उज्जैन, मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्र पर्व सह महाशिवरात्रि पर्व शुक्रवार से प्रारंभ हो गया है। इस बार शिवनवरात्र 10 दिवसीय होगी। दसो दिन अलग-अलग स्वरूप में बाबा महाकाल भक्तों को दर्शन देंगे। पहले दिन 6 फरवरी की शाम बाबा महाकाल का भांग-चंदन से श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर प्रबंध समिति ने सारी तैयारियां पूर्ण कर ली है। मंदिर परिसर से लेकर महाकाल शिखर तक रंग रोगन होकर आकर्षक विद्युत छटा से मंदिर जगमगा रहा है। उत्सव का प्रारंभ कोटितीर्थ के समीप स्थित कोटेश्वर महादेव मंदिर में पूजन से हुआ।
महाकालेश्वर मंदिर में आगामी 10 दिनों तक होनेवाले भगवान के श्रृंगार मुख्य पुजारी पं.घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में इसप्रकार होगा-
* 7 फरवरी को भगवान को नवीन वस्त्र पहनाए जाएंगे। रूद्राभिषेक का क्रम जारी रहेगा।
* 8 फरवरी को भगवान का शेषनाग श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर में रूद्राभिषेक होगा वहीं सायंकाल में पूजा पश्चात भगवान को नवीन वस्त्र धारण करवाकर मुकुट,मुंड माला और फलों की माला पहनाई जाएगी।
* 9 फरवरी को बाबा महाकाल का नियमित पूजन,रूद्राभिषेक होगा। पश्चात सायंकाल में नवीन वस्त्र धारण करवाकर घटाटोप श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को कटरा,मेखला,दुपट्टा,मुकुट, मुण्डमाल,छत्र, माला और फलों की माला पहनाई जाएगी।
* 10 फरवरी को प्रात:काल में नैवेद्य कक्ष में चंद्रमौलेश्वर का पूजन होगा। पश्चात कोटेश्वर महादेव का पूजन होकर भगवान को पीले रंग के वस्त्र पहनाए जाएंगे। नियमित पूजन,रूद्राभिषेक होकर सांयकाल में छबिना श्रृंगार किया जाएगा।
* 11 फरवरी को चंद्रमौलेश्वर का पूजन होकर गर्भगृह में एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक होगा। सायंकाल में नवीन वस्त्र धारण करवाकर होल्कर श्रृंगार होगा।
* 12 फरवरी को कोटेश्वर महादेव का पूजन किया जाएगा। पश्चात भगवान को चाकलेटी कलर के वस्त्र धारण करवाए जाएंगे। शाम को मन-महेश स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा।
* 13 फरवरी को भगवान को नियमित पूजन पश्चात लाल रंग के वस्त्र धारण करवाए जाएंगे। भगवान का उमा महेश स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा।
* 14 फरवरी को भगवान शिव तांडव स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। भगवान को नवीन वस्त्र,कुंडल,चंद्रमा,चांदी की नरमुंड माला और फलों की माला पहनाई जाएगी।
* 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व है। इस दिन भगवान निराकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। सुबह से शाम तक भगवान का जलाभिषेक होगा। सुबह भस्मार्ती से चालू दर्शन का सिलसिला सतत 44 घण्टे तक 16 फरवरी की दोपहर तक जारी रहेगा। 16 फरवरी को वर्ष में एक बार दोपहर में होनेवाली भस्मार्ती सम्पन्न होगी।
