आचार्य चाणक्य: "समय और शिक्षा का सही उपयोग ही व्यक्ति को सफल बना देता है।"
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जाति जनगणना के वितंड़ावाद और सिरफिरी बहस के बीच महात्मा गांधी का यह लेख और भी प्रासंगिक हो जाता है जो उन्होंने 'साप्ताहिक हरिजन' में लिखा था, यह लेख 'मेरे सपनों का भारत में भी संकलित है*
Date : 06-Sep-2024
मेरे सपनों के भारत में , वर्णाश्रम और जातिपाँति - मोहनदास करमचंद गांधी