ग़ाज़ा संघर्ष को लेकर चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दो दिनों में दूसरी बार वॉशिंगटन में मुलाकात की। यह बैठक व्हाइट हाउस में बंद कमरे में हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने रात्रिभोज भी साझा किया।
बैठक ऐसे समय पर हुई जब ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीवन विटकॉफ ने संकेत दिया है कि इज़राइल और हमास 60 दिन के अस्थायी युद्धविराम समझौते के नजदीक हैं। वार्ता की जानकारी देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ग़ाज़ा में सैन्य अभियान पूरी तरह खत्म हुआ है, लेकिन युद्धविराम को लेकर प्रयास जारी हैं।
विटकॉफ ने यह भी बताया कि प्रस्तावित समझौते में 10 जीवित बंधकों की रिहाई और 9 मृतकों के शवों की वापसी शामिल है। दोनों पक्ष उन मुद्दों पर मतभेद सुलझा रहे हैं, जो अब तक समझौते में बाधा बने हुए थे।
नेतन्याहू ने इस यात्रा के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन से भी मुलाकात की। यह नेतन्याहू की ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिका की तीसरी राजकीय यात्रा है।
ट्रंप और नेतन्याहू से इस दौरान ग़ाज़ा से फिलिस्तीनियों को स्थायी रूप से अन्य देशों में स्थानांतरित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी सवाल किए गए। ट्रंप ने कहा कि उन्हें कुछ पड़ोसी देशों से सहयोग मिला है, जबकि नेतन्याहू ने संकेत दिया कि वह अमेरिका के साथ मिलकर ऐसे देशों की तलाश कर रहे हैं जो "फिलिस्तीनियों को बेहतर भविष्य" दे सकें।
ग़ौरतलब है कि हमास और इज़राइल के बीच यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास के हमले में 1,200 इज़राइली मारे गए और 251 लोग बंधक बना लिए गए थे। इसके जवाब में इज़राइल के हमलों में अब तक ग़ाज़ा में कम से कम 57,500 मौतें हो चुकी हैं।
