<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>The Voice TV Feed</title><link>https://thevoicetv.in</link><description>The Voice TV Feed Description</description><item><title>भैरहवा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा संचालन के लिए भारत से मदद लेने का सुझाव</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49967</link><description>काठमांडू, 06 अप्रैल । भारतीय सीमा पर भैरहवा स्थित गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का संचालन करने के लिए लुम्बिनी प्रदेश के सांसदों ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तत्काल भारत सरकार से मदद लेने का सुझाव दिया है।

प्रधानमंत्री शाह ने सोमवार को लुम्बिनी प्रदेश से निर्वाचित प्रतिनिधि सभा सदस्यों के साथ बैठक की। इस बैठक में शामिल नेपाली कम्युूनिस्ट पार्टी के नेता वर्षमान पुन ने भैरहवा स्थित गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के संचालन के विषय में तत्काल भारत सरकार से मदद लेने का सुझाव दिया। उन्होंने भैरहवा हवाई अड्डे को जल्द से जल्द संचालन में लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन के लिए हवाई मार्ग के मुद्दे पर भारत के साथ कूटनीतिक संवाद में देरी न करने की अपील की।

पुन ने कहा कि भैरहवा हवाई अड्डे पर श्रम डेस्क स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नियमित करने और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने में अब और देर नहीं करनी चाहिए। पुन के इस सुझाव का वहां उपस्थित सभी सांसदों ने समर्थन करते हुए हवाईअड्डा निर्माण के पांच वर्ष के बाद भी इसका संचालन नहीं होने पर चिंता व्यक्त की। अन्य दलों के सांसदों ने भी कहा कि भारतीय सीमा पर बने इस हवाईअड्डे के संचालन के लिए भारत सरकार के साथ कूटनीतिक पहल का कोई विकल्प नहीं है।

प्रधानमंत्री शाह ने इन सांसदों को आश्वासन दिया कि वो इस संबंध में जल्द ही भारत से कूटनीतिक वार्ता शुरू करने के लिए विदेश मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को निर्देश देंगे। </description><guid>49967</guid><pubDate>06-Apr-2026 5:10:52 pm</pubDate></item><item><title>पश्चिम एशिया युद्ध को रोकने की शक्ति सिर्फ भारत, रूस, चीन के पास : अमेरिकी अर्थशास्त्री</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49964</link><description>मास्काे, 06 अप्रैल। अमेरिकी अर्थशास्त्री एवं कोलंबिया यूनिवर्सिटी में सेंटर फ़ॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक प्रो. जेफरी सैस ने कहा है कि ईरान को लेकर बढ़ते तनाव को रोकने की क्षमता केवल तीन वैश्विक नेताओं- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपित शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपित व्लादिमीर पुतिन के पास है।

रूस के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे द्वारा प्रसारित 'न्यू ऑर्डर' कार्यक्रम में प्रो. सैस ने कहा कि यदि इन शक्तियों ने मिलकर हस्तक्षेप नहीं किया तो पश्चिम एशिया का संकट वैश्विक अस्थिरता का रूप ले सकता है। सैस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों की सामूहिक भूमिका को निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध काे समझदार लोगों द्वारा रोका जाना चाहिए। इस युद्ध काे केवल भारत, रूस और चीन ही ऐसी शक्तियां हैं जो मिलकर इसे रोक सकती हैं।

अगर ट्रंप ईरान पर बमबारी करके उसे वापस स्टोन एज में ले जाने की कोशिश करते हैं, तो ईरान कैसे जवाब देगा? ग्लोबल साउथ देशों पर इस अभूतपूर्व आर्थिक संकट का क्या असर होगा? जैसे-जैसे संकट गहराता जाएगा, भारत को डिप्लोमैटिक और जियोपॉलिटिकली खुद को कैसे खड़ा करना चाहिए? ट्रंप ने यह पूरी तरह से गलत क्यों समझा कि युद्ध के आर्थिक नतीजे कितने खतरनाक होंगे? जैसे तमाम प्रमुख सवाल इस कार्यक्रम में उठाए गए थे।

इसके जवाब में प्रो. सैस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन को ट्रंप को यह समझाना चाहिए कि इस संघर्ष को खत्म करना क्यों जरूरी है। इन देशों के नेताओं का इसमें हित जुड़ा है कि दुनिया पूरी तरह से बिखर न जाए। सैस ने इजराइल पर अराेप लगाते हुए यह भी कहा कि वहां के राजनीतिक नेतृत्व का एक हिस्सा छठी सदी ईसा पूर्व वाली मानसिकता में जी रहा है।

वहीं, जब उनसे पाकिस्तान द्वारा शांति की मध्यस्थता करने की कथित कोशिश के बारे में पूछा गया तो सैस ने कहा कि उनका मानना है कि ऐसा सिर्फ़ ब्रिक्स देश ही कर सकते हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दोस्त अभी किसी को नहीं बनना चाहिए। भारत को एक महान देश और एक महाशक्ति होने के नाते इजराइल के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए, जिसने अभी-अभी गाज़ा में नरसंहार किया है।

प्रो. सैस ने कहा कि भारत में इतनी हैसियत है कि वह उन चीज़ों को 'ना' कह सके जिन्हें उन्होंने अमेरिकी भ्रम करार दिया। उन्होंने कहा कि लेकिन उनका सुझाव है कि भारत यह काम रूस, चीन, ब्राज़ील और अन्य ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर करे। उन्होंने कहा कि भारत के ईरान के साथ संबंध भी बहुत पुराने हैं, जिसकी वजह से वह एक आदर्श मध्यस्थ साबित हो सकता है। सैस ने पश्चिमी देशों को अमेरिका द्वारा स्वामित्व और संचालित बताया और कहा कि भारत को इन जागीरदार राज्यों की राह नहीं अपनानी चाहिए। </description><guid>49964</guid><pubDate>06-Apr-2026 5:01:44 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल में डिप्टी स्पीकर पद के लिए तीन प्रमुख विपक्षी दलों ने दावा ठोंका</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49948</link><description>काठमांडू, 06 अप्रैल । नेपाल के संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक डिप्टी स्पीकर पद के लिए तीन प्रमुख विपक्षी दलों ने अपना-अपना दावा ठोंका है जिनमें नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा), राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) और श्रम संस्कृति पार्टी प्रमुख हैं।

नेपाल के संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक डिप्टी स्पीकर का पद स्पीकर से अलग राजनीतिक दल और अलग लिंग का होना चाहिए। आरएसपी को स्पीकर का पद मिला है, तो किसी अन्य दल के पास डिप्टी स्पीकर का पद होना चाहिए। आरएसपी के उपाध्यक्ष डोल प्रसाद अर्याल पहले ही स्पीकर नियुक्त किया जा चुका है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि डिप्टी स्पीकर पद को लेकर चर्चा अभी जारी है और तीन विपक्षी दल सक्रिय रूप से इस पद के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

आरएसपी के महासचिव कविंद्र बुरलाकोटी के अनुसार पार्टी ने अभी इस विषय पर औपचारिक विचार-विमर्श शुरू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अभी स्पीकर नियुक्त हुए हैं, इसलिए डिप्टी स्पीकर पर चर्चा का अवसर नहीं मिला है। विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी है और अब प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पार्टी महासचिव बुरलाकोटी ने बताया कि अब तक नेकपा, आरपीपी और श्रम संस्कृति पार्टी तीनों दलों ने दावा किया है, लेकिन इस पर अब तक कोई फैसला नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय का अधिकार पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने और प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को सौंपा गया है और अभी कोई निर्णायक बैठक नहीं हुई है।

श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पांग ने इस पद के लिए जोरदार लॉबिंग की है और प्रधानमंत्री तथा पार्टी अध्यक्ष इस प्रस्ताव के प्रति कुछ हद तक सकारात्मक हैं। हालांकि, पार्टी के भीतर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

इस बीच, नेकपा के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने भी इस पद के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं और आरएसपी नेताओं के साथ बातचीत जारी है। हालांकि, उनकी और लामिछाने के बीच सीधी मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन द्वितीय पंक्ति के नेताओं को सक्रिय किया गया है।

बुरलाकोटी और कम्युनिस्ट नेता बरषमान पुन के बीच बातचीत हो चुकी है। कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने उम्मीदवार को चुनने पर राष्ट्रीय मुद्दों में समर्थन देने का आश्वासन भी दिया है।

बताया जा रहा है कि दहाल पूर्व सांसद देवेन्द्र दहाल की पत्नी बलवती शर्मा को संभावित उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं। आरपीपी ने खुशबु ओली का नाम प्रस्तावित किया है, जबकि श्रम संस्कृति पार्टी रुबी कुमारी ठाकुर और राधिका रामटेल जैसे नामों पर विचार कर रही है।

आरपीपी संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्र शाही ने कहा कि अब तक कोई निर्णायक स्तर की बातचीत नहीं हुई है। उभिने कहा कि हमने अनौपचारिक रूप से अपनी बात रखी है, लेकिन निर्णय स्तर की चर्चा नहीं हुई।

इसी तरह, श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद ध्रुव राई ने कहा कि उनके दल का दावा करना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम फैसला शीर्ष स्तर की बातचीत पर निर्भर करेगा।

कम्युनिस्ट नेता वर्षमान पुन ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनके दल का दावा उचित है। सूत्रों के मुताबिक, दहाल ने पार्टी नेताओं को इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से बातचीत आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। </description><guid>49948</guid><pubDate>06-Apr-2026 4:20:00 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल में दो दिन के साप्ताहिक अवकाश के फैसले से शैक्षिक कैलेंडर बिगड़ने की चिंता</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49947</link><description>काठमांडू, 06 अप्रैल। पेट्रोलियम पदार्थों की खपत घटाने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के उद्देश्य से सप्ताह में दो दिन सार्वजनिक अवकाश देने के निर्णय पर शैक्षिक कैलेंडर बिगड़ने की चिंता जताई गई है।

