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अमित शाह ने किया पतंजलि विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण

Date : 30-Mar-2023

 हरिद्वार, 30 मार्च  केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार सायं पतंजलि विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद उन्होंने ऋषिग्राम में विगत 9 दिनों से चल रहे चतुर्वेदीय महापारायण यज्ञ में पूर्णाहूति दी।

इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुझे सदैव पतंजलि आकर नई ऊर्जा, नई चेतना, नई आशा मिलती है। आज मैं मन में शांति व संतोष लेकर जा रहा हूं कि पतंजलि परिवार आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में देश का पुनरोद्धार करेगा। गृह मंत्री ने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के क्षेत्र में स्वामी जी ने विगत 25 साल में अभूतपूर्व योगदान दिया है। अब उन्होंने शिक्षा पर भी ध्यान दिया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड, पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम्, पतंजलि विश्वविद्यालय तथा पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के माध्यम से मूल भारतीय परम्परा से हमारे चिर पुरातन ज्ञान को नई ऊर्जा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आचार्य बालकृष्ण द्वारा आयुर्वेद में 500 से अधिक रिसर्च पेपर्स पब्लिश करना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि मैंने आचार्य जी के नेतृत्व में पतंजलि संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित मृदा परीक्षण मशीन ‘धरती का डॉक्टर’ देखी, यह एक अद्भुत मशीन है।

स्वामी रामदेव ने कहा कि सब देशवासियों के रोम-रोम में राम के प्रति आस्था बस है, राम हमारे जीवन से लेकर पूरे जगत में प्रतिष्ठित हों। राम मंदिर के प्रति लोगों का सपना था कि उनकी आंखों के सामने यह ऐतिहासिक कार्य हो जाए। राम मंदिर की स्थापना तथा अनुच्छेद 370 खत्म कर माननीय प्रधानमंत्री महोदय ने देश को सौगात दी है।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि योगपीठ के सभागार में सनातन वैदिक संस्कृति की जो धारा पिछले नवरात्रि के पावन दिनों से प्रारंभ हुई थी। आज वह नए स्वरूप में पूरे विश्व के सम्मुख उपस्थित है। उन्होंने कहा कि सनातन वैदिक संस्कृति, धर्म व परम्परा के लिए कुछ कर गुजरने की अमित शाह में जो भावना और दृढ़ता है, उससे सम्पूर्ण देश परिचित है। भारतीय शिक्षा बोर्ड के रूप में मैकाले का पाप धोने का सद्प्रयास भी अमित शाह के ही सहयोग से संभव हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमारे जितने भी नव दीक्षित सन्यासी भाई बहन हैं, वे आपकी ऊर्जा को अनुभव करते हैं और उस ऊर्जा से भारतीय संस्कृति और सनातन वैदिक परंपरा को पुनः स्थापित करने के लिए सभी लोग कृत संकल्पित हैं।

इस अवसर पर मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत परम्परा में हमेशा से ही एक भारत, श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम रही है। स्वामी जी व आचार्य जी के कुशल मार्गदर्शन में पतंजलि योगपीठ की स्थापना इसी उद्देश्य के लिए हुई है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी स्वामी जी की ही देन है।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत, हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एन.पी. सिंह, साध्वी आचार्या देवप्रिया , पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. महावीर , कुलानुशासक स्वामी आर्षदेव, राकेश कुमार ‘भारत’ व स्वामी परमार्थदेव, डॉ. जयदीप आर्य, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा सहित पतंजलि विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। Ko


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