बीजिंग में भारत-चीन संवाद: आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और संबंधों में सुधार की प्रतिबद्धता
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। डोभाल वर्तमान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सुरक्षा परिषद सचिवों की 20वीं बैठक में भाग लेने के लिए चीन के दौरे पर हैं।
आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश
बैठक के दौरान एनएसए डोभाल ने सभी रूपों में आतंकवाद के मुकाबले की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख आवश्यक है। उन्होंने इस मुद्दे पर भारत की सख्त नीति को दोहराया और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया।
भारत-चीन संबंधों की समीक्षा और आगे की राह
भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस बातचीत में भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा की गई और समग्र विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें लोगों से लोगों के बीच संपर्क, व्यापार, और आपसी विश्वास बढ़ाने जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक हितों से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। डोभाल ने इस बात की इच्छा भी जताई कि वे भारत-चीन सीमा वार्ता के तहत विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक में वांग यी की भारत यात्रा की मेज़बानी को लेकर तत्पर हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत-चीन संबंध कई संवेदनशील मुद्दों से गुजर रहे हैं, खासकर सीमा विवाद के संदर्भ में। दोनों देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की यह वार्ता आतंकवाद के खिलाफ साझा दृष्टिकोण और द्विपक्षीय संबंधों में आगे की संभावना की ओर एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
