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ट्रंप की धमकी काम आई, कनाडा ने डिजिटल सेवा कर रद्द किया

Date : 30-Jun-2025

ओटोवा, 30 जून। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा को दी गई धमकी आखिरकार काम आ गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने रविवार रात डिजिटल सेवा कर को रद्द कर दिया। डिजिटल सेवा कर की वजह से अमेजन, गूगल, मेटा, उबर और एयरबीएनबी जैसी कंपनियों पर कनाडाई उपयोगकर्ताओं से होने वाले राजस्व पर तीन फीसदी का कर लगना था। इससे अमेरिकी कंपनियों को महीने के आखिर में दो बिलियन अमरीकी डॉलर का भुगतान करना पड़ता।

सीएनबीसी चैनल की खबर में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया है कि यह ट्रंप के अमेरिकी व्यापार वार्ता को रद्द करने की घोषणा का असर है। कार्नी ने डिजिटल सेवा कर को भुगतान से एक दिन पहले रद्द किया है। उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका के साथ अमेरिकी व्यापार वार्ता (पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापक व्यापार व्यवस्था) शुरू होगी।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बयान में कहा, ''आज की घोषणा इस महीने के कनानास्किस में जी-7 नेताओं के शिखर सम्मेलन में निर्धारित 21 जुलाई, 2025 की समयसीमा के लिए वार्ता को फिर से शुरू करने का समर्थन करेगी।'' कनाडा के वित्तमंत्री फ्रेंकोइस-फिलिप शैम्पेन ने बयान में कहा, ''डिजिटल सेवा कर को समाप्त करने से अमेरिका के साथ एक नए आर्थिक और सुरक्षा संबंधों की बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।''

सीएनबीसी के अनुसार, ओटावा का यह निर्णय इस महीने की शुरुआत में कनाडाई अधिकारियों के लिए गए निर्णय से उलट है। उन्होंने कहा था कि वे अमेरिका के कड़े विरोध के बावजूद डिजिटल सेवा कर को रोकेंगे नहीं। डिजिटल सेवा कर को पहली बार 2020 में कराधान अंतर को दूर करने के लिए पेश किया गया था।

महत्वपूर्ण यह है कि कनाडा और अमेरिका के रिश्ते ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही अच्छे नहीं रहे। ट्रंप ने देश के कनाडा पर अनेक बार कटाक्ष किया। यह तक कहा कि कनाडा को अमेरिकी राज्य के रूप में शामिल किया जाए। इसके बाद कनाडा को भारी अमेरिकी टैरिफ की मार झेलनी पड़ी। ट्रंप ने स्टील और एल्युमीनियम पर 50 प्रतिशत और ऑटो पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया। हालांकि, इस टैरिफ पर नौ जुलाई तक रोक है। फिर भी कनाडा और मैक्सिको को 25 प्रतिशत तक के अलग-अलग टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।


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