<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>The Voice TV Feed</title><link>https://thevoicetv.in</link><description>The Voice TV Feed Description</description><item><title>बासी रोटी से कैसे बनाएं चटपटी चाऊमीन? बच्चों का दिल जीत लेगी यह डिश</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48614</link><description>रसोई में असली हुनर तब नजर आता है जब हम बचे हुए खाने से भी कुछ नया और मजेदार बना लें. अक्सर रात की बची रोटियां अगले दिन किसी को खास पसंद नहीं आतीं. एक ही चीज को दोबारा उसी अंदाज में परोस दिया जाए तो घरवालों का मन भी नहीं करता. लेकिन अगर उसी बासी रोटी को नया ट्विस्ट दे दिया जाए, तो वही साधारण चपाती सबकी फेवरेट बन सकती है. आमतौर पर लोग बची रोटियों से रोटी का चूरा या उपमा बना लेते हैं, लेकिन इस बार उन्हें चाइनीज ट्विस्ट देकर कुछ अलग ट्राई किया जा सकता है. इसमें रोटी चाऊमीन या रोटी नूडल्स स्वाद में लाजवाब होती है और खासकर बच्चों को खूब पसंद आती है. यह डिश जल्दी बनती है और ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती. लेकिन चलिए आपको बताते हैं कि आप इसका चाउमीन कैसे बना सकते हैं.
कैसे बना सकते हैं रोटी का नूडल्स?
अगर आप रोटी का नूडल्स बनाने की सोच रहे हैं, तो इसे बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले बची हुई रोटियों को फोल्ड कर लें और उन्हें पतली-पतली लंबी स्ट्रिप्स में काट लें, बिल्कुल नूडल्स की तरह. इसके बाद अब आपको एक कड़ाही या पैन में थोड़ा सा तेल गरम करें. इसमें बारीक कटा हुआ अदरक और लहसुन डालकर हल्का भून लें. इसके बाद अपनी पसंद की सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, गाजर, पत्ता गोभी या प्याज डालें और तेज आंच पर हल्का क्रंची रहने तक पकाएं. जब आपको लगे कि यह पक गया है, तो इसको उतार दें.
अब बारी है असली चाइनीज स्वाद की. पैन में एक चम्मच सोया सॉस, थोड़ा टमाटर केचप और कुछ बूंदें विनेगर डालें. चाहें तो थोड़ा चिली सॉस भी मिला सकते हैं, ताकि स्वाद और चटपटा हो जाए. नमक और काली मिर्च डालकर सब कुछ अच्छी तरह मिला लें. जब मसाला तैयार हो जाए, तब कटी हुई रोटियों को इसमें डालकर 2-3 मिनट तक अच्छे से टॉस करें, ताकि सारी सॉस रोटी में अच्छी तरह मिल जाए.
कुछ ही मिनटों में आपकी बासी रोटी की चटपटी चाऊमीन तैयार है. यह डिश शाम के स्नैक, बच्चों के टिफिन या अचानक लगी भूख के लिए परफेक्ट ऑप्शन है. सबसे अच्छी बात यह है कि इससे फूड वेस्टेज भी नहीं होता और घर के लोग भी खुश रहते हैं. इसलिए अगली बार आप घर की रोटी फेंकने से पहले उसको कुछ अलग बनाने की ट्राई करें, जिसको बच्चों के साथ-साथ बड़े लोग भी खूब खाना पसंद करते हैं.
 </description><guid>48614</guid><pubDate>09-Mar-2026 12:53:02 pm</pubDate></item><item><title>काले अंगूर पर ज्यादा पेस्टिसाइड लगा होता है या हरे अंगूर पर? जानें इसे सही से साफ करने का तरीका</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48613</link><description>अंगूर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हें लोग स्नैक के रूप में, फ्रूट सलाद में या कई तरह के व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंगूर खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है. बिना धोए अंगूर खाने से शरीर में कीटनाशकों, बैक्टीरिया या गंदगी के जाने का खतरा बढ़ सकता है. सोशल मीडिया पर भी इन दिनों बिना धोए अंगूर खाने के नुकसान को लेकर काफी चर्चा हो रही है.
क्यों साफ करने चाहिए अंगूर?
कई लोग बताते हैं कि खेती के दौरान अंगूर पर पेस्टिसाइड और वैक्स जैसी परत लग सकती है, इसलिए इन्हें खाने से पहले अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. फूड ब्लॉगर वाणी शर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक टिप साझा करते हुए बताया कि अंगूर को साफ करने के लिए उन्हें सिरका और बेकिंग सोडा वाले पानी में करीब 15 मिनट तक भिगोकर रखना चाहिए और फिर तीन-चार बार अच्छी तरह धोना चाहिए.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
हालांकि, इस बारे में एक्सपर्ट की राय थोड़ी अलग भी है. फिटनेस और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट रिया श्रॉफ एकलास, जो Body Fit TV और The Diet Channel की फाउंडर हैं, उन्होंने बताया कि अंगूर खाने से पहले उन्हें धोना बेहद जरूरी है. उनके अनुसार बिना धोए अंगूर खाने से कीटनाशक, मिट्टी और बैक्टीरिया शरीर में जा सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर निगेटिव असर पड़ सकता है.
अब सवाल यह उठता है कि अंगूर को सही तरीके से कैसे धोना चाहिए. कुछ लोग एक चम्मच समुद्री नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर पानी में अंगूर को 5 से 7 मिनट तक भिगोते हैं और फिर उन्हें साफ पानी से धो लेते हैं. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरीके की प्रभावशीलता को लेकर साइंटफिक रूप से पूरी तरह प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है. आमतौर पर बहते पानी के नीचे अंगूर को अच्छी तरह धोना ही पर्याप्त माना जाता है.
अब सवाल यह उठता है कि अंगूर को सही तरीके से कैसे धोना चाहिए. कुछ लोग एक चम्मच समुद्री नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर पानी में अंगूर को 5 से 7 मिनट तक भिगोते हैं और फिर उन्हें साफ पानी से धो लेते हैं. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरीके की प्रभावशीलता को लेकर साइंटफिक रूप से पूरी तरह प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है. आमतौर पर बहते पानी के नीचे अंगूर को अच्छी तरह धोना ही पर्याप्त माना जाता है.
 </description><guid>48613</guid><pubDate>09-Mar-2026 12:46:20 pm</pubDate></item><item><title>रीढ़ की हड्डी को लचीला और मन को शांत बनाता है मारीच्यासन  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48563</link><description>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोग तनाव, कमर दर्द और पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान हैं। ऐसे में योग एक आसान और कारगर तरीका है, जो शरीर को लचीला बनाता है और मन को शांत रखता है। इसी कड़ी में 'मारीच्यासन' एक ऐसा योगाभ्यास है,
 जिसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी लचीली होने समेत कई तरह की शारीरिक समस्याओं से निजात मिलता है। मारीच्यासन को 'मारीचि' ऋषि के नाम पर जाना जाता है। 'मारीच्यासन' शब्द संस्कृत से बना है। इसमें 'मारीच' का अर्थ प्रकाश की किरण (सूर्य या चंद्रमा की किरण) होता है और 'आसन' का अर्थ बैठने की 'मुद्रा' या फिर योग की स्थिति होती है। 
इस आसन के नियमित अभ्यास करने से यह आसन कंधों, कमर, गर्दन और पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। साथ ही पाचन तंत्र पर भी सकारात्मक असर डालता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मारीच्यासन मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी) में लचीलापन बढ़ाने, पाचन क्रिया में सुधार करने और मधुमेह के प्रबंधन के लिए एक प्रभावी योगासन है। यह आसन शरीर में कार्य क्षमता को पुनर्जीवित करता है। इसके नियमित अभ्यास से रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) बेहतर होता है, तनाव कम होता है और पेट के कई अंग सक्रिय होते हैं, जैसे लिवर, किडनी, प्लीहा, पेट, अग्न्याशय, छोटी आंत, पित्ताशय और प्रजनन तंत्र। 
 इसे करना बेहद आसान है। इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर दंडासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपना दाहिना घुटना मोड़ें और बाएं हाथ को दाहिनी जांघ के बाहर रखें। सांस को छोड़ते हुए दाईं ओर मुड़ें और पीछे की तरफ देखें। संभव हो, तो हाथों को पीठ के पीछे पकड़ें। 5-10 गहरी सांसें लेकर दूसरी तरफ दोहराएं। शुरुआत में आसन को धीरे-धीरे और योग शिक्षक की देखरेख में करें। सांस पर पूरा ध्यान दें, जल्दबाजी न करें। 
नियमित योग से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह आसन शरीर को लचीला बनाता है और मन को शांत रखता है। वहीं, सही तरीके से सांस लेना और ध्यान केंद्रित करना इस आसन का सबसे बड़ा रहस्य है। हालांकि, यह आसन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाएं, गंभीर कमर दर्द या हाल ही में सर्जरी हुई हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

 </description><guid>48563</guid><pubDate>07-Mar-2026 5:25:34 pm</pubDate></item><item><title>आंखों का रंग और सूजन बताती है सेहत का हाल, त्रिदोष संतुलन सबसे बड़ा कारण  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48530</link><description>आंखें शरीर का सिर्फ एक अंग नहीं, बल्कि दुनिया को देखने का साधन हैं। बिना आंखों के जीवन की कल्पना करना भी डरावना अनुभव देता है। आंखों से रंगीन दुनिया को देखना आसान है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आंखें सिर्फ दुनिया का हाल ही नहीं, बल्कि शरीर की आंतरिक परेशानियों का हाल भी बताती हैं। आंखों का बदलता रंग और निकलने वाला पानी शरीर में कई बीमारियों का संकेत देता है। तो चलिए आज हम आपको आंखों के बदलते रंग के पीछे का कारण बताते हैं।
 पहले बात करते हैं पीली आंखों की। पीली आंखें पित्त दोष के कारण होती है और यकृत रोग और उच्च बिलीरुबिन में गड़बड़ का संकेत देती है। पीली आंखों की वजह से शरीर में गर्मी और चक्कर आने की परेशानी बढ़ने लगती हैं। इसके लिए आयुर्वेद में आंवला, गिलोय और हल्दी के सेवन की सलाद ही जाती है।
 दूसरे नंबर पर है आंखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल। डार्क सर्कल को हमेशा नींद से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह वात और पित्त दोनों के बढ़ने का संकेत है। यह तनाव, निर्जलीकरण, एलर्जी और एनीमिया की वजह से भी हो सकता है। ऐसा होने पर आहार में खजूर, घी और पानी में भीगी किशमिश का सेवन करना चाहिए। 

 तीसरे नंबर है पफी आंखें। कई लोगों की आंखे सूजी और फूली-फूली दिखती है। यह कफ दोष की वृद्धि को दिखाता है और गुर्दे पर भार, अत्यधिक नमक और थायरॉइड विकार का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में खीरा और धनिया के पानी का सेवन लाभकारी होता है। सिर्फ आंखें ही नहीं बल्कि पीली पलकें भी शारीरिक अस्वस्थता का संकेत देती हैं। यह एनीमिया और विटामिन बी12 की कमी को दर्शाती हैं। ऐसे में आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार और खट्टे फलों का सेवन जरूर करें।

इसके अलावा, आंखों से पानी बहना भी सिर्फ आंखों का विकार नहीं है, यह पित्त और वात दोष के संतुलन को दिखाता है। यह एलर्जी, संक्रमण और आंखों के सूखापन का संकेत होता है। ऐसे में आहार में बादाम, मशरूम और दूध का सेवन अधिक करें। लाल आंखें भी आंखों की बीमारी का संकेत देता है। यह शरीर में बढ़ते संक्रमण और वात की वृद्धि को दिखाता है। इससे आंखों में लालिमा बनी रहती है और आंखें सूजी दिखती है। कई बार यह किडनी में परेशानी का भी कारण हो सकता है।

 </description><guid>48530</guid><pubDate>06-Mar-2026 12:14:20 pm</pubDate></item><item><title>गर्मियों में दही का सेवन कितना सही? जानें आयुर्वेद में लिखे सेवन के सही तरीके  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48529</link><description>गर्मियों के मौसम के साथ ही आहार में ठंडे और तरल पेय पदार्थों की मांग बढ़ जाती है और इसके लिए सबसे अच्छा विकल्प है दही। दही का इस्तेमाल कई तरीकों से गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए किया जाता है लेकिन क्या किसी भी समय दही का सेवन करना सही है। आयुर्वेद में दही को जहां अमृता माना गया है, वहीं उसके सेवन के सही नियम और मात्रा भी बताई गई है। आयुर्वेद में दही को बलवर्धक और अग्नि प्रदीपक माना गया है।
 सरल भाषा में कहें तो दही पाचन अग्नि को तेज करती है और शरीर को बल भी देती है। चरक संहिता में दही के गुणों के बारें में भी विस्तार से बताया गया है। दही भारी, चिकनी, खट्टी और बल को बढ़ाने वाले होती है और इसके सेवन का असर हर किसी के शरीर पर अलग-अलग होता है। इसके साथ ही रात के समय दही के सेवन को हानिकारक माना गया है। यह स्पष्ट करता है कि दही पौष्टिक होने के बावजूद हर समय उपयुक्त नहीं है।

अब जानते हैं कि गर्मियों में दही के सेवन के सही नियम क्या हैं। दही पित्त दोष और कफ दोष को बढ़ाती है और इसका स्वाद भी खट्टा होता है। ऐसे में दही को दोपहर के भोजन के साथ लेना सही रहता है। अगर दही को मथकर लिया जाए तो यह शरीर के लिए और लाभकारी बन जाती है। 
छाछ या दही में हल्का मीठा शहद या खांड मिलाकर ले सकते हैं लेकिन नमक मिलाने से परहेज करें। आयुर्वेद में दही में मीठा मिलाकर खाने की सलाह दी जाती है लेकिन नमक नहीं, क्योंकि यह विरुद्ध आहार हो जाता है। इसके साथ ही सीधे फ्रिज से निकाला हुआ ठंडा दही खाने से पाचन प्रभावित हो सकता है। 
चरक संहिता में विस्तार से बताया गया है कि दही का सेवन किन लोगों को करना चाहिए। दही का सेवन उन लोगों को करना चाहिए जिनका पाचन अच्छा हो, जो अधिक शारीरिक श्रम करते हो या फिर जो दुबले-पतले और कमजोरी महसूस करते हो। अगर आंतों या पेट में पित्त बढ़ने की समस्या रहती है,
 तब भी दही का सेवन किया जा सकता है लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि सर्दी-जुकाम से पीड़ित, कफ से पीड़ित, मुहांसों या फिर किसी प्रकार की त्वचा एलर्जी से पीड़ित लोगों को दही का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही, रात के समय भोजन में दही का इस्तेमाल न करें। इससे भारीपन, गैस या एसिडिटी बढ़ सकती है।

 </description><guid>48529</guid><pubDate>06-Mar-2026 12:11:09 pm</pubDate></item><item><title>थायरॉइड की समस्या से हैं परेशान , तो इन योग आसनों का रेगुलर करें अभ्यास  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48460</link><description>समग्र स्वास्थ्य के लिए योग फायदेमंद माना जाता है। योग से शरीर में ऊर्जा संतुलित होती है और लचीलापन आने के साथ ही तनाव की समस्या से छुटकारा मिलता है। कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए योग को असरदार माना जाता है। थायराइड के स्तर को नियंत्रित करने और स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए यहां कुछ योगासनों के फायदे बताएं जा रहे हैं थायराइड में करें सेतुबंधासन का अभ्यास: इस आसन को ब्रिज पोज भी कहते हैं। 
पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए यह योगासन लाभकारी है। अध्ययनों से पता चला है कि सेतुबंधासन के अभ्यास से थायराइड के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट कर पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करके घुटनों को मोड़ लें। अब हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा लें और सांस को लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएंं। सांस छोड़ते हुए पुरानी वाली स्थिति में आ जाएं।
कोबरा पोज: थायराइड की समस्या से राहत पाने के लिए कोबरा पोज का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन से गले और थायराइड को उत्तेजित करने में सहायक माना जाता है। कोबरा पोज के अभ्यास से लिए जमीन पर लेटकर हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। 
अब श्वास लेते हुए छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। अब शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं। इस योग को दोहराएं। कैट-काउ पोज: थायराइड की समस्या से परेशान लोगों को कैट काऊ का अभ्यास करना चाहिए। यह गले में रक्त के प्रवाह को निरंतर जारी रखने में लाभकारी है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले कलाइयों और घुटनों की मदद से जानवरों जैसी मुद्रा बना लें। गहरी श्वास लें और छोड़ें। इस योग को रोजाना 10 मिनट करने चाहिए।


 </description><guid>48460</guid><pubDate>03-Mar-2026 12:33:29 pm</pubDate></item><item><title>होली के मौके पर घर पर इस तरह बनाएं ठंडाई</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48459</link><description>होली का त्योहार रंगों के साथ-साथ स्वादिष्ट पकवानों और ठंडी-ठंडी ठंडाई के बिना अधूरा माना जाता है। रंग खेलने के बाद जब गला सूख जाए और शरीर को ठंडक की जरूरत हो, तब एक गिलास ठंडाई ( How To Make Thandai Drink) पूरे मूड को फ्रेश कर देती है। 
ऐसे में इस बार बाजार से रेडीमेड ड्रिंक लाने की बजाय घर पर ही पारंपरिक अंदाज में ठंडाई बनाएं। ठंडाई बनाने के लिए दूध, बादाम, ड्राइफ्रूट्स और केसर की ज़रूरत होती है। यह मिश्रण आपके गले को ठंडक पहुंचाता है। तो, चलिए नोट कर लीजिए ठंडाई की स्पेशल रेसिपी|
ठंडाई बनाने के लिए सामग्री:
810 बादाम (भीगे और छिले हुए), 810 काजू, 810 पिस्ता, 1 बड़ा चम्मच तरबूज के बीज, 1 बड़ा चम्मच खसखस, 45 हरी इलायची, 45 काली मिर्च, थोड़े से गुलाब की सूखी पंखुड़ियां, 2 बड़े चम्मच चीनी (स्वादानुसार), केसर, 1 बड़ा चम्मच सौंफ, 1 लीटर ठंडा दूध
ठंडाई बनाने की विधि?
एक बाउल में बादाम को गर्म पानी में 10 मिनट के लिए भिगो दें।
दूसरे बाउल में काजू, पिस्ता, खरबूजे के बीज, खसखस ​​को 10 मिनट के लिए भिगो दें।
10 मिनट भीगने के बाद बादाम का छिलका हटा दें।
सभी सामग्री को मिक्सर जार में डालें और थोड़े से दूध के साथ पीसकर मुलायम पेस्ट बना लें। थोड़ा से दूध में केसर डालें।
अब इसमें केसर वाला दूध डालें और अच्छी तरह मिला लें।
पेस्ट को दूध में डालें और अच्छी तरह मिलाएं। 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं।
दूध में पिसा हुआ मसाला डालकर अच्छी तरह मिला लें।
और भी रिच स्वाद के लिए थोड़ी सी मलाई या कंडेंस्ड मिल्क मिला सकते हैं।
अगर चाहें तो हल्का सा गुलाब जल भी डाल सकते हैं। सर्व करते समय ऊपर से कटे हुए पिस्ता-बादाम डालें। </description><guid>48459</guid><pubDate>03-Mar-2026 12:26:15 pm</pubDate></item><item><title>पाचन को स्वाभाविक रूप से बेहतर बनाने के 7 तरीके: स्वस्थ आंत के लिए आसान आदतें  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48404</link><description>एक हेल्दी डाइजेस्टिव सिस्टम पूरी सेहत के लिए ज़रूरी है। बेहतर इम्यूनिटी से लेकर बेहतर मूड और एनर्जी लेवल तक, पेट आपके शरीर के काम करने के तरीके में अहम भूमिका निभाता है। खराब डाइजेशन से ब्लोटिंग, एसिडिटी, कब्ज और थकान हो सकती है, ये ऐसे लक्षण हैं जिनका सामना ज़्यादातर लोग अक्सर करते हैं। हेल्थलाइन के अनुसार, लाइफस्टाइल में कुछ नेचुरल बदलाव करके बिना ज़्यादा दवा पर निर्भर हुए डाइजेस्टिव हेल्थ को काफी बेहतर बनाया जा सकता है। फाइबर से भरपूर खाना डाइटरी फाइबर स्टूल को बल्क बनाता है और बाउल मूवमेंट को रेगुलेट करने में मदद करता है। 
अपने खाने में साबुत अनाज, ओट्स, पपीता और सेब जैसे फल, सब्जियां, दाल और बीज शामिल करें। फाइबर अच्छे गट बैक्टीरिया को भी पोषण देता है, जो आसानी से डाइजेशन के लिए ज़रूरी हैं। खाना ठीक से चबाएं डाइजेशन मुंह से शुरू होता है। धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाने से आपके पेट और आंतों पर बोझ कम होता है। यह ज़्यादा खाने और ब्लोटिंग को रोकने में भी मदद करता है। प्रोबायोटिक्स और फर्मेंटेड फूड्स शामिल करें दही, छाछ, अचार (नेचुरली फर्मेंटेड), और दूसरे प्रोबायोटिक से भरपूर फूड्स गट बैक्टीरिया का हेल्दी बैलेंस बनाए रखने में मदद करते हैं। एक बैलेंस्ड गट माइक्रोबायोम न्यूट्रिएंट्स के एब्ज़ॉर्प्शन को बेहतर बनाता है और पाचन से जुड़ी परेशानी को कम करता है। एक्टिव रहें रेगुलर एक्सरसाइज़ आंतों की एक्टिविटी को बढ़ाती है और कब्ज़ जैसी दिक्कतों को कम करती है। खाने के बाद 20-30 मिनट की तेज़ वॉक भी पाचन को आसान बना सकती है और ब्लोटिंग को कम कर सकती है।


स्ट्रेस लेवल को मैनेज करें स्ट्रेस सीधे पेट पर असर डालता है। योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज़ जैसी प्रैक्टिस पाचन सिस्टम को शांत करने में मदद कर सकती हैं। जब आप रिलैक्स होते हैं, तो आपका शरीर खाने को ज़्यादा अच्छे से प्रोसेस करता है। ज़्यादा खाने से बचें भारी डिनर और अनियमित खाने के पैटर्न से पाचन धीमा हो सकता है और एसिडिटी हो सकती है। खाने का समय तय रखें और डिनर हल्का रखें, बेहतर होगा कि सोने से दो से तीन घंटे पहले करें। हाइड्रेटेड रहें पर्याप्त पानी पीने से खाना पचने में मदद मिलती है और कब्ज़ से बचाव होता है। रोज़ कम से कम 7-8 गिलास पानी पीने का लक्ष्य रखें, अपनी एक्टिविटी लेवल और मौसम के हिसाब से एडजस्ट करें।


