ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने छठे दिन और भी भयावह रूप ले लिया है। इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि उसने तेहरान में एक कमांड सेंटर पर हवाई हमले में ईरान के युद्धकालीन चीफ ऑफ स्टाफ और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सलाहकार अली शादमानी को मार गिराया है। शादमानी ने हाल ही में अपने पूर्ववर्ती की मृत्यु के बाद यह पदभार संभाला था।
इस हमले के बाद तेहरान के पश्चिमी इलाकों में जोरदार और लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दी हैं। ईरानी सरकारी एजेंसी IRIB के अनुसार, देश के साइबर सुरक्षा कमांड ने इजरायल पर व्यापक साइबर युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया है, जिससे कई आवश्यक सेवाएं बाधित हो रही हैं।
ईरान के नए सेना प्रमुख जनरल अब्दोलरहीम मौसवी ने एक टेलीविज़न संबोधन में चेतावनी दी कि अब तक के हमले केवल ‘निवारक’ थे, लेकिन आगे "दंडात्मक कार्रवाई" की तैयारी की जा रही है। ईरानी अधिकारियों ने यह भी बताया कि इजरायली हमलों में अब तक 220 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें कम से कम 70 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग करते हुए सोशल मीडिया पर बयान दिया है। पेंटागन ने घोषणा की है कि यूएसएस निमित्ज़ समेत अतिरिक्त नौसैनिक संसाधनों की तैनाती तेज़ कर दी गई है, जिससे अब दो विमानवाहक पोत समूह क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं।
राजनयिक प्रयास और वैश्विक प्रतिक्रियाएं
जैसे-जैसे हालात बिगड़ रहे हैं, संयम बरतने की अपीलें भी तेज हो गई हैं। मिस्र ने ईरान और इजरायल दोनों से पीछे हटने का आग्रह करते हुए चेतावनी दी है कि यह टकराव पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान पर इजरायली हमले व्यापक युद्ध को जन्म दे सकते हैं।
कनाडा में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन में गाजा में युद्धविराम सहित मध्य पूर्व में शत्रुता समाप्त करने का सामूहिक आह्वान किया गया, हालांकि ईरान-इजरायल संघर्ष पर सीधे कोई बयान नहीं दिया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुलासा किया कि अमेरिका समर्थित एक युद्धविराम प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिसकी विषय-वस्तु अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
परमाणु तनाव और सैन्य कार्रवाई
इस संघर्ष का एक अहम पहलू ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी है। IAEA ने पुष्टि की है कि ईरान की एक परमाणु सुविधा पर हमला किया गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि चल रहे सैन्य अभियानों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है। इजरायल ने एक समन्वित अभियान में कई वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों को भी मार गिराने का दावा किया है।
इजरायली अधिकारियों और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि इजरायल अब ईरानी वायुक्षेत्र पर "पूर्ण नियंत्रण" रखता है। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया है कि उसने तेल अवीव में एक प्रमुख खुफिया केंद्र—संभवत: मोसाद के कार्यालय—को निशाना बनाया है।
ईरान और इजरायल के बीच यह संघर्ष अब पूर्ण युद्ध की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है, जिसका प्रभाव न केवल पश्चिम एशिया, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद, हालात में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है और यह संकट दुनिया की निगाहों में एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है।
