हेग में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान सभी नाटो सदस्य देशों ने 2035 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 5 प्रतिशत रक्षा और सुरक्षा पर खर्च करने पर सहमति जताई है। घोषणा में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस रक्षा प्रतिज्ञा में मुख्य रक्षा आवश्यकताओं के लिए प्रति वर्ष GDP का कम से कम 3.5 प्रतिशत और सुरक्षा संबंधी उपायों जैसे कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा और रक्षा औद्योगिक आधार को मज़बूत करने के लिए GDP का 1.5 प्रतिशत खर्च किया जाएगा।
शिखर सम्मेलन में बोलते हुए नाटो महासचिव मार्क रूटे ने कहा कि इस वर्ष यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता 2023 के 58 बिलियन डॉलर से अधिक होने की संभावना है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूरोप और कनाडा को नाटो में अधिक योगदान देना होगा। रूटे ने यह भी कहा कि ईरान पर अमेरिका के हालिया हमले से उसे गंभीर झटका लगा है और रूस को अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों दृष्टिकोणों से खतरा बताया।
रूटे ने सुझाव दिया कि नाटो को अटलांटिक महासागर के दोनों ओर अपनी रक्षा औद्योगिक क्षमताओं का तेज़ी से विस्तार करना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सम्मेलन में कहा कि सैन्य हार्डवेयर पर अतिरिक्त खर्च जरूरी है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं यूक्रेन से आगे तक हो सकती हैं। ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पुतिन से फोन पर बात की थी और उनसे यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में सहयोग की अपील की। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से युद्धविराम पर कोई चर्चा नहीं हुई।
