत बहन कालरा मुंडा का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा था। उसकी बहन के बैंक खाते में जमा करीब 20 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक कर्मचारियों ने खाताधारक की उपस्थिति की शर्त रखी थी।

अनपढ़ और बैंकिंग नियमों से अनजान जीतू ने कई बार बहन की मृत्यु की जानकारी दी, लेकिन उसे कोई स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिला।

हताश होकर जीतू ने अपनी बहन के शव के अवशेष कब्र से निकालकर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचकर कर्मचारियों के सामने पेश किए। यह दृश्य बेहद मार्मिक था और प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जीतू की बहन की मृत्यु 26 जनवरी 2026 को हुई थी। उसके पति और पुत्र, जो बैंक खाते में नॉमिनी थे, का पहले ही निधन हो चुका था।

ऐसे में निकटतम रिश्तेदार होने के नाते जीतू ही उस राशि का दावा कर सकता था। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से मामले की गंभीर जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। </description><guid>51232</guid><pubDate>29-Apr-2026 7:02:27 pm</pubDate></item></channel></rss>