मॉस्को, 13 जून । रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पाकिस्तान से संंबंधों का दायरा बढ़ाने की इच्छा जताई है। रूस और पाकिस्तान के कूटनीतिक संबंधों की 75वीं सालगिरह पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने इस आशय का प्रस्ताव किया है।
रूस-पाकिस्तान रिश्तों की 75वीं सालगिरह पर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पाकिस्तान के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। पाकिस्तान के साथ संबंधों का दायरा बढ़ाने की रूस की इच्छा को दुनिया में तेजी से बदल रहे भू-राजनीतिक माहौल से जोड़ कर देखा जा रहा है। समझा जाता है कि रूस की यह पहल पाकिस्तान को पश्चिमी खेमे से दूर करने की कोशिश का हिस्सा है।
लावरोव ने अपने संदेश में कहा कि रूस इस बात को जानता है कि पाकिस्तान के लोग रूस और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं। रूस उनकी इस भावना का सम्मान करता है। लावरोव ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में दोनों देशों के संबंध अलग-अलग दौर से गुजरे हैं। लेकिन अब रूस पाकिस्तान के साथ अपने संबंध बढ़ाने की इच्छा रखता है।
लावरोव ने याद दिलाया कि 1980 के दशक में कराची में बने पाकिस्तान के सबसे बड़े इस्पात कारखाने के निर्माण में सोवियत विशेषज्ञों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लावरोव ने टिप्पणी की, ‘हम ध्यान दिलाना चाहते हैं कि विश्व व्यवस्था के बारे में रूस की दृष्टि और परंपरागत नैतिक मूल्यों के बारे में हमारी समझ उस विश्वास, एकता और अनुशासन से मेल खाती है, जिन्हें पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने आकार दिया था।’
लावरोव ने वीडियो संदेश का अंत ‘पाकिस्तान-रूसी दोस्ती जिंदाबाद’ कहते हुए किया।