निजी तथा आवासीय विद्यालय एसोसिएशन नेपाल की तरफ से एक बयान में बताया गया है कि शनिवार और रविवार को अवकाश देने से वर्षभर में कुल छुट्टियां 104 दिन तक पहुंच जाएंगी। इसके साथ ही अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक छुट्टियां जोड़ने पर कार्य दिवसों की तुलना में छुट्टियों की संख्या अधिक हो जाएगी, जिससे नेपाल सरकार के निर्धारित विस्तृत पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना कठिन होगा।

बयान में कहा गया है कि नेपाल का पाठ्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का और काफी विस्तृत है। एक ओर कार्य दिवस घटाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर शैक्षिक सत्र भी देर से शुरू किया जा रहा है, ऐसे में शिक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं होगा। वर्तमान में युवा नेतृत्व वाली सरकार को पेट्रोलियम आपूर्ति सामान्य होते ही इस निर्णय पर पुनर्विचार कर सप्ताह में केवल एक दिन अवकाश की व्यवस्था करनी चाहिए।

एसोशिएशन के अनुसार शैक्षिक सत्र शुरू होने की तिथि को 15 दिन आगे बढ़ाने का निर्णय भी शैक्षिक कैलेंडर पर अतिरिक्त दबाव डालेगा। बयान में कहा गया है कि पढ़ाई के दिनों में कमी और सत्र की शुरुआत १४ अप्रैल से बढ़ाकर ३० अप्रैल करने से अतिरिक्त 15 दिन का खाली समय बनेगा, जिससे खर्च भी बढ़ेगा। इसलिए संकट के समाधान के लिए केवल छुट्टी बढ़ाने के बजाय दीर्घकालीन उपाय खोजे जाने चाहिए। </description><guid>49947</guid><pubDate>06-Apr-2026 4:18:26 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल में आज से सरकारी दफ्तरों में नई समय सारिणी लागू, अब सप्ताह में दो दिन रहेगा अवकाश</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49946</link><description>काठमांडू, 06 अप्रैल । नेपाल में आज (6 अप्रैल) से सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक निकायों में नई समय सारिणी लागू हो गई। अब कार्यालय सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुलेंगे। मंत्रिपरिषद ने रविवार को यह फैसला किया था। इससे शैक्षणिक संस्थानों का बाहर रखा गया है।

इसके अलावा, अब सार्वजनिक कार्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन अवकाश रहेगा। शनिवार तथा रविवार को दफ्तर बंद रहेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में दो दिन का साप्ताहिक अवकाश 28 अप्रैल से लागू किया जाएगा, जो नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ प्रभावी होगा।

हालांकि, शीतकालीन अवधि (2 नवंबर से 29 जनवरी तक) के दौरान कार्यालय समय में बदलाव किया जाएगा। इस दौरान दफ्तर सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे। यह जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा राजपत्र में प्रकाशित एक सूचना के माध्यम से दी गई है। </description><guid>49946</guid><pubDate>06-Apr-2026 4:16:54 pm</pubDate></item><item><title>कंबोडिया में फंसे 7 नेपाली नागरिक स्वदेश पहुंचे</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49945</link><description>काठमांडू, 06 अप्रैल । कंबोडिया में बिना वीजा के रह रहे 7 नेपाली नागरिकों को बचा लिया गया है। थाईलैंड के बैंकॉक स्थित नेपाली दूतावास ने कंबोडिया सरकार और गैरआवासी नेपाली संघ के सहयोग से आज इन सभी को नेपाल वापस भेजा।

दूतावास के अनुसार, इन नागरिकों को वहां अवैध रूप से संचालित ऑनलाइन स्कैमिंग केंद्रों, कैसीनो आधारित ऑनलाइन ठगी समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लगाया गया था। दूतावास ने यह भी जानकारी दी है कि अभी भी कुछ नेपाली नागरिक कंबोडिया में फंसे हुए हैं। उनकी पहचान कर उन्हें नेपाल वापस लाने के प्रयास जारी हैं।

दूतावास की विज्ञप्ति में कहा गया है कि नेपाली नागरिकों को ऑनलाइन ठगी जैसे गैरकानूनी कामों में लगाया जा रहा है और वे बिना वीजा या वीजा अवधि से अधिक समय तक वहां रह रहे हैं। दूतावास के अनुसार, स्कैमिंग केंद्रों में काम करने वालों के पासपोर्ट कंपनियों द्वारा जब्त कर लिए जाते हैं या एक केंद्र से दूसरे केंद्र में भेजे जाने के दौरान उनके पासपोर्ट खो जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। नेपाल लौटने के इच्छुक नागरिकों के लिए बैंकॉक स्थित नेपाली दूतावास द्वारा निःशुल्क एकतरफा यात्रा अनुमति पत्र जारी किया जा रहा है। साथ ही दूतावास ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे नेपाल सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार श्रम स्वीकृति लेकर ही वैदेशिक रोजगार के लिए जाएं। </description><guid>49945</guid><pubDate>06-Apr-2026 4:15:08 pm</pubDate></item><item><title>ईरान ने खारिज की अमेरिकी चेतावनी, कहा- नहीं खुलेगा होर्मुज</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49921</link><description>तेहरान, 06 अप्रैल । युद्ध की लपटों से झुलसे मध्य पूर्व का आसमान आशंकाओं के बादलों से अट गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ( होर्मुज जलडमरूमध्य) को मंगलवार तक खोलने की समय सीमा तय करने की चेतावनी को ईरान ने पूरी दृढ़ता से खारिज कर दिया। तेहरान ने अल्टीमेटम को ठुकराते हुए को ट्रंप को 'बेबस' और 'घबराया' हुआ बताया। ईरान ने कहा कि उसे धमकी की कोई परवाह नहीं। होर्मुज नहीं खुलेगा। जिसे जो करना हो कर ले।

अल जजीरा चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर शांति समझौता स्वीकार नहीं करता है तो वे देश के जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला गया, तो ईरान पर कहर टूट पड़ेगा।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों से ईरानी लोग बिल्कुल भी विचलित नहीं हैं। प्रवक्ता ने कहा कि ईरानियों के पास अपनी रक्षा करने के लिए जरूरी हर चीज मौजूद है। और इस युद्ध के पहले दिन से ही ईरान यह साबित कर दिया है कि वह जो कहता है, उसे कर दिखाता है। यानी देश के नागरिक बुनियादी ढांचे (विशेष रूप से बिजली संयंत्रों) पर हमला हुआ तो दुश्मन को वैसा ही जवाब दिया जाएगा।

चैनल के अनुसार, इजराइल और अमेरिका लगातार ईरान के नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर और पेट्रो केमिकल संयंत्रों पर हमले कर रहे हैं। इन हमलों कम से कम पांच लोग मारे गए हैं। बुशेहर परमाणु स्थल पर हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

अमेरिका का कहना है कि उसने दिवंगत ईरानी मेजर-जनरल कासिम सुलेमानी की भतीजी और उनकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया है और उनकी स्थायी नागरिकता रद्द कर दी है। हालाकि, एक बयान में, उनकी बेटियों ने कहा कि अमेरिका में गिरफ्तार की गई उन दोनों महिलाओं से उनका कोई संबंध नहीं है। </description><guid>49921</guid><pubDate>06-Apr-2026 10:14:24 am</pubDate></item><item><title>इतिहास के पन्नों में 07 अप्रैल : विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना का ऐतिहासिक दिन</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49920</link><description>इतिहास में 07 अप्रैल की तारीख कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जानी जाती है, लेकिन वर्ष 1948 में इस दिन हुई एक पहल ने पूरी दुनिया की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी। इसी दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना की गई थी।

संयुक्त राष्ट्र की इस प्रमुख संस्था का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान करना, देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और स्वास्थ्य मानकों को विकसित करना है। डब्ल्यूएचओ आज दुनिया के अधिकांश देशों को एक साझा मंच पर लाकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वर्तमान में इस संगठन के 194 सदस्य देश और दो संबद्ध सदस्य हैं। इसका मुख्यालय जेनेवा, स्विट्जरलैंड में स्थित है, जहां से वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों और कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है।

डब्ल्यूएचओ की स्थापना के उपलक्ष्य में हर साल 07 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, बीमारियों की रोकथाम और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

डब्ल्यूएचओ ने बीते दशकों में कई वैश्विक स्वास्थ्य संकटों से निपटने में अहम भूमिका निभाई है और आज भी यह संस्था दुनिया को एक स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाने के लिए प्रयासरत है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1818 - ब्रिटिश सरकार ने बिना मुकदमे के लोगों को निर्वासित करने और हिरासत में रखने वाला कानून बंगाल स्टेट प्रिजनर्स रेगुलेशन एक्ट पेश किया। यह कानून देश की आजादी तक प्रभावी रहा।

1827 - एक समय था जब माचिस हर घर की जरूरत थी। माचिस की बिक्री 7 अप्रैल को ही शुरू हुई थी। ब्रिटेन के रसायनशास्त्र जॉन वॉकर ने इसकी शुरुआत की थी।

1919 - बाबेरियन सोवियत गणराज्य की स्थापना।

1929 - पहली वाणिज्यिक उड़ान भारत पहुंची, जब ब्रिटेन के इंपीरियल एयरवेज की लंदन-काहिरा सेवा को कराची तक बढ़ाया गया।

1939 - दूसरे विश्वयुद्ध में अल्बानिया पर इटली का कब्जा।

1940 - अमेरिका में डाक टिकट पर पहली बार अश्वेत अमेरिकी बुकर टी. वॉशिंगटन की तस्वीर छापी गई।

1946 - फ्रांस से सीरिया की आजादी का अनुमोदन।

1948 - संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन का गठन।

1955 - विंस्टन चर्चिल ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया।

1969 - दुनिया में सूचना तकनीक के मैदान में बड़ी क्रांति। इसी दिन इंटरनेट का जन्म हुआ था।

1978 - अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने न्यूट्रान बम के विकास पर रोक लगाई।

1994 - रवांडा के राष्ट्रपति जुवेनल हेव्यारिमाना एवं बुरुंडी के राष्ट्रपति सिप्रियन न्तायमिटा का किगाली हवाई अड्डे पर राकेट हमले में निधन।

1998 - विश्व स्वास्थ्य दिवस को महिला चिकित्सा दिवस के रूप में मनाने का विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा।

