दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका को ऋण के मामले में डीफॉल्टर होने से बचाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस ने देश की उधार लेने की सीमा को बढ़ाने वाले समझौते को मंजूरी दे दी है। विधेयक को प्रतिनिधि सभा से मंजूरी मिलने के एक दिन बाद सीनेट में रखा गया जहां विधेयक के पक्ष में 63 जबकि विरोध में 36 वोट पडे। राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा है कि वह इस विधेयक को कानून का रूप देंगे। बिल पर उनके हस्ताक्षर से अमेरिका अपने 31.4 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज पर विनाशकारी तबाही से बच जाएगा। एक अनुमान के अनुसार अमरीका इस महीने की 5 तारीख को अपनी वर्तमान ऋण सीमा को पार कर जाएगा। ऐसा होने पर सरकार डिफ़ॉल्ट हो जाएगी और उसकी और अधिक ऋण लेने तथा सभी देनदारियों का भुगतान करने की क्षमता सीमित हो जाएगी। यह स्थिति दुनिया के बाकी देशों की अर्थव्यवस्था में तबाही ला सकती है और कीमतों और ऋण की ब्याज दरों में भी उछाल आ सकता है।
