बैंकॉक, 17 जुलाई । बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग उपक्रम (बिम्सटेक) से जुड़े देश भोजन, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। सोमवार को बैंकॉक में हुई बिम्सटेक देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में इन देशों से जुड़ी समस्याओं पर खुली और दूरदर्शी चर्चा हुई। सभी विदेश मंत्रियों ने कहा कि हमारा साझा उद्देश्य विकास और समृद्धि को बढ़ावा देना है।
बिम्सटेक में सात सदस्य देश बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। इन देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया कि बिम्सटेक सदस्यों के बीच लचीलेपन और समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो उन चुनौतियों को दर्शाता है जिनका आज सभी देश सामना कर रहे हैं। चर्चा के दौरान सहयोग के नए क्षेत्रों में प्रवेश के लिए नए पहलुओं और गतिविधियों की खोज के बारे में बात हुई। कहा गया कि भोजन, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा आम चिंताएं हैं, जिनके निवारण के लिए मिलकर काम किया जाएगा। बैठक में कहा गया कि सभी सदस्य देशों का साझा उद्देश्य विकास को बढ़ाना और समृद्धि को बढ़ावा देना है। इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए अधिक बार मिलने पर सहमति भी हुई। बैठक में समस्याओं से निपटने के लिए समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय समुदाय के लोगों से बात की थी। उन्होंने इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें एक खास बात यह है कि वे कई चीजों की नब्ज पकड़ लेते हैं और उसे नीतियों व कार्यक्रमों में बदल देते हैं। उन्होंने राजनयिक से राजनेता बनने की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि एक राजनयिक के रूप में हमेशा राजनेताओं के साथ काम किया, लेकिन बिना किसी सप्ताहांत वाली राजनीति की सतत सक्रिय दुनिया में प्रवेश करना अलग बात है।