 </description><guid>48404</guid><pubDate>02-Mar-2026 11:42:22 am</pubDate></item><item><title>होली को बनाएं और भी स्पेशल, घर पर तैयार करें खस्ता और कुरकुरे नमक पारे  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48403</link><description>होली के रंगों के साथ स्वाद का आनंद भी जरूरी है। गुझिया, मठरी के साथ-साथ नमक पारे भी इस त्यौहार की खास मिठास और नमकीन का हिस्सा हैं। अगर आप इस बार होली पर घर पर ही खस्ता और कुरकुरे नमक पारे बनाना चाहते हैं, तो यहां आसान तरीका दिया गया है। इसके लिए आपको चाहिए: 500 ग्राम मैदा, आधा कप रिफाइंड तेल, स्वादानुसार नमक, आधा चम्मच अजवाइन, आवश्यकतानुसार तेल और चुटकी भर मीठा सोडा।
 स्टेप-बाय-स्टेप नमक पारे बनाने की विधि: सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा डालें। इसमें नमक, अजवाइन और मीठा सोडा मिलाएं। अब इसमें आधा कप तेल डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स कर लें। आटे को हाथ से मसलकर देखें कि आटा बंध रहा है या नहीं। अगर आटा अच्छी तरह से नहीं बन रहा, तो थोड़ा और तेल डालें। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटे को नरम और लचीला गूंथ लें। आटे को ढककर कुछ देर के लिए अलग रख दें। 
इस बीच कढ़ाई में तेल गर्म कर लें। आटे की बड़ी लोई लेकर उसे बेल लें और चाकू की मदद से मनचाही शेप में काट लें। कटे हुए नमक पारे को गर्म तेल में डालें। गैस मीडियम फ्लेम पर रखें और धीरे-धीरे फ्राई करें। इसी दौरान बाकी के पारे तैयार कर लें। लगभग 5-6 मिनट तक फ्राई करें या जब तक नमक पारे सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं।
 </description><guid>48403</guid><pubDate>02-Mar-2026 11:38:30 am</pubDate></item><item><title>लौंग लत्ता मिनटों में बनकर होगी तैयार नोट करें विधि  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48393</link><description>जब बात मीठे की हो, तो भला यूपी की मशहूर 'लौंग लत्ता' को कैसे भूला जा सकता है? खस्ता परत, मावे की मीठी स्टफिंग और ऊपर से चाशनी की मिठास। इसका स्वाद हर किसी को दीवाना बना देता है। 
अगर आपको लगता है कि इसे बनाना मुश्किल है, तो आप गलत हैं। बस कुछ आसान से टिप्स फॉलो करें, और आपकी लौंग लत्ता भी बनेगी बिल्कुल हलवाई जैसी। लौंग लत्ता के लिए सामग्री मैदा 2 कप, घी 1/4 कप, पानी आटा गूंथने के लिए, लौंग 10-12, मावा 1 कप, चीनी 2 कप, पानी 1 कप, इलायची पाउडर 1/2 चम्मच, ड्राई फ्रूट्स बारीक कटे हुए (काजू, बादाम, पिस्ता), तलने के लिए घी लौंग लत्ता बनाने का तरीका एक बर्तन में मैदा और घी डालकर अच्छी तरह मिला लें। जब यह मुट्ठी में बंधने लगे, तो थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। इसे गीले कपड़े से ढककर 15-20 मिनट के लिए रख दें।
 (आटे में घी का मोयन अच्छी मात्रा में डालें। इससे लौंग लत्ता अंदर से खस्ता बनेगी) एक पैन में खोया डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। आंच बंद करके इसमें इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें। एक पैन में चीनी और पानी डालकर धीमी आंच पर पकने दें। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए और चाशनी में एक तार बनने लगे, तो आंच बंद कर दें। (लौंग लत्ता को धीमी से मध्यम आंच पर ही तलें। इससे वे अंदर तक पकेंगी और बाहर से कुरकुरी बनेंगी) आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पूरी की तरह बेल लें। पूरी के बीच में तैयार स्टफिंग रखें। 
पूरी के चारों किनारों को मोड़ते हुए इसे लिफाफे का आकार दें। मोड़े हुए किनारों को चिपकाते हुए, बीच में एक लौंग लगा दें। इसी तरह सारी लौंग लत्ता तैयार कर लें। एक कड़ाही में घी गरम करें। लौंग लत्ता को सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तल लें। तली हुई लौंग लत्ता को गरम चाशनी में 5-7 मिनट के लिए डुबोएं। ध्यान रखें कि लौंग लत्ता गरम होनी चाहिए और चाशनी भी हल्की गरम हो, तभी ये अच्छे से रस सोखेंगी।
 </description><guid>48393</guid><pubDate>01-Mar-2026 12:19:34 pm</pubDate></item><item><title>पैर के पिछले हिस्से में दर्द: कारण, लक्षण और घरेलू उपचार </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48392</link><description>पैरों के पिछले हिस्से में दर्द हैमस्ट्रिंग, साइटिक नर्व, पिंडली की मांसपेशियों या पीठ के निचले हिस्से की नसों में हो सकता है। यह दर्द धीमा, खिंचने वाला, जलन वाला या तेज़ हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि दर्द किस वजह से हो रहा है।
 लक्षण जांघ या पिंडली के पिछले हिस्से में हल्का दर्द जकड़न या खिंचाव महसूस होना चलते या सीढ़ियाँ चढ़ते समय दर्द ज़्यादा देर बैठने के बाद अकड़न जलन या इलेक्ट्रिक शॉक जैसा दर्द (नसों से जुड़ा) आगे झुकने पर दर्द बढ़ना रात में पिंडलियों में ऐंठन पैरों में कमज़ोरी या भारीपन अगर पीठ से एड़ी तक सुन्नपन, झुनझुनी या दर्द हो, तो यह नस से जुड़ा हो सकता है। 
कारण ज़्यादा स्ट्रेचिंग, अचानक दौड़ने की एक्सरसाइज़ से मसल्स में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन) होता है साइटिका (नर्व पेन), पीठ के निचले हिस्से में साइटिक नर्व में जलन हो सकती है लंबे समय तक बैठने से लम्बर डिस्क हर्नियेशन स्लिप डिस्क खराब पोस्चर, टाइट हैमस्ट्रिंग लंबे समय तक बैठना, और कोई स्ट्रेचिंग रूटीन न होना काफ़ मसल्स में ऐंठन डिहाइड्रेशन, मैग्नीशियम या पोटैशियम की कमी और ज़्यादा चलने से हो सकती है 
डीप वेन थ्रोम्बोसिस अचानक जिम वर्कआउट खराब जूते विटामिन D की कमी कमज़ोर पीठ की मसल्स घरेलू नुस्खे आराम करें लेकिन पूरी तरह से बेड रेस्ट से बचें गर्म सिंकाई (मांसपेशियों में जकड़न के लिए) रोज़ हल्की स्ट्रेचिंग हाइड्रेशन (रोज़ 34 लीटर पानी) मैग्नीशियम से भरपूर चीज़ें (केला, नट्स, बीज) हल्की वॉकिंग, आसान स्ट्रेच और रोज़ाना योग मदद करता है
 </description><guid>48392</guid><pubDate>01-Mar-2026 12:16:29 pm</pubDate></item><item><title>स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48365</link><description>अगर आप एक स्वादिष्ट और पौष्टिक मिठाई बनाना चाहते हैं, तो सूजी-केसर का हलवा आपके लिए परफेक्ट है। यह डिश सिर्फ स्वाद में ही लाजवाब नहीं है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व भी आपके शरीर के लिए फायदेमंद हैं। हलवा बनाने के लिए आपको चाहिए एक कप सूजी, 1/4 कप केसर का दूध, 1-1.5 कप दूध, एक कप चीनी, 1 बड़ी चम्मच कटे हुए काजू, 1/4 छोटी चम्मच इलायची पाउडर और 2 बड़ी चम्मच मिल्कमेड। 
स्टेप-बाय-स्टेप तरीका पहला स्टेप: एक पैन में घी डालकर गर्म कर लें। अब इसमें सूजी डालकर अच्छे से मिक्स करें। दूसरा स्टेप: मीडियम आंच पर सूजी को तब तक भूनें, जब तक उसमें हल्के बुलबुले न दिखाई देने लगें। तीसरा स्टेप: जैसे ही घी और सूजी की खुशबू फैलने लगे और हलवा हल्का ब्राउन होने लगे, इसमें इलायची पाउडर डालें। चौथा स्टेप: अब कटे हुए ड्राई फ्रूट्स (जैसे काजू) डालकर 2 मिनट तक भूनें। पांचवां स्टेप: धीरे-धीरे दूध मिलाएं और हलवे को तब तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए और दूध पूरी तरह सूख जाए। छठा स्टेप: हलवे में मिल्कमेड डालकर अच्छे से मिलाएं। फिर इसमें चीनी और केसर भी डाल दें। 
सातवां स्टेप: मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक हलवा पूरी तरह से गाढ़ा न हो जाए। आखिर में बारीक कटे हुए काजू से हलवे को सजाएं। महज 30 मिनट में आपका सूजी-केसर का हलवा तैयार है। इसे गर्मागर्म परोसें और इसका लाजवाब स्वाद महसूस करें। स्वाद के साथ-साथ यह हलवा पोषक तत्वों से भरपूर है, जो सेहत के लिए भी लाभदायक हैं। अगर चाहें तो हलवे के ऊपर घी की थोड़ी बूंदें डालकर इसका स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। यह हलवा त्योहारों, खास मौकों या सिर्फ मिठास भरे स्नैक्स के लिए भी परफेक्ट है।

 </description><guid>48365</guid><pubDate>28-Feb-2026 11:52:01 am</pubDate></item><item><title>सिर्फ 4 मिनट में बनाएं 4 तरह की लस्सी, फटाफट नोट कर लें रेसिपी  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48364</link><description>गर्मी आते ही खाने से ज्यादा कुछ पीना अच्छा लगता है। शरीर को दिमाग को ठंडा करने के लिए रोजाना लस्सी और छाछ जरूर पीएं। आप घर में आसानी से बाजार जैसी लस्सी बनाकर पी सकते हैं। आज हम आपको सिर्फ 4-5 मिनट में 4 अलग-अलग फ्लेवर वाली लस्सी बनाना बता रहे हैं। इस लस्सी को पीकर आपको तुरंत एनर्जी और ताजगी महसूस होगी। हम आपको मैंगो लस्सी, केसर पिस्ता लस्सी, रोज लस्सी और सिंपल लस्सी बनाने की रेसिपी बता रहे हैं। इन फ्लेवर्ड लस्सी का स्वाद बहुत ही गजब का होता है। आपको इसके लिए पहले सिंपल लस्सी का बेस बनाना है फिर इसमें अपने पसंदीदा फ्लेवर एड करते जाएं।
 गर्मी में लस्सी से अच्छा दूसरा रिफ्रेशिंग ड्रिंक नहीं है। बिना देरी किए फटाफट नोट कर लें लस्सी की रेसिपी। लस्सी रेसिपी सबसे पहले घर का जमा, ताजा और गाढ़ा दही लें और उसे किसी मथनी की मदद से अच्छी तरह से चलाकर मिक्स कर लें। अब इसमें पिसी हुई चीनी और पिसी हुई हरी इलायची का पाउडर डाल दें। ये लस्सी का बेसन कर तैयार हो चुका है। 1- केसर पिस्ता लस्सी रेसिपी- अब 2 चम्मच दूध में केसर को भिगो दें। अब केसर वाला दूध और पिस्ता को मिलाकर पीस लें। अब इस मिक्स में लस्सी डालकर मिक्स कर लें। अब ठंडी-ठंडी केसर पिस्ता लस्सी बनकर तैयार है।

ऊपर से केसर के धागे और पिस्सा के टुकड़ों से लस्सी को गार्निश करें। 2- मैंगो लस्सी रेसिपी- इसके लिए पके आम को छीलकर उसका पल्प निकाल लें और उसे मिक्सी में डालकर अच्छी तरह से पीस लें। अब लस्सी को पिसे हुआ आम में मिला दें और मिक्स करने के बाद बारीक कटे आम भी लस्सी में डाल दें।

इसे ऊपर से थोड़े आम के टुकड़े डाल कर ठंडी होने पर सर्व करें। 3- गुलाब लस्सी- इसके लिए गुलाब का शर्बत लें और उसे लस्सी के बेस में मिक्स कर दें। अब इसे कांच के गिलास में डालें और ऊपर से थोड़ा गुलाब शर्बत और डाल दें और साथ में गुलाब की पत्तियां लगाकर ठंडी-ठंडी लस्सी सर्व करें। 4- प्लेन लस्सी- प्लेन लस्सी जो हमने बेस तैयार किया है उसी को गिलास में डाल दें। अब इसमें आप कोई भी फ्लेवर सजाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसमें पुदीना की पत्ती लगाकर सजाएं और मेहमानों को सर्व करें।


 </description><guid>48364</guid><pubDate>28-Feb-2026 11:49:01 am</pubDate></item><item><title>झटपट बनाएं मिनी पिज्जा</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48309</link><description>बहुत ही कम समय में आप घर पर मिनी पिज्जा बना सकते हैं. बच्चे भी अक्सर पिज्जा बनाने की जिद करते हैं. ऐसे में आप इस रेसिपी को तैयार करके बच्चों को सरप्राइज कर सकते हैं. इस मिनी पिज्जा को बनाने के लिए आपको आटा गूंथने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी| आइए जानते हैं मिनी पिज्जा बनाने का तरीका| मिनी पिज्जा बनाने के लिए क्या सामग्री : ब्रेड- 4 प्याज- छोटे टुकड़ों में कटे हुए रेड बेल पेपर- छोटे टुकड़ों में कटे हुए

ग्रीन बेल पेपर- छोटे टुकड़ों में कटे हुए येलो बेल पेपर- छोटे टुकड़ों में कटे हुए चिली फलेक्स टोमेटो केचप मिक्स्ड हर्ब्स शेजवान चटनी मोजरेला चीज मिनी पिज्जा को कैसे तैयार करें? मिनी पिज्जा बनाने के लिए आप एक कटोरे को लें. इसमें आप टोमेटो केचप में शेजवान चटनी को मिक्स कर दें. अब एक कटोरी की मदद से ब्रेड को गोल शेप में कट कर लें.
ब्रेड के ऊपर टोमेटो केचप और शेजवान चटनी के मिश्रण को लगा दें. अब आप इसके ऊपर छोटे टुकड़ों में कटा हुआ प्याज, छोटे तुकों में कटे हुए ग्रीन बेल पेपर, येलो बेल पेपर और रेड बेल पेपर को डाल दें. आप इसमें अपनी पसंद की और भी सब्जियों को डाल सकते हैं. इसके बाद आप मोजरेला चीज को डाल दें. इसके बाद चिली फलेक्स और मिक्स्ड हर्ब्स को भी डाल दें. अब आप पिज्जा को 200 डिग्री पर एयर फ्रायर में 10 मिनट के लिए बेक कर दें. इस तरह से आप आसानी से कम समय में मिनि पिज्जा बना सकते हैं|
 </description><guid>48309</guid><pubDate>27-Feb-2026 12:06:19 pm</pubDate></item><item><title>होली पर मेहमानों के लिए बनाएं फ्रूट कस्टर्ड  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48308</link><description>होली का त्योहार सिर्फ रंगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस खास मौके पर तरह तरह के स्वादिष्ट पकवान भी बनाए जाते हैं। ऐसे में जब होली का त्योहार नजदीक है तो घरों में पकवानों की तैयारियां शुरू हो गई होगी। होली का त्योहार एक खास स्वीट डिश के बिना अधूरा माना जाता है और इस डिश का नाम है कस्टर्ड। ये खाने में जितना स्वादिष्ट लगता है, इसे बनाना उतना ही आतान है। 
अगर आप भी होली के मौके पर कस्टर्ड बनाना चाहते हैं तो यहां से रेसिपी नोट कर सकते हैं। सामग्री: दूध - 1 लीटर कस्टर्ड पाउडर - 2 बड़े चम्मच चीनी - 4-5 बड़े चम्मच (स्वादानुसार) ताजे फल - 1 कप (सेब, केला, अंगूर, अनार) ड्राई फ्रूट्स - बारीक कटे हुए (काजू, बादाम, पिस्ता) बनाने की विधि : दूध उबालें: सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन में दूध गर्म करने के लिए रखें। इसमें से आधा कप ठंडा दूध पहले ही अलग निकाल लें। घोल तैयार करें: अलग निकाले हुए ठंडे दूध में 2 चम्मच कस्टर्ड पाउडर डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ न रहे। चीनी मिलाएं: जब बर्तन का दूध उबलने लगे, तो उसमें चीनी डालें और घुलने तक चलाएं।
 कस्टर्ड मिलाएं: अब आंच को धीमी कर दें और कस्टर्ड के घोल को धीरे-धीरे दूध में डालें। इसे लगातार चलाते रहें ताकि कस्टर्ड नीचे चिपके नहीं। गाढ़ा होने दें: 3-4 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं जब तक दूध गाढ़ा न हो जाए। फिर गैस बंद कर दें और इसे पूरी तरह ठंडा होने दें। फल डालें: जब कस्टर्ड रूम टेम्परेचर पर आ जाए, तो इसे एक बाउल में निकालें और अपनी पसंद के कटे हुए फल और ड्राई फ्रूट्स मिला दें। सर्व करें: फिर इसे सर्व करें। आप चाहें तो इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करें और फिर इसका आनंद लें।

