नई दिल्ली, 24 मई। केंद्रीय मत्स्य पालन एवं पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह 25 मई को मिजोरम में 32.15 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण मत्स्य पालन परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में आधुनिक, टिकाऊ और आत्मनिर्भर मत्स्य पालन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।
मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन मंत्रालय के अनुसार आइजोल में “क्षेत्रीय समीक्षा बैठक : पूर्वोत्तर क्षेत्र-2026” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजीव रंजन सिंह मंत्री "प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना" (पीएमएमएसवाई) और मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (एफआईडीएफ) के तहत विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि यह पहल पूर्वोत्तर राज्यों में मत्स्य पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री क्षेत्र के मत्स्य पालन लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित करेंगे। इनमें मत्स्य पालन किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), सर्वश्रेष्ठ मत्स्य पालन स्टार्टअप तथा उत्कृष्ट मत्स्य सहकारी समितियों को सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल तथा जॉर्ज कुरियन भी उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभागों के मंत्री, विभागीय सचिव और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्रों में संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करना है। साथ ही किसानों के कल्याण, सतत क्षेत्रीय विकास और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और पहलों का शुभारंभ भी किया जाएगा। इनमें बहुउद्देशीय डेयरी सहकारी समितियों (एमडीसीएस) के विस्तार के लिए ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण की शुरुआत, अफ्रीकी स्वाइन फीवर जागरूकता फिल्म का विमोचन, “सूअर पालन में अच्छी पशुपालन पद्धतियाँ” पुस्तिका का लोकार्पण तथा मिजोरम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड द्वारा ‘मुलको’ गाय के घी की लॉन्चिंग शामिल है।
इसके अतिरिक्त “मिज़ो कैफ़े” का उद्घाटन, एफपीओ कार्यालय-सह-बिक्री आउटलेट का शुभारंभ और विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला का अनावरण भी किया जाएगा। बैठक में उत्पादन बढ़ाने, मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करने, बाजार संपर्क मजबूत करने और निर्यात को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।
केंद्र सरकार का मानना है कि इन पहलों से पूर्वोत्तर क्षेत्र में मत्स्य पालन और पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा किसानों, उद्यमियों और सहकारी समितियों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।