2000 - ब्राजील से विश्व के सबसे छोटे अखबार 'योर आनर' का प्रकाशन प्रारम्भ।

2000 - भारत में करोड़ों रुपये की मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के रैकिट का पर्दाफाश।

2001 - चीन ने संयुक्त राज्य अमेरिका से खेद के बजाय माफी मांगने के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका व भारत के मध्य रक्षा सहयोग समझौता, प्रोटोकोल के विपरीत राष्ट्रपति बुश की भारतीय रक्षा मंत्री जसवंत सिंह से भेंट, मंगल ग्रह के लिए नासा का ओडिसी यान रवाना।

2004 - एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा जारी रिपोर्ट में मौत की सज़ा देने में चीन, ईरान व अमेरिका को सबसे आगे बताया गया है। क्वालालंमपुर में म्यांमार दूतावास के शरणार्थियों को आग के हवाले किया।

2006 - बगदाद में बम विस्फोट में 79 लोग मारे गये।

2008 - असम में प्रतिअबंधित उग्रवादी संगठन 'उल्फा' ने अपना 30वां स्थापना दिवस मनाया। दो दिवसीय भारत-अफ्रीका पहली शिखर बैठक नई दिल्ली में प्ररम्भ।

2008 - पेरिस में रिले दौड़ के दौरान भारी हंगामे व विरोध प्रदर्शन के बीच ओलम्पिक खेलों की मशाल पांच बार बुझानी पड़ी।

2010 - पटना की विशेष अदालत के न्यायाधीश विजय प्रकाश मिश्र ने बिहार में तेरह साल पहले 1 दिसंबर 1997 को प्रतिबंधित संगठन रणवीर सेना द्वारा अरवल ज़िले के लक्ष्मणपुर और बाथे गांवों में 58 दलितों के किये गये नरसंहार के मामले में 16 दोषियों को फांसी और 10 को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई। आजीवन कारावास की सजा पाने वाले सभी दोषियों को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया।

2020 - कोरोना संक्रमण के संकट के बीच गलत खबरें और भ्रामक जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए व्हाट्सएप पर ज्यादा शेयर होने वाले संदेश को एक बार में एक ही नंबर पर फॉरवर्ड कर पाने का नया नियम लागू।

जन्म

1836 - थॉमस हिल ग्रीन - अंग्रेज विज्ञानवादी दार्शनिक, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ह्वाइट प्रोफेसर थे।

1919 - कश्मीरी लाल जाकिर- पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात उर्दू कवि।

1920 - पंडित रवि शंकर - प्रसिद्ध सितार वादक।

1932 - जयंती पटनायक - भारतीय सांसद तथा राष्ट्रीय महिला आयोग की पहली अध्यक्ष थीं।

1942 - जितेंद्र - भारतीय फिल्म अभिनेता।

1962 - राम गोपाल वर्मा - हिंदी फिल्म के निदेशक और निर्माता।

1980 - संजोय दत्त - भारतीय अमरीकी कुश्ती खिलाड़ी।

निधन

1935 - शंकर अबाजी भिसे - प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक।

2002 - भावानम वेंकटरामी रेड्डी - आंध्र प्रदेश के भूतपूर्व आठवें मुख्यमंत्री थे।

2004 - केलुचरण महापात्र - ओडिसी नर्तक व एक सच्चे कला प्रेमी थे।

2011 - जानकी वल्लभ शास्त्री - प्रसिद्ध कवि।

2014 - वी. के. मूर्ति - हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफर।

महत्वपूर्ण अवसर

-विश्व स्वास्थ्य दिवस।

-महिला चिकित्सा दिवस। </description><guid>49920</guid><pubDate>06-Apr-2026 10:12:50 am</pubDate></item><item><title>ट्रम्प के बयान पर बर्नी सैंडर्स का हमला, कहा बयान खतरनाक और असंतुलित</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49919</link><description>वॉशिंगटन, 06 अप्रैल । अमेरिका में ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान की कड़ी आलोचना करते हुए उसे खतरनाक और असंतुलित करार दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए सैंडर्स ने कहा कि ईस्टर के दिन इस तरह का बयान बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लिखा कि इस तरह की भाषा और सोच वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा सकती है और स्थिति को और गंभीर बना सकती है।

सैंडर्स ने आगे कहा कि यह समय संयम और कूटनीति का है, न कि आक्रामक बयानबाजी का। उन्होंने अमेरिकी संसद (कांग्रेस) से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि युद्ध की स्थिति को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद के चलते। ऐसे में अमेरिकी राजनीति के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे राजनीतिक बयान आने वाले दिनों में अमेरिका की विदेश नीति और क्षेत्रीय हालात दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। </description><guid>49919</guid><pubDate>06-Apr-2026 10:10:34 am</pubDate></item><item><title>नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली और गृहमंत्री लेखक की जमानत याचिका पर आज से सुनवाई</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49914</link><description>काठमांडू, 05 अप्रैल । पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए आज (रविवार) सर्वोच्च अदालत में सुनवाई निर्धारित की है।

उनकी याचिकाओं की सुनवाई के लिए न्यायाधीश विनोद शर्मा और सुनिल पोखरेल की संयुक्त पीठ में पेशी तय की गई है।

जेनजी आंदोलन की घटनाओं की जांच के लिए गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करते हुए, तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली और गृहमंत्री लेखक को 28 मार्च से पुलिस हिरासत में रखा गया है।

गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए उनकी रिहाई की मांग के साथ 29 मार्च को सर्वोच्च अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी। उस दिन कोर्ट ने जमानत याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश देने से मना कर दिया था।

जमानत पर अंतरिम आदेश नहीं देने के बावजूद सर्वोच्च अदालत ने नेपाल सरकार को कारण बताओ आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार सरकार की ओर से लिखित जवाब प्रस्तुत किए जाने के बाद अब सुनवाई के लिए पेशी तय की गई है। </description><guid>49914</guid><pubDate>05-Apr-2026 12:19:31 pm</pubDate></item><item><title>नेपालः प्रतिनिधि सभा के नए स्पीकर पद पर डीपी अर्याल निर्वाचित, आज ही शपथ और पदभार ग्रहण</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49913</link><description>काठमांडू, 05 अप्रैल । राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल को प्रतिनिधि सभा के स्पीकर के रूप में निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई है।

रविवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में बहुमत के आधार पर अर्याल के निर्वाचन की घोषणा की गई। इससे पहले, उन्हें स्पीकर चुनने के लिए प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसे राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रस्तुत किया था।

संघीय संसद सचिवालय ने स्पीकर के चुनाव के लिए शुक्रवार को नामांकन दाखिल की थी। नामांकन समाप्त होने तक अर्याल ही एकमात्र उम्मीदवार थे जिन्होंने अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई। इसलिए उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

नवनियुक्त स्पीकर अर्याल का शपथ ग्रहण आज ही होगा। वह आज दोपहर 2:30 बजे शपथ लेंगे। शीतल निवास में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, अर्याल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इसके बाद वह आज ही अपना पदभार ग्रहण करेंगे। </description><guid>49913</guid><pubDate>05-Apr-2026 12:17:01 pm</pubDate></item><item><title>अमेरिका ने ईरान से अपने लापता पायलट को सुरक्षित निकाला, ट्रंप ने कहा-हमने ढूंढ़ निकाला</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49910</link><description>वॉशिंगटन, 05 अप्रैल। पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी एफ-१५ई जेट के लापता पायलट को अमेरिका ने जटिल बचाव अभियान को अंजाम देते हुए ईरान की जमीन से सुरक्षित निकाल लिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियान बताया।

अमेरिकी एफ-१५ ईगल जेट के लापता पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा 'हमने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया! पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। हमारे अद्भुत क्रू मेम्बर अधिकारी, जो एक सम्मानित कर्नल हैं, अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।'

ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी सेना ने उन्हें बचाने के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली हथियारों से लैस दर्जनों विमान भेजे। अधिकारी घायल हैं लेकिन पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। यह साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर पूर्ण वायु श्रेष्ठता और प्रभुत्व हासिल कर लिया है।

गौरतलब है कि अमेरिकी एयरफोर्स के एफ-१५ ईगल जेट शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें दो क्रू मेंबर थे- एक पायलट और दूसरा वेपन सिस्टम्स ऑफिसर। दोनों ने समय रहते इजेक्ट कर एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखा। पायलट को कुछ घंटों में बचा लिया गया लेकिन दूसरे क्रू मेंबर को ढूंढ़ना चुनौतीपूूर ्ण था। लेकिन अमेरिका ने इस जटिल अभियान को अंजाम दिया। </description><guid>49910</guid><pubDate>05-Apr-2026 12:09:11 pm</pubDate></item><item><title>बलोचिस्तान में पाकिस्तान सुरक्षा बलों के 86 जवान मारे गए, बीएलए ने लिया जिम्मा</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49872</link><description>इस्लामाबाद, 04 अप्रैल । पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में आजादी की मांग को लेकर मुखर सशस्त्र विद्रोही संगठन बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 86 जवानों को मार गिराने का दावा किया है। बीएलए ने कहा कि सेना के कई रडार नष्ट कर दिए हैं। सैन्य काफिले, हवाई अड्डा और मौत के दस्ते पर हमले कर सुरक्षा बलों को पीछे हटने को मजबूर कर दिया गया।

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार बीएलए ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक्स पर वीडियो जारी किया है। यह वीडियो 14 मिनट का है। इस वीडियो में रडार प्रणालियों का विनाश, शम्सी एयरबेस पर रॉकेट से हमला, झाल मगसी पर हमले, सोराब और कुर्दगाप में सैन्य काफिलों पर हमले और कदन और मस्तुंग में सैन्य शिविरों पर हमले दिखाए गए हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि बीएलए ने दलबांदिन में खनन स्थल पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। पंजगुर में पाकिस्तान सरकार समर्थित समूह मौत का दस्ता के मुख्यालय पर हमला कर उस पर कब्जा कर लिया गया है।

वीडियो में पाकिस्तान की सेना के सैन्य वाहनों, हथियारों और अन्य सैन्य उपकरणों को जलाते हुए दिखाया गया है। बीएलए प्रवक्ता जीयंद बलोच ने आज विस्तृत बयान जारी कर कहा है कि लड़ाकों ने 29 मार्च को कब्जे वाले बलोचिस्तान में पाकिस्तान की सेना के खिलाफ समन्वित हमले शुरू किए। यह हमले एक अप्रैल तक जारी रहे। पंजगुर, शापक, बसिमा, साबी, नसीराबाद, डेरा बुगती, मस्तंग, क्वेटा, नुश्की, ज़मरान, दश्त, सोराब, झाल मगसी, दलबंदिन, खारान, वाशक और कलात में कुल 65 हमले किए गए। इन हमलों में 86 से अधिक कर्मी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।

प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों में सेना के शिविरों सहित हवाई अड्डों, रडार प्रणालियों, संचार टावरों, रेलवे ट्रैक, पुलों और गैस पाइपलाइनों को निशाना बनाया गया। पंजगुर और ज़मरान में हुई झड़पों में बीएलए के छह लड़ाकों की मौत हो गई। </description><guid>49872</guid><pubDate>04-Apr-2026 12:58:01 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल के पोखरा में फेवाताल के पास अवैध निर्माण पर चला डोजर, बालेन्द्र शाह के निर्देश पर कार्रवाई</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49869</link><description>काठमांडू, 04 अप्रैल। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के निर्देश पर पर्यटकीय शहर पोखरा में फेवाताल के आसपास बनाए गए अवैध टहरों (अस्थायी ढांचों) को पोखरा महानगरपालिका ने हटाना शुरू कर दिया है। पोखरा के मेयर धनराज आचार्य ने बताया कि बीती मध्यरात प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का फोन पर निर्देश मिलने पर महानगरपालिका ने शनिवार सुबह से डोजर चलाकर फेवाताल किनारे बने ढांचों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।

महानगर प्रहरी प्रमुख पुरुषोत्तम थापा के अनुसार, अब तक 32 टहरों को डोजर की मदद से गिराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नेपाल पुलिस के सहयोग से की जा रही है। इससे पहले नवगठित संघीय सरकार ने फेवाताल क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को तीन महीने के भीतर हटाने का निर्णय लिया था। मंत्रिपरिषद की 100-सूत्रीय कार्ययोजना में भी इस मुद्दे को शामिल किया गया था।

कार्रवाई के दौरान पर्यटन व्यवसायी कर्ण शाक्य के स्वामित्व वाले होटल वॉटरफ्रंट में भी डोजर चलाया गया। इस दौरान होटल का स्विमिंग पूल और गेट सहित कई संरचनाएं तोड़ी गईं। कास्की जिला प्रहरी कार्यालय के प्रवक्ता डीएसपी हरि बहादुर बस्नेत के अनुसार, इस अभियान में जिला पुलिस, बैदाम पुलिस कार्यालय, महानगर प्रहरी और सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल के करीब 150 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इस कार्रवाई पर कुछ स्थानीय निवासियों ने असंतोष भी व्यक्त किया है। </description><guid>49869</guid><pubDate>04-Apr-2026 12:17:14 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल : मकवानपुर में ट्रक पलटने से त्रिभुवन राजपथ अवरुद्ध</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49861</link><description>काठमांडू, 04 अप्रैल। नेपाल में मकवानपुर के थाहा नगरपालिका12 टिस्टुड स्थित त्रिभुवन राजपथ पर बीती रात लगभग डेढ़ बजे ट्रक (बा.प्र.03001 ख 1750) पलटने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। यह ट्रक काठमांडू से हेटौंडा की ओर जा रहा था।

जिला पुलिस कार्यालय मकवानपुर के अनुसार, ट्रक आगे दाहिने हिस्से का पट्टा (मैकेनिकल हिस्सा) टूटने के कारण अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया।इस दुर्घटना में ट्रक चालक धादिंग के बेनिघाट मौवाखोला निवासी लगभग 27 वर्षीय ध्रुब घले घायल हो गए।। ट्रक से कूदने के दौरान उनके दाहिने पैर के तलवे में चोट लगी है। उन्हें इलाज के लिए पालुङ अस्पताल भेजा गया है।

मकवानपुर पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी पुष्कर बोगटी ने जानकारी दी कि सड़क खोलने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के अभी भी घटनास्थल पर ही होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित है। सड़क बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है। </description><guid>49861</guid><pubDate>04-Apr-2026 11:03:13 am</pubDate></item><item><title>नेपाल के उद्योगपति शंकर अग्रवाल गिरफ्तार</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49860</link><description>काठमांडू, 04 अप्रैल। नेपाल के उद्योग समूह शंकर ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष शंकर लाल अग्रवाल को संपत्ति शुद्धीकरण अनुसन्धान विभाग (मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग) ने हिरासत में लिया है। इतना ही नहीं अग्रवाल के दोनों बेटों साहिल अग्रवाल और सुलभा अग्रवाल के देश छोड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। संपत्ति शुद्धिकरण विभाग के तरफ से इमिग्रेशन विभाग को पत्र लिख कर दोनों के पासपोर्ट को निगरानी में रखने का निर्देश दिया गया है।

बिचौलिया दीपक भट्ट के साथ मिलकर नीतिगत अनियमितताओं में संलिप्त होने के आरोपों के बीच विभाग ने जांच शुरू की, जिसके बाद शंकर अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया और साहिल तथा सुलभ अग्रवाल के पासपोर्ट को वाचलिस्ट के डाला गया है। व्यापारी दीपक भट्ट को दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।

विभाग ने उन्हें शुक्रवार को कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की थी। बयान पूरा नहीं होने के कारण उन्हें ललितपुर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जिला ललितपुर के एसपी गौतम मिश्र ने बताया कि विस्तृत जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, विभाग ने हमें हिरासत में रखने के लिए भेजा है, लेकिन जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी हमारे पास नहीं है।

विभाग ने शंकर ग्रुप से जुड़े बिचौलिया दीपक भट्ट को गुरुवार को ही गिरफ्तार किया था। उन पर विभिन्न कंपनियों के धन के दुरुपयोग में संलिप्त होने का आरोप है और इस मामले में उनसे भी पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि भट्ट ने अतीत में शंकर ग्रुप को लाभ पहुंचाने के लिए कई नीतिगत निर्णयों को प्रभावित किया । शंकर ग्रुप के मुख्य निवेश वाली हिमालयन री-इन्स्योरेन्स कंपनी पर भी बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।

धन अनियमितता के मामले में विभाग ने हाल के दिनों में विस्तृत जांच की है। विभाग हिरासत में रखकर ही मामला दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। विभाग के जांच अधिकारियों के अनुसार, भट्ट से जुड़े अन्य व्यावसायिक घरानों पर भी जांच जारी है। </description><guid>49860</guid><pubDate>04-Apr-2026 10:52:19 am</pubDate></item><item><title>काठमांडू में पुलिस का रातभर चला सर्च ऑपरेशन, 195 लोग गिरफ्तार</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49859</link><description>काठमांडू, 04 अप्रैल.। नेपाल की राजधानी काठमांडू में पुलिस ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाकर बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया है। गुंडागर्दी, ठगी और बिचौलियागिरी में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

काठमांडू के एसएसपी रमेश थापा के अनुसार, शहर के विभिन्न स्थानों से कुल 195 लोगों को पकड़ा गया। त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल, ठमेल और बुढानीलकण्ठ समेत विभिन्न क्षेत्रों से इन लोगों को हिरासत में लिया गया।

एसएसपी थापा ने बताया, ठमेल और विमानस्थल जैसे इलाकों में यात्रियों को खींचतान करने वाले, पहले से गुंडागर्दी में शामिल और बिचौलिया गतिविधियों में लगे 195 लोगों को नियंत्रण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इन सभी के खिलाफ आगे की जांच जारी है।

वहीं, त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल से 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन्हें यात्रियों को जबरन खींचने (कस्टमर पकड़ने) के आरोप में पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में टैक्सी चालक और होटल प्रतिनिधि शामिल हैं। </description><guid>49859</guid><pubDate>04-Apr-2026 10:47:28 am</pubDate></item><item><title> पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत में कटौती, नया भाव 378 रुपये प्रति लीटर</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49855</link><description>इस्लामाबाद, 04 अप्रैल । प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोल की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह कदम दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों के बीच नागरिकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। राष्ट्र के नाम संबोधन में शरीफ ने कहा कि पेट्रोल की नई कीमत 378 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। यह एक महीने तक लागू रहेगी। यह कटौती पेट्रोलियम लेवी में 80 रुपये प्रति लीटर की कमी के बाद की गई है।

दुनिया न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ ने कहा कि पिछले तीन हफ्तों में सरकार ने राष्ट्रीय संसाधनों से 129 अरब रुपये की सब्सिडी दी है। इन उपायों का उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों का पूरा बोझ जनता पर पड़ने से रोकना है। इसके अलावा सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए लक्षित सब्सिडी की भी घोषणा की है। मोटरसाइकिल चालकों को 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी दी जाएगी।

परिवहन क्षेत्र को भी राहत उपायों में शामिल किया गया है। बढ़ते परिचालन खर्चों की भरपाई के लिए मालवाहक और कमर्शियल वाहनों को सब्सिडी दी जाएगी। सार्वजनिक परिवहन बसों को हर महीने 100,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, ताकि यात्रियों के लिए किराया स्थिर रखा जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि इकोनॉमी-क्लास ट्रेन यात्रा का किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। </description><guid>49855</guid><pubDate>04-Apr-2026 10:21:25 am</pubDate></item><item><title>ईरान ने इजराइल पर किया हवाई हमला, तीन शहरों में नुकसान</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49854</link><description>तेल अवीव/ तेहरान, 04 अप्रैल। ईरान 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल के साथ छिड़े युद्ध में बहुत कुछ खोने के बावजूद दुश्मन को नाकों चने चबवा रहा है। राजधानी तेहरान के पश्चिम में स्थित करज में गुरुवार को महत्वपूर्ण पुल पर किए गए हमले के बाद ईरान आक्रामक हो गया है। उसने आज तड़के इजराइल के तीन शहरों पर हवाई हमला किया है। इसके अलावा अमेरिका का एक और विमान मार गिराने का दावा किया है।

