पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, अमेरिका हाई अलर्ट पर
ईरान और इजरायल के बीच सैन्य संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोकने के तुरंत बाद ईरान के करमनशाह प्रांत में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के लॉन्च और भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। बताया गया कि इस अभियान में 15 से अधिक इजरायली लड़ाकू विमानों ने भाग लिया।
इसके जवाब में, ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन की कई लहरें छोड़ीं, जिनके धमाके तेल अवीव समेत कई शहरों में सुने गए।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा मंडराया
ईरान की संसद ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। यह कदम अभी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस परिवहन का अहम मार्ग है, और इसका बंद होना वैश्विक ऊर्जा बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका की तैयारी और सैन्य सतर्कता
अमेरिकी सेना को पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में हाई अलर्ट पर रखा गया है। पेंटागन संभावित नौसैनिक संघर्षों की तैयारी कर रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जा सके। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस मार्ग की निरंतर बंदी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
रूस ने जताया ईरान को समर्थन
मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की और ईरान के खिलाफ इजरायल व अमेरिका की कार्रवाई को "अकारण आक्रामकता" करार देते हुए उसकी कड़ी निंदा की। पुतिन ने तेहरान के साथ रणनीतिक साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई। अराघची ने संयुक्त हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए ईरान की संप्रभुता की रक्षा के अधिकार पर जोर दिया।
IAEA की चेतावनी और जांच की मांग
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने वियना में एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें ईरान के परमाणु स्थलों की फिर से जांच के लिए निरीक्षकों को भेजने की मांग की गई। ग्रॉसी ने चेतावनी दी कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव वैश्विक परमाणु अप्रसार प्रणाली को गंभीर खतरे में डाल सकता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक
रूस और चीन की पहल पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया गया है।
यह स्थिति न केवल पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और परमाणु सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
