बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और उल्लास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पीले रंग के व्यंजन बनाने की परंपरा है, जिनमें बसंती पुलाव का खास महत्व होता है। इसे कई लोग केसरिया मीठे चावल के नाम से भी जानते हैं। केसर की खुशबू, देसी घी का स्वाद और सूखे मेवों से सजा यह पुलाव देखने में जितना आकर्षक होता है, खाने में उतना ही लाजवाब लगता है। इस बसंत पंचमी आप भी घर पर आसानी से बसंती पुलाव बनाकर मां सरस्वती को भोग अर्पित कर सकते हैं।
आवश्यक सामग्री
बासमती चावल, देसी घी, केसर, हल्दी पाउडर, दानेदार चीनी, काजू, किशमिश, पिस्ता, हरी इलायची, तेज पत्ता, नमक और पानी।
बनाने की विधि
सबसे पहले बासमती चावल को धोकर 15–20 मिनट तक पानी में भिगो दें। एक कढ़ाही या पैन में घी गर्म करें और उसमें तेज पत्ता, हरी इलायची और हल्दी डालकर खुशबू आने तक भूनें। अब काजू और किशमिश को हल्का भूनकर अलग निकाल लें।
भीगे हुए चावल पैन में डालकर 1–2 मिनट तक हल्का भूनें। इसके बाद पानी, केसर वाला दूध, चीनी और एक चुटकी नमक डालें। ढककर मध्यम आंच पर पकाएं, जब तक चावल अच्छे से फूल न जाएं और पानी सूख जाए।
अंत में ऊपर से भुने हुए काजू, किशमिश और पिस्ता डालकर गार्निश करें। स्वाद और सुगंध से भरपूर यह बसंती पुलाव बसंत पंचमी के दिन भोग और प्रसाद दोनों के लिए उत्तम है।