द टाइम्स ऑफ इजराइल अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने रामत गान में बमबारी की है। इस बमबारी में एक इमारत ढह गई है। इसके अलावा रोश हायिन में किए गए हमले में बिजली गुल हो गई। फायर एंड रेस्क्यू सर्विस ने इसकी पुष्टि की है। फायर एंड रेस्क्यू सर्विस का कहना है कि ईरान ने बीरशेबा के दक्षिण में स्थित नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इसके अलावा बेनी ब्राक में हुए हमले में एक व्यक्ति को हल्की चोट आई आई है। उसे इलाज के लिए मयानेई हयेशुआ मेडिकल सेंटर ले जाया गया।

अल जजीरा चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, करज में गुरुवार को महत्वपूर्ण पुल पर किए गए हमले के बाद ईरान ने शुक्रवार को एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया। तेहरान ने आज सुबह दावा किया कि उसकी सेना ने अमेरिका के दूसरे विमान (ए-10) को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मार गिराया। इस बीच अमेरिका के ईरान में प्रमुख पुल को नष्ट करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब नागरिक सुविधाओं और बिजली संयंत्रों पर हमले झेलने के लिए तेहरान तैयार रहे। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप की धमकी को 'बड़े पैमाने पर युद्ध अपराध' करने के इरादे की स्वीकारोक्ति बताया है।

कुवैत ने कहा है कि ईरान ने एक जल विलवणीकरण संयंत्र और एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। तेहरान ने विलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। ईरान ने इजराइल पर भी मिसाइलें दागी हैं। 28 फरवरी से अब तक, पूरे ईरान में अमेरिकी-इजराइली हमलों में कम से कम 2,076 लोग मारे गए हैं और 26,500 घायल हुए हैं। </description><guid>49854</guid><pubDate>04-Apr-2026 10:12:27 am</pubDate></item><item><title>ईरान ने एक और अमेरिकी विमान को मार गिराने का दावा किया</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49852</link><description>तेहरान/वाशिंगटन, 04 अप्रैल। ईरान 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल के साथ छिड़े युद्ध में बहुत कुछ खोने के बावजूद दुश्मन को नाकों चने चबवा रहा है। राजधानी तेहरान के पश्चिम में स्थित करज में गुरुवार को महत्वपूर्ण पुल पर किए गए हमले के बाद ईरान ने शुक्रवार को एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया। तेहरान ने आज सुबह दावा किया कि उसकी सेना ने अमेरिका का एक और विमान गिरा दिया है।

अल जजीरा चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के दूसरे विमान (ए-10) को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मार गिराया। इस बीच अमेरिका के ईरान में प्रमुख पुल को नष्ट करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब नागरिक सुविधाओं और बिजली संयंत्रों पर हमले झेलने के लिए तेहरान तैयार रहे।ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने ट्रंप की धमकी को 'बड़े पैमाने पर युद्ध अपराध' करने के इरादे की स्वीकारोक्ति बताया है।

कुवैत ने कहा है कि ईरान ने एक जल विलवणीकरण संयंत्र और एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है। तेहरान ने विलवणीकरण संयंत्र को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। ईरान ने इजराइल पर भी मिसाइलें दागी हैं। 28 फरवरी से अब तक, पूरे ईरान में अमेरिकी-इजराइली हमलों में कम से कम 2,076 लोग मारे गए हैं और 26,500 घायल हुए हैं। </description><guid>49852</guid><pubDate>04-Apr-2026 10:09:03 am</pubDate></item><item><title>मप्र के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधान सभा सदस्यता खत्म, निर्वाचन क्षेत्र 22-दतिया रिक्त घोषित</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49845</link><description>
भोपाल, 03 अप्रैल । मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई है। इस संबंध में शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय ने आदेश जारी कर दिया।

जारी आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 22-दतिया से निर्वाचित सदस्य राजेन्द्र भारती के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह (पीसी एक्ट) सीबीआई 09 (सांसद/विधायक मामले) राउज एवेन्यू जिला न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा प्रकरण क्रमांक एससी-06-2025 पर पारित निर्णय दिनांक 02 अप्रैल, 2026 द्वारा अपराध सिद्ध होने के फलस्वरूप तीन वर्ष के कारावास एवं एक लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

इस कारण उच्चतम न्यायालय के आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2013 के पालन में संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (e) सहपठित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के तहत राजेन्द्र भारती उक्त तिथि 02 अप्रैल, 2026 से विधान सभा की सदस्यता से निरर्हित हो गए हैं। अतएव मध्य प्रदेश विधान सभा में एक स्थान रिक्त हो गया है। न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के तारतम्य में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष द्वारा रिक्तता संबंधी आदेश जारी किया गया है। उक्त जारी आदेश के पालन में दिनांक 2 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश राजपत्र में सूचना प्रकाशित की गई है।

गौरतलब है कि दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एफडी फर्जीवाड़े के मामले में 3 साल की सजा सुनाई है। यह मामला उस समय का है जब वे जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे। आरोपों के अनुसार के बैंक के रिकॉर्ड और एफडी दस्तावेजों में हेरफेर की गई। अवधि और ब्याज दर में बदलाव कर अवैध लाभ लिया गया और लगभग लाखों रुपये का अनुचित लाभ प्राप्त किया गया।

कोर्ट ने इस मामले में भारती के साथ एक अन्य आरोपित को भी दोषी ठहराते हुए जुर्माना लगाया है। हालांकि अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही कुछ राहत भी दी है। अदालत ने तीन साल की सजा सुनाने के साथ ही उन्हें जमानत दे दी है, जिससे उन्हें तुरंत जेल नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि कानून के मुताबिक, दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता खत्म कर दी जाती है।

अदालत का आदेश पारित होने के बाद गुरुवार देर रात करीब साढ़े दस बजे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा सचिवालय पहुंचे। इसके बाद विधायक राजेन्द्र भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। शर्मा आदेश टाइप करा रहे थे, इसी बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और दूसरे नेता भी विधानसभा पहुंच गए। दोनों नेता सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधान सभा क्यों खोली गई? प्रमुख सचिव शर्मा बिना जवाब दिए वहां से निकल गए। इसके बाद शुक्रवार सुबह आदेश जारी कर दिया गया।

उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है। हम अदालत जाएंगे। इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार सुबह पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के विरोध में कांग्रेस अदालत जाएगी। इसको लेकर पार्टी सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, कपिल सिब्बल समेत टीम काम कर रही है, जो अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों पर चर्चा करेगी।

पटवारी ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र खत्म करने में जुटी हुई है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का पेड न्यूज से संबंधित मामला विधान सभा में पेंडिंग है। बीना विधायक निर्मला सप्रे के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और राजेंद्र भारती के पास अपील का समय होने के बाद भी सदस्यता खत्म कर दी गई है।

कार्यवाही का राज्यसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं: मंत्री सारंग

मध्य प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग ने जीतू पटवारी के सवालों पर पलटवार करते हुए कहा है कि इस कार्यवाही का राज्य सभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। भारती को भ्रष्टाचार के मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई है। यह भ्रष्टाचार भाजपा नहीं, कांग्रेस सरकार के समय हुआ। भारती ने अमानत में खयानत की और फिर कोर्ट को भ्रमित किया। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि अगर किसी जनप्रतिनिधि को 2 साल या उससे अधिक की सजा मिलती है तो वह उसी समय अपनी सदस्यता खो देगा। ऐसा व्यक्ति 6 साल तक चुनाव लड़ने का अधिकार भी नहीं रखेगा। सारंग ने कहा कि जीतू पटवारी और पीसी शर्मा विधान सभा के सदस्य नहीं हैं। सही मायने में पटवारी और शर्मा का विधानसभा पहुंचना, फिर अधिकारी पर दबाव डालने का कृत्य सरकारी काम में बाधा डालने का है। उन पर कार्यवाही होनी चाहिए।

हालांकि, अदालत ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 60 दिन का समय अपील के लिए दिया है। अगर इस दौरान उच्च न्यायालय से भारती को राहत नहीं मिलती है तो दतिया विधान सभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। विधान सभा सचिवालय द्वारा दतिया की विधानसभा सीट खाली किए जाने का निर्णय चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को भी भेजा गया है। अब इस मामले में चुनाव आयोग तय करेगा कि अपील के समय खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर चुनाव कार्यक्रम घोषित करना है या उसके पहले ही चुनाव की तैयारी के निर्देश देने हैं। नियमानुसार सीट रिक्त होने के 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाने का प्रावधान है। </description><guid>49845</guid><pubDate>03-Apr-2026 3:51:49 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल के स्पीकर पद पर डीपी अर्याल निर्विरोध निर्वाचित, औपचारिक घोषणा रविवार को</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49842</link><description>काठमांडू, 03 अप्रैल। नेपाल में संघीय संसद के प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पद पर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के उपाध्यक्ष तथा सांसद डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल स्पीकर के पद पर निर्विरोध चुने गए हैं। हालांकि, उनके निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा रविवार को होगी।

स्पीकर पद के लिए आज सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक नामांकन दाखिल करने का समय निर्धारित किया गया था। तय समय के भीतर केवल अर्याल का ही नामांकन दाखिल हुआ।

स्पीकर पद पर निर्वाचित होने पर अर्याल ने नेपाल के संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्यायसंगत तरीके से काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। सिंहदरबार में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निष्पक्ष और न्यायपूर्ण ढंग से निर्वहन करेंगे। अर्याल ने यह भी कहा कि वे कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका के बीच शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत का पालन करते हुए संसद की गरिमा को उच्च बनाए रखेंगे।

प्रतिनिधि सभा की नियमावली के नियम 7 के अनुसार यदि स्पीकर पद के लिए केवल एक ही उम्मीदवार का नामांकन होता है, तो समर्थक सदस्य के बोलने के बाद बैठक की अध्यक्षता करने वाला व्यक्ति प्रस्तावित सदस्य को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करता है। यह घोषणा अब होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में की जाएगी, जो आगामी रविवार को आयोजित होगी।