 </description><guid>48308</guid><pubDate>27-Feb-2026 12:02:34 pm</pubDate></item><item><title>पेट में बढ़ती एसिडिटी का कारण हो सकते हैं प्राकृतिक से मिले ये फल, जानें सेवन से जुड़ी सावधानियां </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48288</link><description>आज की जीवनशैली की वजह से पेट संबंधी रोग हर उम्र के लोगों को परेशान करने लगे हैं। कुछ भी खाने के तुरंत बाद गैस, पेट फूलना और हल्के पेट दर्द की शिकायत देखी जाती है। पेट की पाचन अग्नि को आराम देने के लिए लोग शीतलता देने वाले फलों का सेवन करते हैं, लेकिन कई बार फल खाने के बाद भी पेट की जलन और एसिडिटी बढ़ने लगती है, लेकिन ऐसा क्यों? पेट को ठंडक देने और जलन से बचाने के लिए सही फलों का सेवन करना जरूरी है। बहुत कम लोग जानते हैं कि फल भी एसिडिटी पैदा करने वाले होते हैं। कुछ फलों में साइट्रिक एसिड अधिक मात्रा में होता है, जिसके सेवन से गैस और सीने में जलन की परेशानी होती है।
 आज हम ऐसे ही फलों की जानकारी लेकर आए हैं, जिनका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। पहला है संतरा। संतरे में साइट्रिक एसिड की अधिक मात्रा होती है, जिससे अधिक सेवन से एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन पैदा हो सकती है। इसलिए अगर पेट संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं तो संतरे का सेवन कम करें। दूसरा है नींबू। नींबू में साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो सीने में जलन पैदा करता है और गैस्ट्रिक एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है, खासकर खाली पेट होने पर। इसलिए नींबू का सेवन सीमित मात्रा में करें। तीसरा है, अनानास। अनानास का गुण अम्ल और तीक्ष्ण होता है और सेवन से पित्त की वृद्धि होती है। ऐसे में अगर आंतों से जुड़ी परेशानी से जूझ रहे हैं तो अनानास का सेवन करने से बचे क्योंकि अनानास में मौजूद एंजाइम और अम्ल संवेदनशील आंत की परत को परेशान कर सकते हैं। चौथा है कच्चा आम।
 कच्चा आम का गुण अम्ल और भारी होता है। इसे पचाने के लिए पेट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके सेवन से कफ और वात की वृद्धि होती है। अपच की समस्या भी बन सकती है। पांचवा है खट्टे अंगूर। खट्टे अंगूर का गुण अम्लीय होता है और पित्त की वृद्धि करता है, ऐसे में पेट फूलना और गैस बनने की परेशानी हो सकती है, इसलिए अगर पाचन मंद है तो अंगूर या खट्टे फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें। इसके अलावा अमरूद का सेवन अगर बीज सहित करते हैं, तो यह भी पाचन में बाधा करता है। बीज सहित अमरूद का सेवन पेट फूलने की समस्या पैदा कर सकता है। इसके अलावा, जामुन और बेरी के सेवन से भी परहेज करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, खट्टे और तीखे फल पित्त को बढ़ाते हैं और अग्नि को कमजोर करते हैं।
 </description><guid>48288</guid><pubDate>26-Feb-2026 3:46:00 pm</pubDate></item><item><title>वैज्ञानिकों ने एपस्टीन-बार संक्रमण को रोकने के लिए आशाजनक एंटीबॉडी विकसित किए हैं।</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48259</link><description>शोधकर्ताओं ने चूहों में विकसित एंटीबॉडी का सफलतापूर्वक परीक्षण करने के बाद, एपस्टीन-बार वायरस से बचाव करने वाले टीके को विकसित करने के करीब पहुंच गए हैं। एपस्टीन-बार एक सामान्य वायरस है जो संक्रामक मोनोन्यूक्लियोसिस, मल्टीपल स्केलेरोसिस, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़ा है।
वैश्विक आबादी का लगभग 95% हिस्सा एपस्टीन-बार वायरस से संक्रमित है, और कुछ आबादी में वायरस के सक्रिय होने पर गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक होता है।
मानव एंटीबॉडी जीन वाले चूहों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने 10 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी विकसित किए जो वायरस की सतह पर मौजूद दो प्रोटीनों में से किसी एक को लक्षित करते हैं - gp350, जो EBV को कोशिका रिसेप्टर्स से जुड़ने में मदद करता है, और gp42, जो इसे कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है।
शोधकर्ताओं ने सेल रिपोर्ट्स मेडिसिन में बताया कि जीपी42 के खिलाफ एंटीबॉडी में से एक ने मानव प्रतिरक्षा प्रणाली वाले चूहों को ईबीवी के संपर्क में आने पर संक्रमण को सफलतापूर्वक रोका।
उन्होंने बताया कि gp350 के खिलाफ एक अन्य एंटीबॉडी ने आंशिक सुरक्षा प्रदान की।
एपस्टीन-बार वायरस से बचाव के लिए एक कारगर तरीका खोजने के कई वर्षों के प्रयास के बाद, यह वैज्ञानिक समुदाय और इस वायरस से होने वाली जटिलताओं के सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, सिएटल स्थित फ्रेड हच कैंसर सेंटर के अध्ययन के सह-लेखक एंड्रयू मैकगायर ने कहा।
शोधकर्ताओं ने बताया कि ईबीवी से जुड़े लिंफोमा, प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने वाले प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं में संभावित रूप से घातक जटिलताओं का एक आम कारण हैं।
उन्होंने कहा कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के इंजेक्शन से एक दिन इन और अन्य उच्च जोखिम वाले रोगियों में ईबीवी संक्रमण और सक्रियण को रोका जा सकता है।
फ्रेड हच की सह-लेखिका डॉ. राहेल बेंडर इग्नासिओ ने एक बयान में कहा, ट्रांसप्लांट मेडिसिन में ईबीवी विरेमिया की प्रभावी रोकथाम एक महत्वपूर्ण अधूरी आवश्यकता बनी हुई है।
मैकगायर ने आगे कहा, एक टीका 'बहुत बड़ा बदलाव लाएगा'।
प्रोस्टेट ट्यूमर और स्वस्थ ऊतकों में प्लास्टिक पाया गया
एक छोटे से अध्ययन के अनुसार, प्लास्टिक के कण प्रोस्टेट ग्रंथियों में प्रवेश कर रहे हैं। इस अध्ययन में प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित 10 में से 9 रोगियों में प्लास्टिक के टुकड़े पाए गए, और ट्यूमर के अंदर इनकी मात्रा आसपास के गैर-कैंसरयुक्त ऊतकों की तुलना में अधिक थी।
डॉक्टरों ने पाया कि ट्यूमर के नमूनों में स्वस्थ प्रोस्टेट ऊतक के नमूनों की तुलना में औसतन 2.5 गुना अधिक प्लास्टिक पाया गया। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी जेनिटोरिनरी कैंसर संगोष्ठी में इस सप्ताह प्रस्तुत किए जाने वाले आंकड़ों के अनुसार, ट्यूमर में प्रति ग्राम ऊतक में लगभग 40 माइक्रोग्राम प्लास्टिक था, जबकि स्वस्थ प्रोस्टेट ऊतक में यह 16 माइक्रोग्राम/ग्राम था।
एनवाईयू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की अध्ययन प्रमुख डॉ. स्टेसी लोएब के अनुसार, हालांकि शुरुआती आंकड़ों ने माइक्रोप्लास्टिक और हृदय रोग और मनोभ्रंश जैसी अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के बीच एक संबंध का सुझाव दिया है, लेकिन इन पदार्थों को प्रोस्टेट कैंसर से जोड़ने वाले प्रत्यक्ष प्रमाण बहुत कम हैं।
लोएब ने एक बयान में कहा, हमारे पायलट अध्ययन से महत्वपूर्ण सबूत मिलते हैं कि माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आना प्रोस्टेट कैंसर के लिए एक जोखिम कारक हो सकता है। </description><guid>48259</guid><pubDate>26-Feb-2026 11:29:45 am</pubDate></item><item><title>घर पर बनाएं नींबू का चटकारेदार अचार  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48224</link><description>अचार की बिना खाना अधूरा लगता है। पराठे हो या फिर चावल दाल अचार इसमें तड़का लगाने का काम करता है। गर्मियां शुरू हो रही है, ऐसे में इस मौसम में घरों में अलग अलग तरह के अचार बनाए जाएंगे। इनमें नींबू का अचार खूब बनाया और खाया जाएगा। नींबू का अचार खट्टे मिठे स्वाद से भरा होता है और पाचन क्रिया को तंदुरुस्त रखने में भी सहायक होता है। अगर आप भी नींबू का चटपटा अचार बनाना चाहते हैं तो यहां से आसान सी रेसिपी नोट कर सकते हैं। 
सामग्री: नींबू: 500 ग्राम (पतले छिलके वाले, रसीले) नमक: 50 ग्राम (लगभग 4 बड़े चम्मच) काला नमक: 1 बड़ा चम्मच लाल मिर्च पाउडर: 2 बड़े चम्मच (तीखापन आप अपने हिसाब से रख सकते हैं) हल्दी पाउडर: 1 छोटा चम्मच अजवाइन: 1 बड़ा चम्मच (हथेलियों से रगड़कर) भुना हुआ जीरा पाउडर: 1 बड़ा चम्मच हींग: आधा छोटा चम्मच बनाने की विधि: नींबू की तैयारी: सबसे पहले नींबू को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। ध्यान रहे, नींबू पर बिल्कुल भी नमी नहीं होनी चाहिए, वरना अचार खराब हो सकता है।
 काटना: एक नींबू के 4 या 8 टुकड़े कर लें। अगर आप चाहें तो रस को अंदर ही रहने दें या थोड़े से नींबू का रस अलग से निचोड़कर ऊपर से डाल सकते हैं। मसाले मिलाना: एक बड़े सूखे बर्तन में नींबू के टुकड़े डालें। अब इसमें नमक, काला नमक, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन, जीरा पाउडर और हींग डालें। मिक्स करना: चम्मच की मदद से इसे अच्छे से मिलाएं ताकि हर टुकड़े पर मसाला लग जाए। अगर आप खट्टा-मीठा अचार चाहते हैं, तो इसी समय चीनी या गुड़ मिला दें। धूप दिखाना: अचार को एक कांच के सूखे जार में भरें। इसे 4-5 दिनों तक धूप में रखें और दिन में एक बार जार को हिला दें।

 </description><guid>48224</guid><pubDate>25-Feb-2026 11:36:43 am</pubDate></item><item><title>जल्दी बनाएं कुकर वाला मटर पनीर</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48223</link><description>मटर पनीर पनीर से बनने वाली सबसे झटपट और स्वादिष्ट सब्ज़ियों में से एक है। चाहे इसे रोटी के साथ खाएं, पराठा के साथ या फिर स्टीम्ड चावल के साथ, मटर पनीर हर प्लेट में सबको लुभाता है। अक्सर लोग इसे कड़ाही में बनाते हैं, लेकिन अगर आपके पास समय कम है और भूख ज़्यादा है, तो कुकर में मटर पनीर सबसे बेहतरीन विकल्प है। कुकर में बनी मटर पनीर का स्वाद कड़ाही वाली से कम नहीं होता, बल्कि यह और भी ज़्यादा रसदार और सॉफ्ट बनती है। कुकर में मटर पनीर बनाने की आसान रेसिपी सामग्री: पनीर  400 ग्राम हरी मटर  लगभग 1 कप प्याज  2 बड़े टमाटर  2 बड़े अदरक-लहसुन का पेस्ट  1 चम्मच जीरा  1/2 चम्मच साबुत लाल मिर्च  2-3 तेजपत्ता  1-2 हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर  स्वादानुसार नमक  स्वादानुसार हरा धनिया  बारीक कटा तेल  2-3 बड़े चम्मच स्टेप-बाय-स्टेप तरीका 
स्टेप 1: सबसे पहले पनीर को अपनी पसंद के टुकड़ों में काट लें। अगर चाहें तो हल्का सा फ्राई करके भी डाल सकते हैं। फ्राई करने के बाद पनीर को गुनगुने पानी में डाल दें, ताकि यह सॉफ्ट रहे और अतिरिक्त तेल निकल जाए। 
स्टेप 2: कुकर में तेल डालकर गरम करें। इसमें जीरा, साबुत लाल मिर्च और तेजपत्ता डालें। फिर पिसा प्याज डालकर सुनहरा भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर थोड़ी देर भूनें। 
स्टेप 3: अब पिसा हुआ टमाटर डालें और हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक डालें। मसाले को तब तक भूनें जब तक यह तेल छोड़ने लगे।
 स्टेप 4: मसाले में हरी मटर डालें और थोड़ा पानी डालकर 5 मिनट तक पकाएं। अब पनीर के टुकड़े डालें और हल्के हाथ से मसाले के साथ मिक्स करें।

स्टेप 5: सब्ज़ी में पानी डालते समय ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा पानी न डालें। कुकर में सब्ज़ी जल्दी पकती है। पानी डालने के बाद कुकर बंद करें और मीडियम आंच पर 1-2 सीटी आने तक पकाएं। 
स्टेप 6: गैस बंद कर दें और कुकर की गैस अपने आप निकलने दें। ढक्कन खोलने के बाद गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालें। सब्ज़ी को हल्के हाथ से मिक्स करें।


 </description><guid>48223</guid><pubDate>25-Feb-2026 11:34:25 am</pubDate></item><item><title>  ट्राई करें मक्की के आटे का चीला स्वादिष्ट और हेल्दी नाश्ते का नया विकल्प</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48151</link><description>सुबह के समय जल्दी तैयार होने वाली डिश की जरूरत होती है। अक्सर लोग बेसन से बना चीला चुनते हैं, लेकिन अगर आप कुछ अलग और पौष्टिक बनाना चाहते हैं तो मक्के के आटे से तैयार यह वेजिटेबल पैनकेक बेहतरीन रहेगा। इसका स्वाद लाजवाब होता है और इसे आप हरी चटनी, टमाटर की सॉस, अचार या रायता के साथ परोस सकते हैं।
  

जरूरी सामग्री:

    मक्की का आटा  1      कप
    प्याज  1      (बारीक कटा)
    टमाटर  1      (छोटे टुकड़ों में कटा)
    हरा धनिया  2      बड़े चम्मच (कटा हुआ)
    नमक  स्वादानुसार
    लाल मिर्च पाउडर        छोटा चम्मच
    हल्दी        छोटा चम्मच
    धनिया पाउडर  1      छोटा चम्मच
    शिमला मिर्च  2      बड़े चम्मच (बारीक कटी)
    गाजर  1 (कद्दूकस की हुई)
    जीरा   छोटा चम्मच
    पानी  आवश्यकता अनुसार
    तेल  सेंकने के लिए

  

बनाने की आसान विधि:
सबसे पहले एक मिक्सिंग बाउल में मक्के का आटा डालें। इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और जीरा मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें।
अब इसमें कटा हुआ प्याज, हरा धनिया और अन्य सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, टमाटर और गाजर डालें। सारी चीजों को अच्छे से मिलाएं। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए स्मूद घोल तैयार करें। ध्यान रखें कि मिश्रण न ज्यादा पतला हो और न ही ज्यादा गाढ़ा, साथ ही उसमें कोई गुठली न रहे।
अब तवा मध्यम आंच पर गरम करें और हल्का सा तेल लगाएं। एक करछी भरकर घोल तवे पर डालें और गोल आकार में फैला दें। कुछ देर पकने दें, फिर किनारों पर थोड़ा तेल डालकर पलट दें। दूसरी तरफ भी तब तक सेंकें जब तक यह सुनहरा और हल्का कुरकुरा न हो जाए।
इसी तरह बाकी मिश्रण से भी पैनकेक तैयार करें। गरमागरम कॉर्नमील वेजिटेबल पैनकेक को अपनी पसंद की चटनी या दही के साथ परोसें और स्वाद का आनंद लें।
 </description><guid>48151</guid><pubDate>24-Feb-2026 10:35:57 am</pubDate></item><item><title>पालक-मटर की कचौड़ी घर पर झटपट बनाएं स्वादिष्ट स्नैक</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48150</link><description>सर्दियों के दिनों में कुछ गरमा-गरम और मसालेदार खाने का मन करता है। अगर आपने अभी तक पालक और मटर से बनी यह टेस्टी कचौड़ी ट्राई नहीं की है, तो आज ही इसे अपनी रसोई में बनाकर देखें। यह डिश सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, हर मौके पर परोसी जा सकती है। आइए जानते हैं इसे बनाने की सरल प्रक्रिया।
  

आवश्यक सामग्री:

    मैदा  2 कप
    नमक  स्वाद के अनुसार
    तेल  आवश्यकतानुसार
    पानी  जरूरत के मुताबिक
    पालक  1 कप (बारीक कटा हुआ)
    हरी मटर        कप (उबली हुई)
    हरी मिर्च  12      (बारीक कटी हुई)
    धनिया पाउडर  1      छोटा चम्मच
    लाल मिर्च पाउडर        छोटा चम्मच
    हल्दी        छोटा चम्मच
    अमचूर        छोटा चम्मच
    अदरक  थोड़ा सा (कद्दूकस किया हुआ)
    हींग  एक चुटकी
    जीरा   छोटा चम्मच

  

बनाने की विधि:
सबसे पहले पालक को अच्छी तरह साफ करके उबलते पानी में लगभग 2 मिनट तक पकाएं। फिर इसे ठंडा कर लें और मिक्सर में पीसकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें।
एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक और थोड़ा तेल मिलाएं। अब इसमें पालक का पेस्ट डालकर नरम आटा तैयार करें। जरूरत पड़ने पर थोड़ा पानी मिलाएं। आटे को ढककर लगभग 20 मिनट के लिए रख दें।
अब भरावन तैयार करने के लिए कड़ाही में तेल गरम करें। उसमें जीरा और हींग डालकर तड़काएं। फिर अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का सा भून लें। इसके बाद दरदरी मैश की हुई उबली मटर मिलाएं। अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च, हल्दी, अमचूर और नमक डालकर अच्छी तरह चलाएं। मिश्रण को 45 मिनट तक पकाएं जब तक वह सूखा और सुगंधित न हो जाए। तैयार स्टफिंग को ठंडा होने दें।
अब आटे की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। हर लोई को थोड़ा बेलें, बीच में मटर का मिश्रण रखें और किनारों को इकट्ठा करके बंद करें। हल्के हाथ से दबाकर कचौड़ी का आकार दें।
कड़ाही में मध्यम आंच पर तेल गरम करें। तैयार कचौड़ियों को तेल में डालकर धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। जब दोनों तरफ से अच्छी तरह सिक जाएं, तो निकाल लें।
गरमागरम पालक-मटर कचौड़ी को दही, हरी चटनी या आलू की सब्जी के साथ परोसें और स्वाद का आनंद लें।
 </description><guid>48150</guid><pubDate>24-Feb-2026 10:31:50 am</pubDate></item><item><title>डिनर में मिनटों में बनाएं टेस्टी सोया पुलाव  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48098</link><description>सोया चंक्स प्रोटीन से भरपूर होते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह पुलाव कम समय में तैयार हो जाता है और घर के हर सदस्य को पसंद आता है| अगर आप रोज-रोज की सब्ज़ी-रोटी से कुछ अलग ट्राय करना चाहते हैं, 
तो आज ही डिनर में यह जटपट बनने वाला सोया पुलाव जरूर बनाएं| सोया पुलाव बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: 1 कप बासमती चावल 1 कप सोया चंक्स 1 प्याज (पतला कटा हुआ) 1 टमाटर (कटा हुआ) 1/2 कप मिक्स वेज (गाजर, मटर, बीन्स) 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट 2 हरी मिर्च 1/2 छोटा चम्मच जीरा 1 तेज पत्ता 2 लौंग 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी नमक स्वादानुसार 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला 2 बड़े चम्मच तेल या घी 2 कप पानी सोया पुलाव बनाने की रेसिपी: सबसे पहले सोया चंक्स को गर्म पानी में 5 से 7 मिनट तक उबाल लें. 
फिर इन्हें ठंडे पानी से धोकर अच्छे से निचोड़ लें. अब कड़ाही या कुकर में तेल/घी गरम करें. उसमें जीरा, तेज पत्ता, लौंग और दालचीनी डालकर तड़काएं. इसके बाद प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें| अब टमाटर और मिक्स वेज डालकर 2 से 3 मिनट पकाएं. इसमें सोया चंक्स, नमक और गरम मसाला मिलाएं. धुले हुए चावल डालें और हल्का सा भून लें| अंत में पानी डालकर ढक दें और धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकाएं. गैस बंद कर 5 मिनट दम दें. गरमागरम सोया पुलाव को रायता या सलाद के साथ परोसें|

 </description><guid>48098</guid><pubDate>23-Feb-2026 11:27:42 am</pubDate></item><item><title>सलाद वेट लॉस में है बेहद फायदे,मंदजानें 2 मिनट में इसे कैसे बनाएं </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48097</link><description>अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है तो उसे कम करने के लिए आप अपनी डाइट में स्प्राउटेड सलाद (Sprouts Salad Recipe) शामिल कर सकते हैं। यह सलाद न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि तेजी से वजन घटाने और हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। इसे खाने से आपको लम्बे समय तक भूख नहीं लगेगी जिससे आपके लिए वेट लॉस करना आसान होगा। साथ ही यह प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है,
 जो इसे सुबह के नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है। तो चलिए जानते हैं कैसे बनाएं प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह स्वाद से भरपूर सलाद स्प्राउटेड सलाद के लिए सामग्री: 1 कप स्प्राउटेड मूंग, आधा कप स्प्राउटेड काला चना, 1 छोटा प्याज, बारीक कटा हुआ, 1 टमाटर, बारीक कटा हुआ, 1 खीरा, बारीक कटा हुआ, 1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई, आधा नींबू का रस, आधा चम्मच चाट मसाला, नमक स्वादानुसार, कटा हुआ हरा धनिया (सजाने के लिए) स्प्राउटेड सलाद बनाने की विधि: पहला स्टेप: एक बर्तन में पानी गर्म करें। जब पानी उबलने लगे, तो उसमें स्प्राउटेड मूंग और चने डालें।
 इन्हें 2-3 मिनट के लिए उबालें। ध्यान रहे कि ये ज्यादा न गलें, बस हल्के नरम हो जाएं। इसके बाद, पानी निकाल दें और स्प्राउट्स को ठंडा होने दें। दुसरा स्टेप: अब, एक बड़े कटोरे में उबले हुए स्प्राउट्स लें। इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालें। अब इसमें चाट मसाला, नमक और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिला लें। सलाद को हरे धनिये से सजाएं और तुरंत परोसें। आप इसमें बारीक कटा हुआ गाजर, चुकंदर या पनीर भी मिला सकते हैं ताकि इसका स्वाद और भी बढ़ जाए।

