सीकर जिले के खाटूश्यामजी कस्बे के प्रसिद्ध बाबा की धार्मिक नगरी में बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले के तहत आठ दिवसीय लक्खी मेले के सातवें दिन एकादशी के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. शीश के दानी बाबा श्याम नीले घोड़े पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले.
रथयात्रा का शुभारंभ बाबा श्याम मंदिर परिसर से हुआ जो मुख्य बाजार होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मंदिर प्रांगण पहुंची.रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बाबा श्याम के जयकारों से पूरा खाटू धाम गूंज उठा. श्रद्धालु रथ को छूकर आशीर्वाद लेने के लिए आतुर नजर आए जिससे मार्गों पर श्रद्धा और उत्साह का सैलाब दिखाई दिया. जगह-जगह फूलों की वर्षा और भजनों की मधुर धुनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया.
फाल्गुनी लक्खी मेले के चलते देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सुगमता से बाबा श्याम के दर्शन कर सकें। खाटू धाम में इन दिनों भक्ति, विश्वास और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है.
125 किलो चांदी से बना रथ
इस वर्ष की रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण बाबा का वह विशेष रथ है, जिसे लगभग 125 किलो शुद्ध चांदी से तैयार किया गया था. इस शाही रथ में बाबा श्याम के साथ उनके प्रिय ‘नीले घोड़े’ की आकृति भी विराजमान रही.
