इजराइल और ईरान के बीच टकराव अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है, जहां मिसाइलों के लगातार आदान-प्रदान और हवाई हमलों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है। इजराइल ने ईरान में सेंट्रीफ्यूज और हथियार निर्माण स्थलों पर हमले करने का दावा किया है, जिसके बाद तेहरान में कई विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।
इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने यह भी दावा किया है कि इजराइली विमानों ने ईरानी शासन के आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्र के नाम दिए गए एक टेलीविज़न संदेश में स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी प्रकार के दबाव या आक्रमण के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के गंभीर और अपूरणीय परिणाम होंगे।
खामेनेई ने यह भी आरोप लगाया कि इजराइल ने यह सैन्य अभियान ऐसे समय में शुरू किया, जब ईरान अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत कर रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने से इनकार करते हुए सिर्फ इतना कहा कि "ईरान बड़ी मुसीबत में है और वह बातचीत करना चाहता है।" उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा।
उधर, रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने इजराइल को प्रत्यक्ष सैन्य सहायता दी, तो यह पूरे मध्य पूर्व में हालात को अस्थिर कर सकता है।
इस संघर्ष के कारण ईरान में भारी नागरिक पलायन देखा जा रहा है। राजधानी तेहरान से बाहर जाने वाले मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम है, और कई इलाकों में नागरिक हताहतों की खबरें सामने आई हैं।
इजराइल में भी सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कई शहरों में हवाई हमले के सायरन लगातार बज रहे हैं। बेन गुरियन हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है, और अमेरिकी दूतावास व वाणिज्य दूतावास ने अपने परिचालन सप्ताहांत तक स्थगित कर दिए हैं।
इजराइली सेना ने दक्षिण-पश्चिमी तेहरान के निवासियों को इलाके खाली करने की चेतावनी दी है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में और भी हमले हो सकते हैं।
इस संकट का असर खाड़ी क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। दुबई सहित कई शहरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मानवीय सहायता के तहत, संयुक्त अरब अमीरात ने उन ईरानी नागरिकों के लिए वीज़ा अवधि से अधिक रुकने पर लगने वाले जुर्माने को माफ कर दिया है, जो इस संघर्ष के चलते अपने देश लौटने में असमर्थ हैं।
स्थिति लगातार बिगड़ रही है और आने वाले दिनों में यह संघर्ष और गंभीर रूप ले सकता है।