 </description><guid>48097</guid><pubDate>23-Feb-2026 11:23:31 am</pubDate></item><item><title>जीरो-फैट का कॉन्सेप्ट बिगाड़ सकता है सेहत, जानें कितनी जरूरी है शरीर के लिए वसा  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48078</link><description>आज की जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो गई है, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखने के नाम पर आजकल दुनियाभर में 'जीरो फैट' का कॉन्सेप्ट चल रहा है और लोग भेड़चाल की तरह इसे फॉलो भी कर रहे हैं। वजन घटाने और खुद को तेल से बचाने की जंग में लोगों ने तेल या घी को अपनी जीवनशैली से लगभग खत्म कर दिया है। बाजार में भी 'लो-फैट' और 'जीरो-फैट' प्रोडक्ट का भी चलन शुरू हो चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 'जीरो-फैट' की अवधारणा शरीर के लिए कितनी हानिकारक है? आयुर्वेद की मानें तो 'जीरो-फैट' की अवधारणा शरीर को सेहत नहीं, बल्कि बीमार कर रही है।
 अगर हम चिकनाई का इस्तेमाल कम करते हैं तो इसका असर मस्तिष्क और हमारी कोशिकाओं पर पड़ता है। वसा का काम सिर्फ ऊर्जा देना नहीं है, बल्कि कोशिकाओं को बनने में मदद करना भी है, लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि यहां हम गुड फैट की बात कर रहे हैं, जिसे देशी घी, कच्ची घानी का तेल (सरसों, नारियल या तिल), अखरोट, बादाम और अलसी के बीज, एवोकाडो और जैतून का तेल से सीमित मात्रा में शामिल कर सकते हैं, न कि समोसे, पिज्जा या प्रोसेस्ड फूड वाले ऑयल की। 'जीरो-फैट' अवधारणा के उलट ये जानना भी जरूरी है कि क्यों आहार में ऑयल का सीमित मात्रा में प्रयोग जरूरी है। 
हमारे शरीर में कई ऐसे विटामिन होते हैं, जो वसा में घुलनशील होते हैं। ऐसे में बिना वसा के विटामिन ए, जी, ई और के का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता है। अगर आप वसा को अपने आहार में शामिल नहीं करेंगे तो विटामिन भी प्रभावित होंगे। साधारण अवधारणा है कि वसा का काम सिर्फ ऊर्जा देना है, लेकिन यह गलत है। गुड फैट, ओमेगा-3 फैटी एसिड, न्यूरॉन्स के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गुड फैट की कमी होने पर मस्तिष्क से जुड़े विकार हो सकते हैं। कम वसा खाने की वजह से अल्जाइमर और डिप्रेशन जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। शरीर के दो सबसे जरूरी हॉर्मोन, टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन, को बनने के लिए भी वसा की जरूरत होती है। खासकर महिलाएं अगर गुड फैट लेना बंद कर देती हैं, तो उन्हें मासिक धर्म और प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
 </description><guid>48078</guid><pubDate>22-Feb-2026 12:14:44 pm</pubDate></item><item><title>आटे और गुड़ से बनाएं झारखंड का फेमस मीठा गुलगुला  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48077</link><description>आपने मीठे में तो खूब सारी मिठाईयां ट्राई की होंगी, जो हर किसी को बहुत टेस्टी लगती हैं. लेकिन क्या आपने कभी आटे से बनने वाले मीठे गुलगुले ट्राई किया है? अगर नहीं, तो आज हम आपको झारखंड की गलियों में मिलने वाले सबसे फेमस और देसी स्टाइल गुलगुले बनाने की आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं. 
आटे से बनने वाले ये गुलगुले बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम और मीठे होते हैं. इसे बनाना बहुत आसान है और इसकी सारी सामग्री आपके घर के किचन में आसानी से जरूर मिल जाएगी. तो आइए जानते हैं इस आर्टिकल की मदद से झारखंड स्टाइल गुलगुला बनाने की रेसिपी| झारखंड स्टाइल गुलगुला बनाने के लिए सामग्री: गेहूं का आटा- 1 कप गुड़ (कद्दूकस किया हुआ)  आधा कप सौंफ  1 छोटी चम्मच दूध या पानी  जरूरत अनुसार इलायची पाउडर  आधा छोटा चम्मच तेल  तलने के लिए झारखंड स्टाइल गुलगुला कैसे बनाएं? झारखंड स्टाइल गुलगुला बनाने के लिए आप सबसे पहले एक बर्तन में गुड़ लें, इसमें थोड़ा सा गुनगुना पानी डालकर अच्छी तरह घोल लें. 
अब इसमें गेहूं का आटा, सौंफ और इलायची पाउडर डालें. अब आप धीरे-धीरे इसमें दूध या पानी डालकर पकौड़े जैसा गाढ़ा घोल तैयार करें. घोल को 1015 मिनट के लिए ढककर रख दें, इससे गुलगुले अच्छे फूले हुए बनते हैं. एक कड़ाही में तेल गर्म करें, अब आप हाथ या चम्मच की मदद से से थोड़ा-थोड़ा घोल लेकर धीमी आंच पर तेल में डालें. इसे ब्राउन होने तक आप तलें. गुलगुलों को धीरे-धीरे पलटते रहें जब तक वे चारों तरफ से सुनहरे भूरे न हो जाएं. अब इसे एक प्लेट में निकाल लें. इसी तरह आप सारे घोल से गुलगुला तैयार कर लें. अब तैयार हुए गुलगुले को सर्व करके मजे से खाएं|


 </description><guid>48077</guid><pubDate>22-Feb-2026 12:12:35 pm</pubDate></item><item><title>घर में बचे चावल से बनाएं लाजवाब कुरकुरा वड़ा  </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48034</link><description>घर पर बनाना हो कुछ नया तो आप आसानी से घर पर बचे हुए चावल को फेंकने के बजाय टेस्टी और क्रिस्पी वड़ा तैयार कर सकते हैं. इसे बनाना बेहद आसान है और तैयार करने में समय भी बहुत ज्यादा नहीं लगता है. तो आइए बताते हैं आपको चावल का वड़ा बनाने की रेसिपी| चावल का वड़ा बनाने के लिए क्या चाहिए? 
पका हुआ चावल  1 कप सूजी (रवा)  आधा कप दही  आधा कप हरी मिर्च  1 (बारीक कटी हुई) अदरक  1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ) प्याज  1 छोटा (बारीक कटा हुआ) हरा धनिया  2 चम्मच (बारीक कटा हुआ) जीरा  आधा छोटा चम्मच नमक  स्वादानुसार ईनो / फ्रूट साल्ट  आधा छोटा चम्मच तेल  तलने के लिए चावल का वड़ा बनाने की विधि : सबसे पहले एक बड़े बाउल में पका हुआ चावल लें और इसे हल्का सा मैश कर लें. अब इसमें सूजी (रवा) और दही डालकर अच्छे से मिलाएं. इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक, हरा धनिया, जीरा और स्वादानुसार नमक डालें. 
अब पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर 1015 मिनट के लिए ढककर रख दें जिससे सूजी फूल जाए और बैटर नरम हो जाए. अब तलने से ठीक पहले बैटर में ईनो (फ्रूट साल्ट) डालें और हल्के हाथ से एक तरफ में मिलाएं, जिससे बैटर हल्का फुल जाए. अब कड़ाही में तेल गरम करें और धीमी आंच पर गर्म करें.
 तेल गर्म होने पर हाथ या चम्मच से थोड़ा-थोड़ा बैटर लेकर धीरे-धीरे गरम तेल में डालें. चावल के वड़े को धीमी आंच पर पलट-पलट कर तलें जब तक वे बाहर से सुनहरे भूरे और कुरकुरे न हो जाएं. अब तैयार वड़ों को निकालकर टिशू पेपर पर रखें. गरमा-गरम चावल वड़ा को हरी चटनी, नारियल की चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसें और स्वाद का आनंद लें|
 </description><guid>48034</guid><pubDate>21-Feb-2026 12:21:25 pm</pubDate></item><item><title>चाय के साथ मजेदार लगेगा बिहार का काले चने का भभरा </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=48033</link><description>घर पर आप भी स्नैक्स में कुछ मजेदार बनाना चाहते हैं तो बिहार का फेमस चना भभरा बना सकते हैं. भभरा बनाने के लिए काले चने और सिंपल मसालों का इस्तेमाल होता है और ये खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. बाहर से क्रिस्पी और अंदर से मुलायम भभरा को आप चाय के साथ सर्व कर सकते हैं.
 आप घर पर मेहमानों को भी ये बनाकर खिलाएं और तारीफ पाएं| चना भभरा बनाने के लिए सामग्री : काला चना- 1 कप प्याज- 1 बारीक कटा हुआ हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई धनिया पाउडर- 1 चम्मच हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई हल्दी पाउडर- आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर- आधा छोटा चम्मच धनिया पत्ती- बारीक कटा हुआ नमक- स्वादानुसार बेसन- 1 कप चावल का आटा- आधा कप चना भभरा को कैसे तैयार करें? चना भभरा बनाने के लिए सबसे आप काला चना को 6-7 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इसे आप एक बर्तन में निकाल लें.
 इसके बाद आप चने को एक बर्तन में निकाल लें. इसमें आप बारीक कटा हुआ प्याज, बारीक कटी हुई मिर्च, धनिया पत्ती को डाल दें. इसमें आप धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी को डाल दें. इसके बाद आप बेसन, चावल का आटा और नमक को डाल दें. पानी डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला लें. इसे आपको ज्यादा गाढ़ा नहीं करना है. अब आप कड़ाही को गर्म करें. इसमें आप तेल को डाल दें. एक बड़े चम्मच की मदद से आप मिश्रण को तेल में डाल दें. एक तरफ से पक जाए तब आप दूसरी तरफ से भी पका लें. इसे क्रिस्पी होने तक फ्राई कर लें|

 </description><guid>48033</guid><pubDate>21-Feb-2026 12:17:51 pm</pubDate></item><item><title>पुटकल की चटनी रेसिपी, देसी स्वाद और सेहत का अनोखा मेल </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47989</link><description>पुटकल एक जंगली पत्तेदार साग होता है, जो पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है. इसका स्वाद हल्का खट्टा और तीखा होता है, जो साधारण दाल-चावल या रोटी के साथ भी खाने का मज़ा बढ़ा देता है. कम सामग्री और आसान विधि के साथ बनने वाली यह चटनी सेहत और स्वाद का बेहतरीन मेल है|
चटनी बनाने के लिए जरूरी सामान : 1 कप पुटकल के ताजे पत्ते (धोकर कटे हुए) 45 लहसुन की कलियां 2 हरी मिर्च 1 छोटा प्याज (कटा हुआ) 1 छोटा टमाटर (वैकल्पिक) नमक स्वादानुसार 1 छोटा चम्मच सरसों का तेल कैसे तैयार करते हैं चटनी सबसे पहले पुटकल के पत्तों को अच्छी तरह धो लें. कढ़ाई में थोड़ा पानी डालकर पुटकल के पत्तों को 45 मिनट उबाल लें. अब मिक्सर में उबले हुए पत्ते, लहसुन, हरी मिर्च, प्याज और नमक डालकर पीस लें. यदि आप हल्का खट्टापन चाहते हैं
तो टमाटर भी मिला सकते हैं. पिसी हुई चटनी को एक बाउल में निकालें और ऊपर से सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें| परोसने का तरीका: पुटकल की चटनी को गरमा-गरम दाल-चावल, बाजरे की रोटी या सादी रोटी के साथ परोसें. इसका देसी स्वाद आपके खाने को और भी लाजवाब बना देगा|

 </description><guid>47989</guid><pubDate>20-Feb-2026 12:30:21 pm</pubDate></item><item><title>नारियल और मूंगफली की सूखी चटनी नोट कर लें रेसिपी </title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47988</link><description>खाने के स्वाद को चटनी कई गुना बढ़ा देती है। साउथ इंडियन खाना या राइस हों नारियल और मूंगफली की चटनी इनके साथ ज्यादा टेस्टी लगती है। ज्यादातर घरों में खाने के साथ तुरंत गीली चटनी बनाकर तैयार की जाती है। लेकिन कई बार समय कम होता है और चटनी बनाने में झंझट लगता है। ऐसे में आप एक बार में पूरे महीने के लिए चटनी मिक्स बनाकर स्टोर कर सकते हैं। नारियल और मूंगफली की सूखी चटनी बना सकते हैं, जब मन करे इसमें पानी डालकर मिनटों में चटनी बना सकते हैं।
ट्रेवल करने वालों के लिए ये चटनी अच्छा ऑप्शन है। आइये जानते हैं नारियल और मूंगफली की सूखी चटनी कैसे बनाएं। नारियल मूंगफली की सूखी चटनी का मिक्स कैसे तैयार करें: पहला स्टेप- इसके लिए आपको 1 कप मूंगफली, 1 कप डेसिकेटेड नारियल, थोड़े करी पत्ता, 1 कप भुनी हुई चना दाल, 10 सूखी लाल मिर्च, एक टुकड़ा इमली, नमक, 2-3 टेबल स्पून तेल, 1 टी स्पून सरसों, 1 टी स्पून उरद दाल, 4 सूखी लाल मिर्च,  टी स्पून मिर्च पाउडर लेना है। दूसरा स्टेप- अब चटनी मिक्स तैयार करने के लिए एक पैन में मूंगफली को कुरकुरे होने तक सूखा भून लें। अब पैन में चना दाल को भी कुरकुरा होने तक भून लें। दाल भुन जाए तो सूखी लाल मिर्, इमली का टुकड़ा और नारियल डालकर थोड़ा रोस्ट कर लें। सारी चीजों को ठंडा होने दें। तीसरा स्टेप- मिक्सर ग्राइंडर में सारी चीजों को डालकर दरदरा पीस लें।
अब पैन में 2-3 चम्मच तेल डालकर गर्म करें। इसमें सरसों, उरद दाल, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ते डाल दें। ऊपर से नमक, मिर्च पाउडर डालें और थोड़ा भून लें। इसमें पिसा हुआ मूंगफली और नारियल का पाउडर डालें और अच्छी तरह से मिक्स कर लें। सारी चीजों को धीमी आंच पर हल्का भून लें। चौथा स्टेप- तैयार है नारियल मूंगफली का चटनी मिक्स, ठंडा होने पर इसे किसी एयरटाइट कंटेनर में भरकर स्टोर कर लें। आपको जब चटनी खाने का मन करे इसमें से जरूरत के हिसाब से मिश्रण निकालें और उसमें गुनगुना पानी डालकर चटनी तैयार कर लें। ये चटनी खाने में बहुत टेस्टी और एकदम फ्रेश स्वाद वाली बनती है।

