मप्रः ऐतिहासिक भोजशाला मामले में आज आ सकता है फैसला, हाईकोर्ट में पूरी हो चुकी है सुनवाई | The Voice TV

Quote :

"अगर आप वो पाना चाहते हैं जो आपने कभी नहीं पाया, तो आपको वो करना होगा जो आपने कभी नहीं किया।" — स्टीव जॉब्स

National

मप्रः ऐतिहासिक भोजशाला मामले में आज आ सकता है फैसला, हाईकोर्ट में पूरी हो चुकी है सुनवाई

Date : 15-May-2026

 इंदौर, 15 मई । मध्य प्रदेश के धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर आज शुक्रवार को फैसला आ सकता है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने इस मामले में पांच जनहित याचिकाएं और एक अपील पर सुनवाई पूरी करने के बाद तीन दिन पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था।

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से पैरवी करने वाले उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि भोजशाला मामले में आज फैसला संभव है। साथ ही हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के याचिककर्ता ने वीडियो जारी कर सभी समुदायों से अपील की है कि न्याय पालिका पर सभी को विश्वास है। जो भी फैसला आए वह स्वीकार करें। शांति और सौहार्द्र बनाए रखना हम सभी का परम कर्त्तव्य है। उन्होंने डीजीपी, धार एसपी से निवेदन किया है कि निर्णय के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखे। पैरवीकर्ता अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी ने भी सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।

दरअसल, उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर भोजशाला मामले में मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ की न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ में छह अप्रैल से 12 मई 2026 तक नियमित सुनवाई हुई। इन 24 दिनों में कुल 43 घंटे चली सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने अपने-अपने तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। इसके बाद 12 मई को न्यायालय ने सभी याचिकाओं में निर्णय सुरक्षित रख लिया था।

यह मामला साल 2022 में तब शुरू हुआ था, जब रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की थी। इसी प्रकरण में साल 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था। इस सर्वे में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। दो हजार पेज से अधिक की सर्वे रिपोर्ट में सर्वे के दौरान भोजशाला में मिली मूर्तियां, शिलालेख, सिक्के इत्यादि का उल्लेख है।

उच्च न्यायालय में पांच जनहित याचिकाओं में से दो मंदिर पक्ष ने, एक मस्जिद पक्ष ने, एक जैन समाज ने और एक स्थानीय रहवासियों ने दायर की है। मंदिर पक्ष भोजशाला को मंदिर घोषित करने और यहां 24 घंटे पूजा का अधिकार देने की मांग कर रहा है, जबकि मस्जिद पक्ष इसे मस्जिद घोषित करने और नमाज की अनुमति मांग रहा है। जैन समाज भोजशाला को जैन गुरुकुल बताते हुए जैन धर्मावलंबियों को पूजा का अधिकार देने की मांग कर रहा है। वहीं स्थानीय रहवासियों की याचिका में इस पूरे मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की मांग है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement