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नाविकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रशासन सक्रिय, हर नाव में अनिवार्य होंगे सुरक्षा उपकरण

Date : 09-Jun-2026

 मीरजापुर, 09 जून । उत्तर-प्रदेश के मीरजापुर में नाव संचालन को सुरक्षित बनाने और नाविकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। प्रदेश सरकार की ‘नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के तहत जनपद में जिला स्तरीय नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे।

समिति का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित नौकाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम, आपदा प्रबंधन तथा नाविकों और गोताखोरों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। समिति में पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, सिंचाई, पंचायत राज, नगर विकास, समाज कल्याण, श्रम एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारियों के साथ नाविक एवं मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि नाविकों और उनके परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। एमएसएमई विभाग की योजनाओं, वित्तीय सहायता, ऋण परियोजनाओं तथा कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ प्राथमिकता के आधार पर नाविकों और गोताखोरों को दिलाया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि जिन नाविकों की इच्छा अपनी नौकाओं के सुदृढ़ीकरण या आधुनिकीकरण की है, उन्हें बैंक ऋण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और बैंकिंग संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही नाविकों और गोताखोरों को प्रशिक्षित कर उन्हें अधिक कुशल बनाया जाएगा।

नौका सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सभी नौकाओं में लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, रस्सी, पतवार, लंबा बांस, टॉर्च और प्राथमिक उपचार सामग्री जैसी सुरक्षा किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। साथ ही नाविकों को यात्रियों को जल सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी देने और जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए जनपद के सभी नाविकों का व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिससे किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि इन प्रयासों से नाव संचालन अधिक सुरक्षित होगा और नाविक समुदाय के जीवन स्तर में सुधार आएगा।


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