 </description><guid>47988</guid><pubDate>20-Feb-2026 12:24:25 pm</pubDate></item><item><title>लौकी के 9 स्वादिष्ट रूप: सादी सब्जी का खास अंदाज</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47970</link><description>लौकी भले ही हर किसी की पहली पसंद न हो, लेकिन भारतीय रसोई में इसका अपना खास महत्व है। घिया या दूधी के नाम से जानी जाने वाली यह सब्जी पानी से भरपूर, हल्की और पाचन के लिए फायदेमंद मानी जाती है। स्वाद में सादी होने के बावजूद, अलग-अलग राज्यों में इसे कई दिलचस्प तरीकों से बेहद लाजवाब बनाया जाता है। आइए जानते हैं लौकी के कुछ खास रूप
गुजराती लौकी थेपला
गुजरात में कद्दूकस की हुई लौकी को आटे और मसालों के साथ मिलाकर नरम और स्वादिष्ट थेपला बनाया जाता है। सफर, टिफिन या नाश्ते के लिए यह बेहतरीन विकल्प है, खासकर अचार के साथ।
लौकी के कोफ्ते
कद्दूकस की लौकी से बने मुलायम कोफ्तों को टमाटर-प्याज की रिच ग्रेवी में पकाया जाता है। यह डिश खास मौकों पर बनाई जाती है और चावल या नान के साथ खूब जंचती है।
खट्टी-मीठी लौकी करी
इमली, टमाटर और प्याज के साथ बनी यह हल्की-सी खट्टी करी स्वाद से भरपूर होती है। आमतौर पर इसे चावल और पापड़ के साथ परोसा जाता है।
बंगाली स्टाइल मिक्स वेज लौकी
बंगाल की पारंपरिक शैली में लौकी को करेला और कच्चे केले के साथ हल्की सरसों-दूध की ग्रेवी में पकाया जाता है। इसका स्वाद हल्का कड़वा-मीठा होता है और इसे भोजन की शुरुआत में परोसा जाता है।
लौकी-मूंग दाल
पीली मूंग दाल और लौकी का संयोजन हल्का, सात्विक और पचने में आसान होता है। बिना प्याज-लहसुन के बनी यह डिश भाप में पके चावल और घी के साथ सुकून देती है।
लौकी का देसी भर्ता
भुनी या उबली लौकी को मैश कर उसमें सरसों का तेल, हरी मिर्च और लहसुन मिलाया जाता है। इसका देसी स्वाद लिट्टी या सादे चावल के साथ बेहद पसंद किया जाता है।
स्टीम्ड लौकी मुठिया
कद्दूकस की हुई लौकी और आटे से बने मुठिया को स्टीम कर तिल और करी पत्ते के तड़के में हल्का भुना जाता है। यह फाइबर से भरपूर और हल्का नाश्ता है।
लौकी का हलवा
दूध, इलायची और मेवों के साथ पकी लौकी से बना हलवा स्वाद में मीठा और हल्का होता है। त्योहारों पर इसे खास तौर पर बनाया जाता है और यह पेट के लिए भी आसान रहता है।
लौकी की तंबली
दही और नारियल के साथ बनी लौकी की तंबली गर्मियों में ठंडक देती है। हल्की मसालेदार और प्रोबायोटिक गुणों से भरपूर यह डिश गरम भोजन के साथ संतुलित स्वाद जोड़ती है। </description><guid>47970</guid><pubDate>19-Feb-2026 4:17:07 pm</pubDate></item><item><title>हेल्दी स्नैक्स में शकरकंद: स्वाद भी, सेहत भी</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47969</link><description>शाम के पसंदीदा स्नैक्स जैसे समोसा, आलू टिक्की, चाट या पानी पुरी में अक्सर आलू का इस्तेमाल होता है। लेकिन अगर आप हेल्दी विकल्प चुनना चाहते हैं, तो आलू की जगह शकरकंद बेहतरीन चुनाव हो सकता है। शकरकंद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A और फाइबर से भरपूर होता है, जिससे स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बना रहता है। आइए जानें कुछ आसान और टेस्टी शकरकंद स्नैक्स
रोस्टेड शकरकंद चाट
भुने हुए शकरकंद के टुकड़ों में बारीक कटा प्याज, हरी चटनी, इमली की चटनी, दही, चाट मसाला और नींबू रस मिलाएं। ऊपर से सेव डालकर तुरंत परोसें। यह चाट प्रेमियों के लिए हेल्दी ट्विस्ट है।
शकरकंद फ्राइज
शकरकंद को वेजेज में काटकर नमक और पाप्रिका लगाएं। ओवन या एयर फ्रायर में बेक करें जब तक वे कुरकुरे न हो जाएं। पुदीना-दही डिप के साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
शकरकंद टिक्की
उबले शकरकंद में जीरा, धनिया पाउडर, हरी मिर्च और थोड़ा कॉर्नफ्लोर मिलाएं। टिक्की बनाकर हल्का सा सेंक लें। हरी चटनी के साथ गरमागरम परोसें।
शकरकंद टोस्ट
उबले शकरकंद की मोटी गोल स्लाइस को बेस की तरह इस्तेमाल करें। ऊपर पीनट बटर, दही या एवोकाडो लगाएं। यह झटपट तैयार होने वाला पौष्टिक स्नैक है।
बेक्ड शकरकंद क्यूब्स
शकरकंद के टुकड़ों में ऑलिव ऑयल, जीरा पाउडर और चिली फ्लेक्स मिलाएं। ओवन में तब तक बेक करें जब तक वे हल्के सुनहरे और कैरेमलाइज न हो जाएं। चाय के साथ परफेक्ट।
शकरकंद कटलेट
मैश किए हुए शकरकंद में कद्दूकस गाजर और हर्ब्स मिलाएं। हल्का कोट कर पैन में सुनहरा होने तक सेंक लें। टोमैटो सॉस या पुदीना चटनी के साथ परोसें।
शकरकंद सुंदल (साउथ इंडियन स्टाइल)
उबले शकरकंद के टुकड़ों को राई, करी पत्ता और कद्दूकस नारियल के साथ तड़का दें। ऊपर से थोड़ा नींबू निचोड़ें और चाय या कॉफी के साथ आनंद लें।
शकरकंद हलवा
कद्दूकस किए शकरकंद को घी, दूध और गुड़ के साथ पकाएं जब तक गाढ़ी, हलवे जैसी बनावट न मिल जाए। ऊपर से मेवे डालकर गरमागरम परोसें। </description><guid>47969</guid><pubDate>19-Feb-2026 3:54:05 pm</pubDate></item><item><title>झटपट बनाएं स्वादिष्ट गाजर का सलाद</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47893</link><description>
अगर आप कम समय में कुछ हेल्दी और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो गाजर का सलाद एक बेहतरीन विकल्प है। कम सामग्री और आसान विधि से तैयार होने वाला यह सलाद स्वाद में लाजवाब होता है और खाने की प्लेट को भी आकर्षक बना देता है। इसे आप लंच या डिनर के साथ साइड डिश के रूप में परोस सकते हैं।
सामग्री:
34 गाजर, 1 छोटा प्याज, 1 हरी मिर्च, 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस, 12 बड़ा चम्मच हरा धनिया, नमक स्वादानुसार, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर।
विधि:
सबसे पहले गाजर को अच्छी तरह धोकर छील लें और कद्दूकस कर लें। अब इसे एक बड़े बाउल में डालें। इसमें बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च मिलाएं। इसके बाद नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। अंत में हरा धनिया डालकर एक बार फिर मिला लें।

अब आपका ताजा और स्वादिष्ट गाजर का सलाद तैयार है। इसे तुरंत परोसें और खाने का मजा बढ़ाएं </description><guid>47893</guid><pubDate>18-Feb-2026 1:14:46 pm</pubDate></item><item><title>घर पर बनाएं स्वादिष्ट सूजी-केसर का हलवा, स्वाद और सेहत दोनों का खजाना</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47892</link><description>अगर आप घर पर जल्दी बनने वाली स्वादिष्ट और पौष्टिक मिठाई तैयार करना चाहते हैं, तो सूजी-केसर का हलवा एक बेहतरीन विकल्प है। इसका सुगंधित स्वाद और मुलायम टेक्सचर हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। खास बात यह है कि यह कम समय में तैयार हो जाता है और त्योहारों से लेकर रोजमर्रा के मीठे नाश्ते तक के लिए परफेक्ट है।
सामग्री:
1 कप सूजी, 1/4 कप केसर वाला दूध, 11.5 कप दूध, 1 कप चीनी, 1 बड़ा चम्मच कटे काजू, 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच मिल्कमेड, आवश्यकतानुसार घी।
बनाने की विधि:
सबसे पहले एक पैन में घी गर्म करें और उसमें सूजी डालकर मीडियम आंच पर भूनें। सूजी को तब तक चलाते रहें जब तक उसमें से खुशबू आने लगे और रंग हल्का सुनहरा हो जाए। इसके बाद इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए काजू डालकर 2 मिनट तक भूनें।
अब धीरे-धीरे दूध डालते हुए मिश्रण को चलाते रहें, ताकि गुठलियां न बनें। इसे तब तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा न होने लगे और दूध लगभग सूख जाए। इसके बाद इसमें मिल्कमेड, चीनी और केसर वाला दूध डालकर अच्छे से मिलाएं।
हलवे को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह गाढ़ा न हो जाए और पैन छोड़ने लगे। अंत में ऊपर से कटे हुए काजू डालकर सजाएं। चाहें तो ऊपर से थोड़ा घी डालकर स्वाद और बढ़ा सकते हैं।
लगभग 30 मिनट में तैयार यह सूजी-केसर का हलवा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर भी होता है। इसे गर्मागर्म परोसें और हर मौके को मीठा बना दें। </description><guid>47892</guid><pubDate>18-Feb-2026 1:14:12 pm</pubDate></item><item><title>सर्दियों की खास रेसिपी: मक्के और मेथी से तैयार कुरकुरी पूड़ियां</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47841</link><description>ठंड के मौसम में बाजार हरी-भरी सब्जियों से भर जाता है, और इनमें ताजी मेथी का स्वाद सबसे अलग होता है। ऐसे में क्यों न इस मौसम में कुछ खास बनाया जाए? मक्के के आटे और ताजी मेथी के पत्तों से तैयार ये करारी पूड़ियां खाने में बेहद लाजवाब लगती हैं। इन्हें गरमा-गरम दही, अचार या अपनी पसंदीदा सब्जी के साथ परोसें और परिवार के साथ स्वाद का आनंद लें।
जरूरी सामग्री
 2 कप मक्के का आटा
  कप गेहूं का आटा (आटा बांधने के लिए)
 1 कप बारीक कटी हरी मेथी
 1 छोटी हरी मिर्च (कटी हुई)
 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया अदरक
  छोटा चम्मच अजवाइन
  छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
 नमक स्वादानुसार
 गुनगुना पानी जरूरत के अनुसार
 तलने के लिए तेल
बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मक्के और गेहूं का आटा डालें। इसमें कटी हुई मेथी, हरी मिर्च, अदरक, अजवाइन, लाल मिर्च, हल्दी और नमक मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छी तरह आपस में मिला लें।
अब थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालते हुए मुलायम आटा तैयार करें। इसे ढककर लगभग 10 मिनट के लिए रख दें, ताकि सेट हो जाए।
इसके बाद आटे की छोटी-छोटी गेंदें बना लें। प्रत्येक हिस्से को हल्के हाथ से बेलकर गोल आकार दें।
एक कड़ाही में पर्याप्त तेल गरम करें। जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए, तब तैयार पूड़ियों को सावधानी से डालें और मध्यम आंच पर दोनों ओर से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
तली हुई पूड़ियों को निकालकर किचन पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। इसी तरह सारी पूड़ियां तैयार कर लें।
गरमागरम मक्के-मेथी की ये स्वादिष्ट पूड़ियां ठंड के दिनों में खास आनंद देती हैं। इन्हें दही, सब्जी या अचार के साथ परोसें और लाजवाब स्वाद का मजा लें।
 </description><guid>47841</guid><pubDate>17-Feb-2026 10:47:03 am</pubDate></item><item><title>मूंगफली-तिल-धनिया की खास चटनी: स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएं</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47840</link><description>अक्सर घरों में मूंगफली,पुदीना,टमाटर या लहसुन की चटनी बनाई जाती है,लेकिन क्या आपने कभी मूंगफली,तिल और हरे धनिए का अनोखा मिश्रण चखा है?अगर नहीं,तो यह रेसिपी जरूर आज़माएं। यह चटनी रोटी,पराठे,इडली,डोसा या सादे चावलहर चीज़ के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है। खास बात यह है कि इसे तैयार करना बहुत आसान है और स्वाद लाजवाब।
आवश्यक सामग्री

    आधा कप भुनी हुई मूंगफली
    2छोटे चम्मच सफेद तिल
    34हरी मिर्च
    नमक स्वादानुसार
    34लहसुन की कलियां
    थोड़ा सा पानी
    2बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया

तड़के के लिए:

    1छोटा चम्मच तेल
    आधा छोटा चम्मच राई
    45करी पत्ते
    एक चुटकी हींग

बनाने की आसान प्रक्रिया
सबसे पहले एक पैन को गर्म करें और उसमें बिना तेल डाले मूंगफली और तिल को हल्की आंच पर सेक लें। ध्यान रखें कि ये ज्यादा न जलें,वरना स्वाद खराब हो सकता है। भुनने के बाद इन्हें ठंडा होने दें।
अब मिक्सर जार में भुनी हुई मूंगफली और तिल डालें। इसके साथ हरी मिर्च,लहसुन,नमक,कटा धनिया और थोड़ा पानी मिलाकर महीन पेस्ट तैयार कर लें। तैयार मिश्रण को एक बर्तन में निकाल लें।
अब तड़का तैयार करें। एक छोटी कड़ाही में तेल गर्म करें। उसमें राई डालें,जब चटकने लगे तो करी पत्ता और हींग मिलाएं। यह तड़का तैयार चटनी पर डाल दें।
लीजिए,आपकी स्वादिष्ट मूंगफली-तिल-धनिया की चटनी परोसने के लिए तैयार है। इसे अपने पसंदीदा व्यंजन के साथ सर्व करें और स्वाद का आनंद लें।

