केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव और कंपनी लोहम के सीईओ रजत वर्मा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होने वाली 2D सामग्रियों के निर्माण और स्थायी चुंबक एवं बैटरी जैसे घटकों के पुनर्चक्रण पर चर्चा हुई।
मंत्री वैष्णव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 2D पदार्थों के निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स में उनके उपयोग, और स्थायी चुंबक व बैटरी रीसाइक्लिंग पर विचार-विमर्श किया।
इस चर्चा का मुख्य विषय आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में 2D सामग्रियों की बढ़ती भूमिका थी। ये सामग्रियां केवल कुछ परमाणुओं मोटी होती हैं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की प्रदर्शन क्षमता और दक्षता बढ़ाने की संभावनाओं के लिए तेजी से शोध की जा रही हैं।
नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर नोवोसेलोव ग्राफीन जैसे द्वि-आयामी पदार्थों के क्षेत्र में अग्रणी हैं। 2010 में उन्हें ग्राफीन से जुड़े अभूतपूर्व प्रयोगों के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था। ग्राफीन की विशेषताएं जैसे उच्च मजबूती, उत्कृष्ट चालकता और अत्यंत पतली संरचना, इलेक्ट्रॉनिक्स और सामग्री विज्ञान में नए रास्ते खोलती हैं।
बैठक में लोहम के सीईओ रजत वर्मा ने बैटरी रीसाइक्लिंग और महत्वपूर्ण सामग्रियों की पुनर्प्राप्ति पर चर्चा की। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों में उपयोग होने वाले बैटरी-ग्रेड कच्चे माल का उत्पादन करती है।
स्थायी चुंबकों और बैटरियों का पुनर्चक्रण बैठक का एक और महत्वपूर्ण विषय था। ये घटक इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होते हैं और इनका पुनर्चक्रण सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अहम है।
इस चर्चा ने इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उन्नत सामग्री अनुसंधान और चक्रीय अर्थव्यवस्था के महत्व को भी रेखांकित किया।