प्रतिनिधि सभा में दो-तिहाई बहुमत के करीब है। सत्तापक्ष के स्पष्ट बहुमत के कारण विपक्षी दलों ने सभामुख पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में आरएसपी के 182 सांसद हैं। </description><guid>49842</guid><pubDate>03-Apr-2026 3:37:13 pm</pubDate></item><item><title> देश से घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए भाजपा सरकार प्रतिबद्ध : अमित शाह</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49841</link><description>ग्वालपाड़ा (असम), 03 अप्रैल । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दुधनाई के कॉलेज ग्राउंड मैदान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा उम्मीदवार टंकेश्वर राभा के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया। वह असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे थे।

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार देश से अवैध विदेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्वालपाड़ा जिले की सभी चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में असम को अशांत बनाए रखा और राज्य की संस्कृति के संरक्षण के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि भाजपा असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने का प्रयास कर रही है।

सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा शासन में लगभग 10 हजार लोगों को हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापस लाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 1.5 लाख एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि आगामी पांच वर्षों में यदि भाजपा सत्ता में लौटती है तो राज्य में कोई हिंसात्मक घटना नहीं होगी। उन्होंने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन हेतु नए उद्योग स्थापित करने का वादा भी किया।

अपने संबोधन के अंत में शाह ने मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में एक भी वोट न देने की अपील करते हुए असम में विकास और स्थिरता के लिए भाजपा का समर्थन करने का आग्रह किया। </description><guid>49841</guid><pubDate>03-Apr-2026 3:34:07 pm</pubDate></item><item><title> बरपेटा में योगी आदित्यनाथ की चुनावी रैली, कांग्रेस और एआईयूडीएफ पर साधा निशाना</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49840</link><description>बरपेटा (असम), 03 अप्रैल । असम में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को बरपेटा में थे। इस दाैरान उन्हाेंने भाजपा प्रत्याशी दीपक कुमार दास के समर्थन में विशाल चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद रंगाली बिहू की शुभकामनाएं दीं और असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में आदित्यनाथ ने असम को संस्कृति और परंपराओं की पवित्र भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यह महान सांस्कृतिक व्यक्तित्व डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मभूमि है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भूपेन हजारिका के साथ-साथ असम के प्रथम मुख्यमंत्री गोपीनाथ बरदलै को उचित सम्मान देने का श्रेय दिया।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी डबल इंजन की सरकार ने राज्य में सुशासन सुनिश्चित किया है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम की विरासत की उपेक्षा की और काजीरंगा जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, साथ ही भूपेन हजारिका जैसे व्यक्तित्वों को सम्मान नहीं दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर असम में घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस और एआईयूडीएफ दोनों ने असमिया संस्कृति को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डबल इंजन सरकार राज्य में सुरक्षा और विकास को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 500 वर्षों का एक लंबा सपना अब साकार हुआ है और राज्य में अब न तो सांप्रदायिक संघर्ष है और न ही कर्फ्यू की स्थिति। </description><guid>49840</guid><pubDate>03-Apr-2026 3:24:28 pm</pubDate></item><item><title> कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र को एकतरफा बताया</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49821</link><description>नई दिल्ली, 03 अप्रैल। कांग्रेस ने 16-18 अप्रैल तक बुलाए गए संसद के विशेष सत्र को एकतरफा बताया है। कांग्रेस ने कहा है कि सरकार की तरफ से इसको लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पत्राचार भी किया गया, लेकिन ऐसा लगता है कि यह सिर्फ दिखावा था और सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने का पहले ही मन बना चुकी थी।

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पार्टी मुख्यालय में शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुए पत्राचार का ब्योरा देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। 16 मार्च को रिजिजू ने खरगे को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन के लिए कांग्रेस से चर्चा की इच्छा जताई। खरगे ने उसी दिन जवाब दिया कि सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और लिखित प्रस्ताव देना चाहिए। 24 मार्च को विपक्षी दलों ने रिजिजू को फिर से एक पत्र लिखकर सुझाव दिया कि वर्तमान में कई राज्यों में चुनाव और आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है इसलिए 29 अप्रैल के बाद बैठक बुलाई जाए। 26 मार्च को रिजिजू ने फिर से खरगे को पत्र लिखा और कहा कि हम दोबारा मांग करते हैं, कांग्रेस हमसे मिले और बातचीत करे, ताकि हम संविधान संशोधन के प्रस्ताव को आगे बढ़ाएं।

खरगे ने जवाब दिया कि सभी दलों को बुलाकर एक बैठक कीजिए और 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाइए। 16 से 26 मार्च तक खतों का आदान-प्रदान हुआ लेकिन भारतीय जनता पार्टी पहले ही मन बना चुकी थी कि विशेष सत्र बुला लिया जाए। अंत में रिजिजू ने एकतरफा निर्णय लेते हुए 16, 17, 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया। मतलब साफ है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव से कुछ दिन पहले ही आचार संहिता के दौरान ये विशेष सत्र बुलाया जाएगा।

कांग्रेस महासचिव रमेश ने कहा कि रिजिजू ने अपने सारे खतों में सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम की बात की है लेकिन अब साफ हो गया है कि ये विशेष सत्र सिर्फ नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर नहीं है बल्कि परिसीमन को लेकर भी है। हैरानी वाली बात यह है कि हमसे कभी भी परिसीमन का जिक्र नहीं किया गया, कभी इसके ऊपर कोई चर्चा नहीं हुई। अब ये साफ हो चुका है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में सिर्फ 30 महीने के अंदर संशोधन लाया जाएगा, साथ ही परिसीमन को लेकर संविधान में संशोधन किया जाएगा। इन तीन दिनों के विशेष सत्र में ये दो मुद्दे आएंगे। </description><guid>49821</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:21:00 pm</pubDate></item><item><title>बलूचिस्तान में बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण 7 लोगों की मौत, चार घायल</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49820</link><description>03 अप्रैलपाकिस्तान के बलूचिस्तान में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण व्यापक तबाही मच गई, जिसमें सैकड़ों घर, पशुधन और फसलें नष्ट हो गईं, जिससे सात लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, बाढ़ ने कच्छी, नासिराबाद, झाल मगसी, डेरा बुगती, सिबी, हरनाई, कोहलू, तुरबत, जाफरबाद, लोरालाई और बोलन सहित कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। हरनाई-क्वेटा और क्वेटा-संजावी राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्से बह गए हैं और कई सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिससे कई समुदाय अलग-थलग पड़ गए हैं और सिंध और बलूचिस्तान के बीच यातायात ठप हो गया है। जिला प्रशासन के समन्वय से आपातकालीन टीमें बचाव और राहत अभियान चला रही हैं।

पिछले महीने की 30 तारीख को, प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण छत और दीवार गिरने से 14 बच्चों सहित 17 लोगों की मौत हो गई और 56 अन्य घायल हो गए।
 </description><guid>49820</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:16:54 pm</pubDate></item><item><title>फ्रांस और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सहयोग करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49819</link><description>03 अप्रैलफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने आज होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और मध्य पूर्व में युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को कम करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। मैक्रॉन जापान की यात्रा के बाद कल दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे। 2017 में पदभार संभालने के बाद से यह राष्ट्रपति मैक्रॉन की सियोल की पहली यात्रा है। सियोल में उनकी शिखर बैठक ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का समर्थन न करने के लिए सहयोगियों की आलोचना की।

मैक्रोन ने कहा है कि सैन्य अभियान के ज़रिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना अवास्तविक है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मुद्दे पर वाशिंगटन के संपर्क में हैं और सियोल जलडमरूमध्य से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ईरान को पारगमन शुल्क देने पर विचार नहीं कर रहा है। दक्षिण कोरियाई और फ्रांसीसी अधिकारियों ने परमाणु ईंधन आपूर्ति श्रृंखलाओं पर सहयोग करने, दक्षिण कोरिया के दक्षिणी भाग में एक अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना में संयुक्त रूप से निवेश करने और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए। </description><guid>49819</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:14:19 pm</pubDate></item><item><title>श्रीलंका और विश्व बैंक समूह ने निजी निवेश को बढ़ावा देने और आर्थिक सुधार में सहयोग देने के लिए एक नई साझेदारी शुरू की है।</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49818</link><description>03 अप्रैलश्रीलंका और विश्व बैंक समूह ने द्वीप राष्ट्र की आर्थिक रिकवरी में सहायता करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई पांच वर्षीय साझेदारी शुरू की है। एक संयुक्त घोषणा के अनुसार, नया पांच वर्षीय कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क (सीपीएफ) श्रीलंका की निरंतर रिकवरी में सहायता करेगा, उसके 7 प्रतिशत के मध्यम अवधि के आर्थिक विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा। वाशिंगटन में विश्व बैंक के एक बयान के अनुसार, यह साझेदारी व्यापार करना आसान बनाएगी, सरकारी नियमों को सरल बनाएगी, व्यापार प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण करेगी और अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगी। ये सुधार श्रीलंका की 2030 तक वार्षिक निर्यात आय को दोगुना करके 36 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षा को भी समर्थन देंगे। </description><guid>49818</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:12:07 pm</pubDate></item><item><title> ओवैसी ने मियां समुदाय से एआईयूडीएफ के पक्ष में एकजुट होने की अपील की</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49817</link><description>गुवाहाटी, 03 अप्रैल। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को असम के बराक घाटी में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के समर्थन में चुनावी प्रचार को तेज करते हुए मियां समुदाय से एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करने की अपील की।

चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मियां जिंदाबाद के नारे लगाए और कहा कि इस बार समुदाय को संगठित होकर एआईयूडीएफ के पक्ष में मतदान करना चाहिए ताकि भाजपा को पराजित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मियां समुदाय का अस्तित्व और उसकी पहचान हमेशा बनी रहेगी।

सांसद ओवैसी ने भाजपा सरकार द्वारा चलाए जा रहे कथित बेदखली अभियानों का विरोध करते हुए लोगों से 9 अप्रैल को मतदान के माध्यम से इसका जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गरीब अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।

कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने गरीब मियां परिवारों के बेदखली के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वोट देने से समुदाय को कोई लाभ नहीं होगा।

ओवैसी ने यह भी कहा कि असम में मियां समुदाय की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान की लड़ाई केवल एआईयूडीएफ ही लड़ रही है और लोगों से पार्टी को समर्थन देने की अपील की। </description><guid>49817</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:10:01 pm</pubDate></item><item><title>ड्रोन ने एरबिल और बगदाद में अमेरिकी ठिकाने पर हमला किया</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49816</link><description>03 अप्रैलशुक्रवार को इराक के एरबिल शहर के मध्य में दो ड्रोन गिरे, जिनमें से एक घर से टकराया लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। दूसरा ड्रोन एक खुले इलाके में गिरा, उसमें भी कोई नुकसान नहीं हुआ। शहर पर ड्रोन हमले लगातार तेज होते जा रहे हैं। इससे पहले, गुरुवार शाम को बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थित अमेरिकी राजनयिक सहायता केंद्र पर दो ड्रोनों ने हमला किया, जो दो दिनों में इस तरह का दूसरा हमला था। यह केंद्र अमेरिकी राजनयिकों और कर्मचारियों के लिए रसद और प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करता है, जिसमें कार्यालय, आवासीय क्षेत्र, भंडारण क्षेत्र और सुरक्षित खंड शामिल हैं जो पूरे इराक में अमेरिकी दूतावास के संचालन में सहायता करते हैं।
इराक पश्चिमी एशिया के व्यापक संघर्ष में तेजी से उलझता जा रहा है, और उसका क्षेत्र इस क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाने वाले हमलों का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। एरबिल और बगदाद दोनों घटनाओं की जिम्मेदारी तत्काल किसी ने नहीं ली, और हवाई अड्डे पर हुए हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। </description><guid>49816</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:09:02 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल में स्पीकर के लिए आरएसपी के डीपी अर्याल ने भरा नामांकन, कांग्रेस और कम्युनिस्ट ने दिया समर्थन</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49813</link><description>काठमांडू, 03 अप्रैल । नेपाल में संघीय संसद के प्रतिनिधि सभा में स्पीकर पद के लिए सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की तरफ से डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल ने संसद सचिवालय में जाकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने अर्याल को ही समर्थन देने का फैसला लिया है।

डीपी अर्याल के प्रस्तावक प्रतिनिधि सभा सदस्य और पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने रहे, जबकि उनका समर्थन वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले, कानून मंत्री सोबिता गौतम और भौतिक पूर्वाधार मंत्री सुनील लम्साल ने किया है। प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने स्पीकर पद के लिए आरएसपी के अर्याल को ही समर्थन देने का फैसला किया हैं, जबकि यूएमएल अपना भी उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है।

कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने बताया कि सत्तापक्ष के पास संसद में पर्याप्त बहुमत है और स्पीकर एक साझा पद होता है, इसलिए पार्टी ने उम्मीदवार न देने का निर्णय लिया है और आरएसपी के ही उम्मीदवार के पक्ष में रहने का फैसला किया है।

इसी तरह प्रचण्ड के नेतृत्व वाली नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने भी स्पीकर पद पर उम्मीदवार न उतारने का निर्णय लिया है और आरएसपी के उम्मीदवार डीपी अर्याल को समर्थन देने की घोषणा की है।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख सचेतक युवराज दुलाल ने कहा कि वे स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि संसद में दो-तिहाई बहुमत वाली आरएसपी का स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार देना स्वाभाविक है और उसे हमारा समर्थन रहेगा।

केपी ओली के नेतृत्व वाली सीपीएन यूएमएल के सांसद ऐन महर ने कहा कि यदि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार आता है, तो उनका समर्थन किया जाएगा, अन्यथा यूएमएल खुद उम्मीदवार खड़ा करेगा। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष से कोई उम्मीदवार आता है तो हम समर्थन करेंगे। यदि नहीं आता है, तो यूएमएल खुद उम्मीदवार देगा। </description><guid>49813</guid><pubDate>03-Apr-2026 2:01:48 pm</pubDate></item><item><title>अब नेपाल में सभी सरकारी विज्ञापन सिर्फ सरकारी संचार माध्यम से दिए जायेंगे</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49811</link><description>काठमांडू, 03 अप्रैल । नेपाल सरकार ने सभी प्रकार के सरकारी विज्ञापन और सूचनाएं केवल सरकारी संचार माध्यमों के जरिए ही प्रकाशित और प्रसारित करने के लिए तीनों स्तर (संघ, प्रदेश और स्थानीय) के सरकारी निकायों को निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय ने शुक्रवार को निर्णय लेते हुए सभी संबंधित निकायों को यह परिपत्र जारी किया।

पत्र में कहा गया है कि सभी सार्वजनिक निकायों को अपने विज्ञापन केवल सरकारी अखबार गोरखपत्र, द राइजिंग नेपाल, सरकारी एफएम रेडियो नेपाल और सरकारी टीवी चैनल नेपाल टेलीविजन जैसे सरकारी या सरकारी स्वामित्व वाले संचार माध्यमों में ही देना होगा। इसके अलावा विज्ञापन के भुगतान की राशि संबंधित संचार संस्था के आधिकारिक बैंक खाते में ही जमा करनी होगी। विज्ञापन की दर और छूट से संबंधित मामलों को भी संबंधित सरकारी संचार माध्यम से ही स्वीकृति लेनी होगी।

प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के सचिवालय का कहना है कि विज्ञापन बाजार में फैली अव्यवस्था को रोकने के लिए यह नीति लागू की गई है। सचिवालय के अनुसार अधिकांश विज्ञापन तथाकथित क श्रेणी के ऐसे अखबारों में प्रकाशित हो रहे थे, जो केवल नाम मात्र के हैं और आम जनता तक नहीं पहुंचते, जिससे राज्य कोष का दुरुपयोग हो रहा था। सचिवालय ने कहा कि विज्ञापन एजेंसियां बिचौलियों की तरह काम कर बड़ी कमीशन ले रही हैं, लेकिन इससे न सरकार को और न ही मीडिया को कोई लाभ हो रहा है।

सरकार के इस निर्णय का निजी क्षेत्र के मीडिया, नेपाल पत्रकार महासंघ सहित विभिन्न संगठनों ने विरोध किया है। महासंघ ने इस फैसले पर गंभीर ध्यानाकर्षण, असहमति और आपत्ति जताई है और इसे 'प्रेस सेंसरशिप' की स्थिति पैदा करने का प्रयास बताया है। </description><guid>49811</guid><pubDate>03-Apr-2026 1:55:43 pm</pubDate></item><item><title>खाड़ी देशों में फंसे नेपाली नागरिकों की वापसी के लिए भेजे जाएंगे विशेष विमान</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49807</link><description>
काठमांडू, 03 अप्रैल । सरकार ने युद्धग्रस्त खाड़ी देशों में फंसे नेपाली नागरिकों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानें संचालित करने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के समन्वय में सरकार के विभिन्न निकायों के बीच हुई चर्चा के बाद खाड़ी देशों में फंसे नेपाली नागरिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए आज से विशेष विमान भेजे जाने की योजना बनाई गई है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सुरक्षा स्थिति के कारण इन क्षेत्रों के लिए नियमित उड़ानें 28 फरवरी से स्थगित थीं। खाड़ी देशों में युद्ध शुरू होने के बाद नेपाल सरकार ने स्वदेश वापसी की इच्छा रखने वाले नेपाली नागरिकों से ऑनलाइन आवेदन देने की अपील की थी। अब तक करीब 70 हजार नेपाली नागरिकों ने स्वदेश वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया है। सरकार ने नेपाल एयरलाइंस के माध्यम से 3 अप्रैल से तीन दिनों तक चार उड़ानें संचालित की जाएंगी।

विदेश मंत्रालय ने उड़ानों का समय-सारिणी भी सार्वजनिक की है, जिसके अनुसार 3 अप्रैल को काठमांडूदुबई 23:15 बजे (स्थानीय समय), 4 अप्रैल को दुबईकाठमांडू 04:10 बजे (स्थानीय समय), 5 अप्रैल को काठमांडूदमाम 08:30 बजे (स्थानीय समय), 5 अप्रैल को दमामकाठमांडू 12:20 बजे (स्थानीय समय) उड़ानें संचालित की जाएंगी। </description><guid>49807</guid><pubDate>03-Apr-2026 1:01:26 pm</pubDate></item><item><title>नेपाल के गृहमंत्री कार्यालय के सोफे पर सोये, सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49804</link><description>काठमांडू, 03 अप्रैल । नेपाल के गृहमंत्री सूदन गुरूंग ने मंत्रालय के दफ्तर के सोफे पर सोते हुए अपनी एक तस्वीर सार्वजनिक की है। उन्होंने यह तस्वीर फेसबुक के माध्यम से साझा की, जिसमें वे कार्यालय के भीतर ही सोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

फेसबुक पर फोटो पोस्ट करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, निर्माता से बड़ा निर्माण नहीं होता, जनता से ऊपर सरकार नहीं होती। तस्वीर में वे सोफे पर रजाई ओढ़कर सोते हुए नजर आ रहे हैं।

उनके करीबी लोगों का कहना है कि जब से सुदन गुरूंग ने गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाला है तब से वो अपने घर पर नहीं गए हैं। उन्हें कई दिन तक भी देर रात तक मंत्रालय में सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक करते देख गया है।

गृह मंत्री बनने के दिन ही गुरूंग ने देर रात तक सुरक्षा अधिकारियों से बैठक कर उन्हें जेन-जी आंदोलन में दमन करने के आरोप में कार्रवाई का आदेश दिया।