 </description><guid>47840</guid><pubDate>17-Feb-2026 10:37:10 am</pubDate></item><item><title>सर्दियों के लिए खास मुलायम फूलगोभी सूप  आसान होमस्टाइल रेसिपी</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47779</link><description>ठंड के मौसम में गर्मागर्म सूप से बेहतर कुछ नहीं लगता। अगर आप टमाटर,गाजर या ब्रोकली का सूप बना चुके हैं,तो इस बार फूलगोभी से तैयार होने वाला रिच और स्मूद सूप जरूर आज़माएं। इसका क्रीमी स्वाद और हल्की खुशबू इसे डिनर से पहले परफेक्ट स्टार्टर बनाती है। चाहें तो इसे हल्के रात के खाने के रूप में भी परोसा जा सकता है। घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा फ्लेवर पाने के लिए यह बढ़िया विकल्प है।
जरूरी सामग्री
फूलगोभी 1मध्यम आकार (छोटे टुकड़ों में कटी)
दूध या ताज़ी क्रीम कप
बटर 1बड़ा चम्मच
नमक  स्वाद के अनुसार
काली मिर्च पाउडर छोटा चम्मच
हरा धनिया या क्रीम  सजावट के लिए
प्याज 1बड़ा (बारीक कटा)
लहसुन 34कलियां (कटी या कुचली हुई)
वेजिटेबल स्टॉक या साधारण पानी 2कप
बनाने की विधि
सबसे पहले एक गहरे पैन में बटर गर्म करें। इसमें बारीक कटा प्याज और लहसुन डालकर हल्का सुनहरा और खुशबूदार होने तक भून लें।
अब कटे हुए फूलगोभी के टुकड़े डालें और कुछ मिनट चलाते हुए पकाएं,ताकि उसका कच्चापन खत्म हो जाए। इसके बाद इसमें वेजिटेबल स्टॉक या पानी डालकर ढक दें और लगभग1015मिनट तक पकने दें,जब तक फूलगोभी अच्छी तरह नरम न हो जाए।
जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए,तो इसे मिक्सर में डालकर चिकना पेस्ट तैयार कर लें। अब इस प्यूरी को दोबारा पैन में डालें और उसमें दूध या क्रीम मिलाएं। नमक और काली मिर्च डालकर23मिनट धीमी आंच पर उबाल आने दें।
तैयार सूप को सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से थोड़ी क्रीम या हरा धनिया डालकर सजाएं। सर्द मौसम में यह गरम और स्वादिष्ट सूप आपको सुकून देगा,और यकीन मानिए,आप इसे बार-बार बनाना पसंद करेंगे।

 </description><guid>47779</guid><pubDate>16-Feb-2026 12:06:41 pm</pubDate></item><item><title>घर पर बनाएं लाजवाब रस माधुरी  आसान और स्वादिष्ट मिठाई रेसिपी</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47778</link><description>आज हम आपके लिए एक बेहद खास और स्वाद से भरपूर मिठाई की विधि लेकर आए हैं। रस माधुरी एक ऐसी डिश है जो त्योहारों,पार्टियों और खास मौकों पर खूब पसंद की जाती है। इसका टेक्सचर मुलायम होता है और हर निवाला मुंह में घुल जाता है। आइए जानते हैं इसे बनाने का सरल तरीका।
आवश्यक सामग्री

    छेना 250ग्राम
    मावा (खोया) 100ग्राम
    केसर  थोड़ा सा (पानी में भिगोया हुआ)
    इलायची पाउडर  चुटकी भर
    चीनी 750ग्राम
    पानी 1लीटर
    रीठा 45टुकड़े (पानी में भिगोकर रखा हुआ)
    दूध 2बड़े चम्मच
    पिस्ता  बारीक कटा हुआ
    चांदी का वर्क  सजावट के लिए

बनाने की विधि
सबसे पहले रीठे को जिस पानी में भिगोया है,उसे छानकर अलग रख लें। अब छेने को मलमल के कपड़े में रखकर अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निचोड़ लें। इसके बाद छेने को हथेलियों से अच्छी तरह मसलें और उसमें आधी मात्रा में भीगा हुआ केसर मिला दें। अब छोटे-छोटे बराबर आकार के गोले बनाकर उन्हें हल्का दबाकर टिक्की जैसा आकार दे दें।
अब एक कड़ाही में चीनी,पानी और दूध डालकर उबालें। ऊपर जो मैल या झाग दिखे उसे निकाल दें और लगभग5मिनट तक पकने दें। तैयार चाशनी को दो हिस्सों में बांट लें। एक भाग में बचा हुआ केसर मिला दें और अलग रख दें।
दूसरे हिस्से की चाशनी को आंच पर ही रखें और उसमें छना हुआ रीठे का पानी डालें। जब इसमें उबाल आने लगे और बुलबुले दिखें,तब तैयार की हुई छेने की टिक्कियां इसमें डाल दें। इन्हें करीब1012मिनट तक पकाएं। पकने के बाद इन्हें निकालकर केसर वाली चाशनी में डाल दें और ठंडा होने दें।
अब मावे को कद्दूकस कर लें और धीमी आंच पर हल्का भून लें। इसमें एक चम्मच चाशनी मिलाकर चलाएं। जब मिश्रण ठंडा हो जाए,तो उसमें इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
अब चाशनी में भीगी हुई टिक्कियों को निकालकर बीच से हल्का काट लें और अंदर तैयार मावा मिश्रण भर दें। सभी तैयार पीस को सर्विंग प्लेट में सजाएं और ऊपर से थोड़ी सी चाशनी डालें। अंत में चांदी के वर्क और कटे पिस्ते से सजा कर परोसें।
आपकी स्वादिष्ट और मुलायम रस माधुरी तैयार है!

 </description><guid>47778</guid><pubDate>16-Feb-2026 12:01:15 pm</pubDate></item><item><title>महाशिवरात्रि व्रत पर बनाएं कुट्टू-साबूदाना का लाजवाब चीला</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47750</link><description>अगर आप इस बार महाशिवरात्रि व्रत पर कुछ कुरकुरा और नया ट्राई करना चाहते हैं, तो 'कुट्टू-साबूदाना स्टफ्ड चीला' आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है। इसकी खासियत यह है कि यह बाहर से एकदम क्रिस्पी होता है और इसके अंदर आलू-साबूदाने की मसालेदार स्टफिंग आपके स्वाद को दोगुना कर देगी। आइए, बिना देर किए जान लीजिए इसे बनाने की आसान विधि।
कुट्टू-साबूदाना चीला बनाने के लिए सामग्री
चीले के घोल के लिए:
कुट्टू का आटा: 1 कप
सेंधा नमक: स्वादानुसार
हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट: 1 चम्मच
पानी: घोल बनाने के लिए
घी/मूंगफली का तेल: सेकने के लिए
स्टफिंग के लिए:
उबले हुए आलू: 2-3 (मैश किए हुए)
साबूदाना: आधा कप (2 घंटे भिगोया हुआ)
भुनी हुई मूंगफली: 2 चम्मच (दरदरी कुटी हुई)
हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
काली मिर्च पाउडर: आधा चम्मच
जीरा: आधा चम्मच
कुट्टू-साबूदाना चीला बनाने की विधि
सबसे पहले एक पैन में थोड़ा घी गरम करें और उसमें जीरा डालें। अब इसमें भीगा हुआ साबूदाना डालकर 2 मिनट भूनें ताकि वह हल्का ट्रांसपेरेंट हो जाए। इसके बाद इसमें मैश किए हुए आलू, दरदरी मूंगफली, सेंधा नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाएं। सब कुछ अच्छे से मिक्स करें और 2-3 मिनट पकाकर एक बाउल में निकाल लें। आपकी स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार है।
फिर, एक बर्तन में कुट्टू का आटा लें। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए एक मध्यम गाढ़ा बैटर तैयार करें (जैसा डोसा-या साधारण चीले का होता है)। इसमें अदरक-मिर्च का पेस्ट और सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह फेंट लें ताकि कोई गुठली न रहे।
अब एक नॉन-स्टिक तवा गरम करें और उसे घी से हल्का चिकना कर लें। आंच को मध्यम रखें और एक बड़ा चम्मच घोल तवे के बीच में डालकर धीरे-धीरे गोलाई में फैलाएं। चीले के किनारों पर थोड़ा घी डालें ताकि वह कुरकुरा बने।
जब चीला नीचे से सुनहरा और क्रिस्पी दिखने लगे, तो उसे पलट दें। दूसरी तरफ से भी हल्का सेकने के बाद इसे फिर से पलटें और बीच में तैयार की गई आलू-साबूदाना स्टफिंग की एक परत रखें। अब चीले को आधा मोड़ दें या रोल कर लें।
इसे गरमा-गरम व्रत वाली हरी चटनी या दही के साथ परोसें। साबूदाने की स्टफिंग की वजह से यह चीला काफी देर तक आपका पेट भरा रखेगा और आपको कमजोरी भी महसूस नहीं होगी। </description><guid>47750</guid><pubDate>15-Feb-2026 11:47:48 am</pubDate></item><item><title>घर पर बनाएं बेकरी जैसी खस्ता वेज पैटीज</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47749</link><description>स्कूल और कॉलेज के दिनों की कैंटीन में मिलने वाली गरमा-गरम वेज पैटीज का स्वाद आज भी लोगों के दिलों में बसा है। परतदार खस्ता पपड़ी और अंदर मसालेदार आलू-मटर की स्टफिंगयह कॉम्बिनेशन हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। अच्छी बात यह है कि अब वैसी ही बेकरी स्टाइल लेयर्ड पैटीज घर पर भी आसानी से बनाई जा सकती हैं।


वेज पैटीज बनाने के लिए सबसे पहले उबले और मैश किए हुए आलू, उबले मटर, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और अदरक-लहसुन पेस्ट को हल्के तेल में भून लिया जाता है। इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, अमचूर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है। अंत में हरा धनिया डालकर स्टफिंग को ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है।


इसके बाद पफ पेस्ट्री शीट को समतल जगह पर फैलाकर चौकोर टुकड़ों में काटें। बीच में ठंडी स्टफिंग रखकर किनारों को पानी से सील करें और मनचाहा आकार दें। ऊपर से दूध लगाकर 200 डिग्री सेल्सियस पर 15-20 मिनट तक बेक करें। सुनहरी और खस्ता पैटीज तैयार हैं, जिन्हें टोमेटो केचप या हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है। </description><guid>47749</guid><pubDate>15-Feb-2026 11:47:04 am</pubDate></item><item><title>डायबिटीज और हार्ट के मरीज के लिए अमृत समान है नाशपाती</title><link>https://thevoicetv.in/health.php?articleid=47693</link><description>विटामिन सी से भरपूर नाशपाती ऐसा फल है जो डायबिटीज और हार्ट के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। सावन में बीमारियों के खतरे से शरीर को बचाने में नाशपाती मदद करता है। इसमें विटामिन सी के अलावा पोटैशियम, फोलेट, कॉपर और मैगनीज पाया जाता है। जानिए नाशपाती खाने से क्या फायदे मिलते हैं?
डायबिटीज को करे कंट्रोल-नाशपाती को डायबिटीज के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। नाशपाती में एंथोसायनिन पाया जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है और डायबिटीज के खतरे को भी कम करता है। नाशपाती का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लो होने के कारण शुगर के मरीज इसे खा सकते हैं। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
हार्ट के लिए फायदेमंद-नाशपाती में जो पोषक तत्व पाए जाते हैं वो हार्ट को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं। नाशपाती में प्रोसायनिडिन होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। इससे हार्ट की समस्याएं कम होती हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है। छिलके समेत खाए जाने वाले नाशपाती के छिलके में क्वेरसेटिन होता है जिससे बीपी कंट्रोल रहता है।
सूजन घटाए-नाशपाती में विटामिन सी और विटामिन के होता है जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अगर किसी चोट के कारण शरीर में सूजन की समस्या है तो इससे फायदा मिलेगा। ऐसे लोगों को खाने में नाशपाती जरूर शामिल करनी चाहिए। नाशपाती में फ्लेवोनोइड्स एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।
पाचन को बनाए मजबूत-नाशपाती में भरपूर फाइबर होता है जिससे पेट और पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है तो नाशपाती जरूर खाएं। नाशपाती में घुलनशील फाइबर होता है जो आपकी आंतों के लिए फायदेमंद है। पाचन की समस्या दूर कर गट हेल्थ में सुधार ला सकता है।
वजन घटाने में मदद करे-नाशपाती को आप वेट लॉस डाइट में भी शामिल कर सकते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जिससे आपको भूख कम लगती है। कैलोरी में भी नाशपाती काफी कम होता है। इसे भरपेट खाने के बाद भी मोटापा कम किया जा सकता है। </description><guid>47693</guid><pubDate>14-Feb-2026 10:47:04 am</pubDate></item></channel></rss>