अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान पर युद्ध विराम के उल्लंघन को लेकर कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान की ओर बढ़ रहे इजरायली लड़ाकू विमानों को वापस बुलाया जाए और किसी भी सूरत में ईरान पर बमबारी न की जाए। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष के बावजूद वहां शासन परिवर्तन की मंशा नहीं रखता।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की है कि ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत के बाद ईरान पर आगे के हमलों को रोक दिया गया है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि उनका देश संघर्ष विराम का सम्मान करेगा, बशर्ते इजरायल भी ऐसा ही करे। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है।
हालांकि, संघर्ष विराम की घोषणा के चंद घंटों बाद ही दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमलों का आरोप लगाते हुए तनाव को फिर हवा दे दी। इजरायल ने दावा किया कि ईरान ने संघर्ष विराम लागू होने के बाद तीन मिसाइलें दागीं, जिसके जवाब में तेहरान के पास एक रडार ठिकाने पर हमला किया गया। इसके बाद ईरान के माज़ंदरान प्रांत के बाबोल और बाबोलसर शहरों में धमाकों की खबरें आईं, जिससे वहां वायु रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय कर दी गईं।
ईरान ने इजरायल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने संघर्ष विराम के बाद कोई मिसाइल लॉन्च नहीं की है। ईरानी जनरल स्टाफ और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उनकी अंतिम मिसाइलें संघर्ष विराम लागू होने से कुछ मिनट पहले दागी गई थीं, जो इजरायली हमलों के जवाब में थीं।
राष्ट्रपति ट्रंप की सीधी बातचीत के बाद हालात में कुछ ठहराव आया है। क्षेत्रीय हवाई यातायात भी धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। एयर इंडिया ने घोषणा की है कि वह आज से पश्चिम एशिया के लिए अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर रही है।