गुरूंग के ही निर्देश पर पद संभालने के दूसरे दिन ही तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया। पुराने प्रधानमंत्री मंत्री नेता शीर्ष अधिकारी सभींके खिलाफ जितने भी मामले लंबित हैं सभी पर कार्रवाई के लिए वो लगातार जांच एजेंसियों पर दबाव बना रहे हैं। </description><guid>49804</guid><pubDate>03-Apr-2026 12:47:03 pm</pubDate></item><item><title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को बर्खास्त कर दिया।</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49803</link><description>03 अप्रैलअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को बर्खास्त कर दिया है। उन्होंने यह घोषणा ट्रुथ सोशल पोस्ट के माध्यम से की। उनकी जगह डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच को नियुक्त किया जाएगा। खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प जेफरी एपस्टीन से संबंधित फाइलों को बोंडी द्वारा जारी किए जाने से नाराज थे। उन्होंने कहा कि बोंडी निजी क्षेत्र में एक अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण नए पद पर जा रही हैं।

साठ वर्षीय बोंडी, श्री ट्रम्प द्वारा बर्खास्त किए गए दूसरे कैबिनेट अधिकारी हैं। उनसे पहले 5 मार्च को गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम को पद से हटा दिया गया था। अमेरिका में न्याय विभाग के प्रमुख के रूप में अटॉर्नी जनरल के पास व्यापक शक्तियां होती हैं और वे अन्य सरकारी संरचनाओं में गृह मंत्री के समान कुछ कार्यों को संभालते हैं। </description><guid>49803</guid><pubDate>03-Apr-2026 12:46:47 pm</pubDate></item><item><title>ईरान ने बहरीन स्थित अमेज़न वेब सर्विसेज की सुविधा पर हमला किया, जिससे सेवाओं में अस्थायी व्यवधान उत्पन्न हुआ।</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49802</link><description>03 अप्रैलपश्चिम एशिया में अमेज़न की क्लाउड कंप्यूटिंग शाखा पर एक और हमला हुआ है। ईरान ने बुधवार को बहरीन में अमेज़न वेब सर्विसेज की एक सुविधा पर हमला किया, जिससे सेवाओं में अस्थायी रूप से व्यवधान उत्पन्न हुआ।

संघर्ष की शुरुआत में, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में स्थित दो एडब्ल्यूएस डेटा केंद्रों और बहरीन में एक अलग वाणिज्यिक सुविधा को निशाना बनाया था। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने पुष्टि की कि ईरानी हमलों के बाद सुविधा में लगी आग पर काबू पाने के लिए नागरिक सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि वे घटनास्थल पर आवश्यक कदम उठा रहे हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि ये हमले उन डेटा केंद्रों को निशाना बनाकर किए गए थे जो दुश्मन के सैन्य और खुफिया अभियानों में सहायता करते हैं।

31 मार्च को ईरान ने आधिकारिक तौर पर 18 अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों को वैध सैन्य लक्ष्य घोषित किया। इस सूची में अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, गूगल, एप्पल, मेटा, एचपी, टेस्ला, ओरेकल, बोइंग, सिस्को और आईबीएम शामिल हैं। </description><guid>49802</guid><pubDate>03-Apr-2026 12:44:26 pm</pubDate></item><item><title>जीसीसी महासचिव ने सदस्य देशों और जॉर्डन में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ईरानी आक्रामकता की निंदा की।</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49801</link><description>03 अप्रैलखाड़ी सहयोग परिषद के महासचिव जसीम अलबुदैवी ने 28 फरवरी से सदस्य देशों और जॉर्डन में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की ईरानी आक्रामकता की निंदा की है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जीसीसी महासचिव द्वारा दी गई पहली ब्रीफिंग में, श्री अलबुदैवी ने कहा कि इन हमलों में नागरिकों और हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों, बंदरगाहों और आवासीय क्षेत्रों सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। उन्होंने हमलों की निंदा करने वाले सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को अपनाने का स्वागत किया और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इसके पूर्ण कार्यान्वयन का आह्वान किया।

जीसीसी प्रमुख ने दोहराया कि खाड़ी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा का अधिकार है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संकटों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही सर्वोत्तम मार्ग हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब बहरीन अप्रैल महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, जिसकी उद्घाटन बैठक में संयुक्त राष्ट्र और जीसीसी के बीच सहयोग पर चर्चा की जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने संयुक्त राष्ट्र और जीसीसी के बीच समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद की रोकथाम और उसका मुकाबला करने, और खाद्य और जल सुरक्षा से संबंधित साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग को प्रोत्साहित किया है। यह सब ईरान के साथ चल रहे इजरायल-संयुक्त राज्य अमेरिका के युद्ध से घिरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

बहरीन के प्रतिनिधि द्वारा अप्रैल माह के लिए परिषद अध्यक्ष के रूप में प्रस्तुत एक सहमतिपूर्ण राष्ट्रपति वक्तव्य में, सुरक्षा परिषद ने क्षेत्रीय स्थायी शांति और सुरक्षा को समझने और बढ़ावा देने में खाड़ी सहयोग परिषद की स्थिति और विशेषज्ञता को मान्यता दी। </description><guid>49801</guid><pubDate>03-Apr-2026 12:41:49 pm</pubDate></item><item><title>संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49800</link><description>03 अप्रैलसंयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल के लिए अब समय आ गया है कि वे उस युद्ध को रोकें जो भारी मानवीय पीड़ा और विनाशकारी आर्थिक परिणामों का कारण बन रहा है। उन्होंने ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने का आग्रह किया। एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि संघर्ष तब समाप्त होते हैं जब नेता विनाश के बजाय संवाद को चुनते हैं। उन्होंने कहा कि यह विकल्प अभी भी मौजूद है और इसे अब चुनना होगा।

न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद के बाहर प्रेस से बात करते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि इस युद्ध के जारी रहने से हर दिन मानवीय पीड़ा बढ़ती जा रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष को दूसरा महीना हो गया है, जिससे क्षेत्र और उससे बाहर आर्थिक और मानवीय कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। गुटेरेस ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया।

शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं, इस बात पर जोर देते हुए श्री गुटेरेस ने कहा कि विवादों का शांतिपूर्ण ढंग से निपटारा होना चाहिए और सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया एक व्यापक युद्ध के कगार पर है जो पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले लेगा और इसके वैश्विक स्तर पर गंभीर प्रभाव होंगे। </description><guid>49800</guid><pubDate>03-Apr-2026 12:39:38 pm</pubDate></item><item><title>इतिहास के पन्नों में 04 अप्रैलः जब रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी छोड़ा</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49768</link><description>इतिहास में 04 अप्रैल का तारीख युद्ध की दो बड़ी घटनाओं से संबद्ध है। 1858 में 04 अप्रैल को ही अंग्रेजों की सेना के खिलाफ भीषण संघर्ष के बाद झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को झांसी छोड़ना पड़ा। अंग्रेजों से डटकर लोहा लेने वाली लक्ष्मीबाई झांसी से निकलकर कालपी पहुंचीं और फिर वहां से ग्वालियर रवाना हुईं। दूसरे विश्च युद्ध का निर्णायक मोड़ कहा जाने वाला 'द बैटल ऑफ कोहिमा' 1944 में 04 अप्रैल को ही शुरू हुआ था। इसने एशिया की तरफ बढ़ते जापान के कदमों को रोक दिया था।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1768: फिलिप एस्ले ने माडर्न सर्कस का पहला शो पेश किया।

1769: हैदर अली ने पहले ऐंग्लो-मैसूर युद्ध में शांति की शर्तें तय कीं।

1818: अमेरिकी कांग्रेस ने अमेरिका के झंडे को मंजूरी दी।

1858: रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेजों से भीषण युद्ध के बाद झांसी को छोड़ना पड़ा।

1905ः कांगड़ा घाटी में आए भूकंप में 20,000 लोगों की मौत।

1949ः उत्तरी अटलांटिक सैन्य संगठन की स्थापना।

1979ः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी।

1994ः तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने तिब्बती बालक उग्येन थिनली दोरजी को नया करमापा घोषित किया।

1997ः क्रयशक्ति की क्षमता की दृष्टि से विश्व बैंक ने भारत को विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश घोषित किया।

2001ः चीन का अमेरिका विमान व चालक दल लौटाने से इनकार।

2001ः फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति एरुत्रादा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल।

2004ः भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर माओवादियों ने 18 भारतीय तेल टैंकरों में आग लगाई।

2006ः इराक के अपदस्थ राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पर नए आरोप लगे।

2008ः पाकिस्तान की नई सरकार ने सेना के खुफिया प्रमुख के पद से मेजर जनरल नदीम को हटाया।

2010ः ओडिशा में माओवादियों के हमले में 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत।

जन्म

1889ः हिन्दी जगत के कवि, लेखक, पत्रकार माखन लाल चतुर्वेदी।

1908ः भारतीय संविधान सभा की एकमात्र मुस्लिम महिला सदस्य बेगम ऐजाज रसूल।

1915ः भारत के महान क्रांतिकारी असित भट्टाचार्य।

1949ः भारतीय अभिनेत्री परवीन बॉबी।

निधन

1987ः हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानन्द वात्स्यायन)।

1995ः भारत की प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद हंसा मेहता।

2019ः प्रमुख उपनिषदों के आख्यानों, अवधारणाओं, पदों, और शब्दों की युक्तियुक्त व्याख्याकार वेदवती वैदिक।

2025ः प्रख्यात अभिनेता मनोज कुमार।


 </description><guid>49768</guid><pubDate>03-Apr-2026 11:00:56 am</pubDate></item><item><title>इस युद्ध में अब तक की मानवीय कीमत</title><link>https://thevoicetv.in/international.php?articleid=49767</link><description>
लेबनान: 1,345 लोग मारे गए। 4,040 से घायल।

इजराइल: 28 लोग मारे गए। 3,223 घायल।

अमेरिका: 13 लोग मारे गए। 200 घायल।

वेस्ट बैंक: चार लोग मारे गए।

यूएई: 12 लोग मारे गए। 169 घायल।

बहरीन: तीन लोग मारे गए।

सऊदी अरब: दो लोग मारे गए। 20 घायल।

कुवैत: छह लोग मारे गए।

ओमान: तीन लोग मारे गए।

कतर: 16 लोग घायल।

जॉर्डन: 20 लोग घायल।

सीरिया: 4 लोग मारे गए।

इराक: 107 लोग मारे गए।


 </description><guid>49767</guid><pubDate>03-Apr-2026 11:00:40 am</pubDate></item></channel></rss>