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महाशिवरात्रि 2026: व्रत, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Date : 27-Jan-2026

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में महाशिवरात्रि 26 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई थी। अब बात करें वर्ष 2026 की, तो अगले साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी 2026 को शाम 5:34 बजे तक रहेगी। चूंकि महाशिवरात्रि की पूजा निशिता काल में विशेष फलदायी मानी जाती है, इसलिए 15 फरवरी को ही व्रत और पूजा की जाएगी। निशिता काल का मुहूर्त रात 11:55 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण 16 फरवरी 2026 को सुबह 6:42 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक किया जा सकेगा।

महाशिवरात्रि की रात चार प्रहरों में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। प्रथम प्रहर की पूजा 15 फरवरी को शाम 6:11 बजे से रात 9:23 बजे तक, द्वितीय प्रहर की पूजा रात 9:23 बजे से 12:36 बजे तक, तृतीय प्रहर की पूजा 16 फरवरी को रात 12:36 बजे से सुबह 3:47 बजे तक और चतुर्थ प्रहर की पूजा सुबह 3:47 बजे से 6:59 बजे तक की जाएगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था। एक अन्य मान्यता यह भी है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

 

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