मप्र से राज्यसभा की तीसरी सीट पर क्रास वोटिंग की आशंका, भोपाल से बेंगलुरु भेजे जा रहे कांग्रेस विधायक | The Voice TV

Quote :

"अगर आप वो पाना चाहते हैं जो आपने कभी नहीं पाया, तो आपको वो करना होगा जो आपने कभी नहीं किया।" — स्टीव जॉब्स

National

मप्र से राज्यसभा की तीसरी सीट पर क्रास वोटिंग की आशंका, भोपाल से बेंगलुरु भेजे जा रहे कांग्रेस विधायक

Date : 09-Jun-2026

 भोपाल, 09 जून । मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट पर भाजपा द्वारा उम्मीदवार उतारने के बाद कांग्रेस को क्रास वोटिंग का डर सता रहा है। इसी की आशंका के चलते कांग्रेस अपने सभी विधायकों को विशेष विमान (चार्टर्ड प्लेन) से बेंगलुरु भेज रही है।

मंगलवार को सभी कांग्रेस विधायक भोपाल पहुंच गए हैं। यहां वे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बंगले पर पहुंचे और यहां से अपनी-अपनी गाड़ी से एयरपोर्ट रवाना हुए। दोपहर तक अधिकांश विधायक भोपाल एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने स्टार एयरलाइंस का 72 सीटर विशेष विमान बुक कराया है। इसी विमान से विधायकों को भोपाल एयरपोर्ट से बेंगलुरु ले जाया जाएगा।

इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस का जहां राज्य है, हम विधायकों को वहां ले जाएंगे। कांग्रेस को अपने सभी 62 विधायकों पर पूरा भरोसा है। यह पूरी तरह सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सभी विधायक मजबूती से पार्टी के साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की कथित तोड़फोड़ की राजनीति को देखते हुए सतर्क रहना आवश्यक है, इसलिए पार्टी संगठनात्मक स्तर पर सभी जरूरी कदम उठा रही है। भाजपा अपने विधायकों को संभालकर रखे।

सिंघार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर देश को तानाशाही की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और जनता की आवाज़ की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी लड़ाई सत्ता की नहीं, बल्कि उस विचारधारा के खिलाफ है जो लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलना चाहती है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक एकजुट हैं। यह राज्यसभा चुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि 2028 के बदलाव की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

भोपाल एयरपोर्ट पहुंचे कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि मतदान में अभी कुछ दिन बाकी हैं। ऐसे में सभी विधायकों ने एक साथ कुछ समय बिताने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को लगा कि मतदान से पहले कुछ दिन साथ रहना अच्छा रहेगा। इससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा तथा एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। इसी वजह से हम सभी एक साथ जा रहे हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी एयरपोर्ट पहुंचे। जब उनसे विधायकों के एक साथ रवाना होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मुझे बताया गया कि कांग्रेस विधायक किसी चार्टर्ड विमान से कहीं जा रहे हैं, इसलिए मैं भी देखने आ गया कि वे आखिर कहां जा रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विधायकों को बाहर भेजे जाने के कारण पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे फैसले कई पहलुओं पर विचार करने के बाद ही लेती है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ‘राहुल’ से यह सवाल पूछा गया कि कांग्रेस के कई विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा है, तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि अरे भाई, मेरे पास तो भाजपा के 4-5 विधायक संपर्क में हैं। अब देखते हैं किसका संपर्क ज्यादा मजबूत है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते की है। कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने दोबारा राज्यसभा जाने की इच्छा नहीं जताई, जिसके बाद पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया। वहीं भाजपा ने पहले दो सीटों के लिए रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग को प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के लगातार मंथन और रणनीतिक बैठकों के बाद तीसरी सीट पर महेश केवट को मैदान में उतार दिया। यानी तीसरी सीट के लिए उनका कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से मुकाबला होगा।

मप्र विधानसभा में वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। दो सीटों पर अपने उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के बाद भाजपा के पास लगभग 48 वोट बचेंगे। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement