नेपाल सरकार ने पेट्रोल में अधिकतम 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाने को मंजूरी दी | The Voice TV

Quote :

"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

International

नेपाल सरकार ने पेट्रोल में अधिकतम 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाने को मंजूरी दी

Date : 13-Mar-2026

 काठमांडू, 13 मार्च । नेपाल सरकार ने पेट्रोल में अधिकतम 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाकर बिक्री और वितरण करने का रास्ता खोलते हुए इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य देश में उपलब्ध कच्चे पदार्थों से इथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित कर रोजगार सृजन करना और विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा खर्च होने वाले पेट्रोल आयात को घटाना है।

उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय ने शुक्रवार को नेपाल राजपत्र में सूचना प्रकाशित करते हुए बताया कि इस आदेश का उद्देश्य स्वदेशी कच्चे पदार्थों पर आधारित इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना और पेट्रोलियम पदार्थों के आयात को कम करना है। इसके लिए सरकार ने इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे पदार्थों के स्रोत भी स्पष्ट किए हैं। आदेश के अनुसार चीनी उद्योग से निकलने वाला खुँदो (मोलासेस), नेपियर घास, बेकार हो रहे कृषि तथा वनजन्य जैविक पदार्थ (बायोमास), पराल, मक्के का खोया, गेहूँ का भूसा जैसे कृषि अवशेष तथा खाने योग्य न रहे सड़े-गले अनाज को इथेनॉल उत्पादन के कच्चे पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

उद्योग वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्री अनिल सिन्हा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनुष्यों द्वारा खाए जाने योग्य किसी भी खाद्यान्न को इथेनॉल उत्पादन में प्रयोग करने पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्पादित इथेनॉल की खरीद, बिक्री और वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और नियंत्रित करने के लिए आदेश में नेपाल आयल निगम को एकाधिकार दिया गया है। इसके अनुसार लाइसेंस प्राप्त उद्योगों द्वारा उत्पादित पूरा इथेनॉल अनिवार्य रूप से आयल निगम को ही बेचना होगा।

मंत्री सिन्हा के मुताबिक आयल निगम के अलावा किसी भी निजी या सरकारी संस्था या व्यक्ति को सीधे इथेनॉल बेचने की अनुमति नहीं होगी। निगम अपनी उपलब्धता और तकनीकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रति लीटर पेट्रोल में अधिकतम 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण कर सकेगा।उन्होंने कहा कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर नेपाल सरकार मंत्रिपरिषद के निर्णय से इस मिश्रण अनुपात को बढ़ाया या घटा भी सकती है, जिससे नीति में लचीलापन बना रहेगा।

इथेनॉल की गुणवत्ता को लेकर भी आदेश में कड़े प्रावधान रखे गए हैं। उत्पादित इथेनॉल का स्तर नेपाल गुणस्तर विभाग से निर्धारित मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य होगा। राजपत्र में प्रकाशित सूचना के मुताबिक आयल निगम खरीद से पहले हर खेप की गुणवत्ता की जांच करेगा, जबकि उत्पादक उद्योगों को भी गुणवत्ता परीक्षण के लिए अपनी प्रयोगशाला स्थापित करनी होगी। घटिया गुणवत्ता वाले इथेनॉल की खरीद-फरोख्त को पूरी तरह हतोत्साहित किया गया है। ज्वलनशील और संवेदनशील पदार्थ इथेनॉल के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और मिश्रण के लिए आवश्यक सुरक्षा मानक मंत्रालय अलग से तैयार कर लागू करेगा।

मंत्री सिन्हा के अनुसार पूरी प्रक्रिया के प्रभावी कार्यान्वयन और समन्वय के लिए एक उच्चस्तरीय सिफारिश समिति बनाने की भी व्यवस्था की गई है। उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय के आपूर्ति क्षेत्र के सचिव की अध्यक्षता में बनने वाली इस समिति में अर्थ मंत्रालय, कृषि तथा पशुपन्छी विकास मंत्रालय के सहसचिव, गुणवत्ता तथा नापतौल विभाग के महानिदेशक, नेपाल विज्ञान तथा प्रविधि प्रज्ञा प्रतिष्ठान के विशेषज्ञ प्रतिनिधि तथा नेपाल आयल निगम के कार्यकारी निदेशक सदस्य-सचिव के रूप में शामिल होंगे।

यह समिति इथेनॉल खरीद मूल्य तय करने के लिए सरकार को सिफारिश करेगी, इथेनॉल उद्योग को राष्ट्रीय प्राथमिकता प्राप्त उद्योग का दर्जा देने का सुझाव देगी तथा ऐसे उद्योगों के लिए मशीनरी और उपकरण आयात में कर छूट सहित अन्य सुविधाओं की सिफारिश भी करेगी। इससे निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। समिति मूल्य निर्धारण करते समय प्राथमिक लागत, कारखाने का ओवरहेड खर्च, प्रशासनिक और संचालन खर्च तथा अन्य आवश्यक लागतों को आधार बनाएगी, ताकि उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से कीमत तय की जा सके।

आदेश में यह भी कहा गया है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को लेकर आम जनता में संभावित भ्रम या जोखिम को दूर करने तथा इसके लाभों के बारे में जानकारी देने के लिए जनचेतना कार्यक्रम चलाने की जिम्मेदारी भी नेपाल आयल निगम को दी गई है। यदि इस आदेश के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की अस्पष्टता या विवाद उत्पन्न होता है, तो उसकी अंतिम व्याख्या करने का अधिकार उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय के पास रहेगा।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload









Advertisement