फतेहाबाद, 19 मई। राज्य और केन्द्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों के बच्चों और आम जनमानस को भी शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य सुविधाएं अपने गांव में ही उपलब्ध हों, ताकि ग्रामीण अंचल आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बन सके। यह बात राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने मंगलवार को पंचायत फंड स्कीम के अंतर्गत गांव जांडली कलां और लहरिया में लगभग 55 लाख रुपए लागत की विभिन्न जनहितकारी विकास परियोजनाओं के उद्घाटन अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने गांव जांडली कलां में लगभग 47 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित आधुनिक पार्क एवं पक्की गली का लोकार्पण किया।
इसके पश्चात उन्होंने गांव लहरिया में लगभग 8 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई आधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी और वहां आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सांसद सुभाष बराला ने कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकार ग्रामीण अंचल को सशक्त बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गांवों में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, पक्की सडक़ों तथा आधुनिक संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार की योजनाओं का मुख्य उद्देश्य गांवों का चहुंमुखी विकास करना है, ताकि हमारे ग्रामीण युवाओं को आगे बढऩे के लिए शहरों की तरफ रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि गांव जांडली कलां में नवनिर्मित आधुनिक पार्क बनने से बच्चों, युवाओं, महिलाओं तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य और जीवनशैली में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा।
बरसात के दिनों में जलभराव और कीचड़ जैसी पुरानी समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिलेगी तथा गांव के अंदर से आने-जाने वालों के लिए रास्ता अधिक सुरक्षित, साफ-सुथरा और सुगम बनेगा। राज्यसभा सांसद ने कहा कि गांव लहरिया में नवनिर्मित आधुनिक लाइब्रेरी के खुलने से गांव के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को पढ़ाई के लिए एक बेहतरीन और शांत माहौल मिलेगा। इस अवसर पर हरकोफेड के चेयरमेन वेद फूला, बीडीपीओ सुशील कुमार, गांव जांडली कलां की सरपंच शीला भैरो, गांव लहरिया की सरपंच अरुणा नेहरा, विजय कमांडो, पूर्व सरपंच भलेराम, कृष्ण नैन, सुनील प्रधान, रमेश कामरेड, राजेन्द्र बाल्मीकि, हरिकृष्ण जांगड़ा, रामफल भैरो, रामचंद्र जागलान, बसाऊ राम भैरो, ईश्वर प्रधान, सुरेन्द्र भैरो, रमेश कुमार, चन्द्रलाल सोनी, कर्ण सिंह श्योकंद, जग्गा कुलडिय़ा आदि मौजूद रहे।
