इस्तांबुल, 12 मार्च। अमेरिका-इजराइल और के ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर बुधवार काे हुए हमले के संदर्भ में थाईलैंड ने ईरान से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। घटना के समय जहाज पर कुल 23 लाेग सवार थे जिसमें से चालक दल के तीन सदस्य लापता हैं, जबकि अन्य लोगों को बचा लिया गया था। वहीं इस घटना से पूर्वी एशिया के समुद्री क्षेत्राें में हालात बेहद संवेदनशील बन गए हैं।
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू ने बताया कि बैंकॉक ने गुरुवार को ईरान से सफ़ाई मांगी और बुधवार काे होर्मुज जलडमरूमध्य में थाई झंडे वाले जहाज पर हुए हमले के बाद विरोध दर्ज कराया, जिसमें चालक दल के कम से कम तीन सदस्य लापता हो गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड के चालक दल के 23 सदस्यों वाली मयूरी नारी जहाज पर हमला तब हुआ जब यह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी से भारत की ओर जा रहा था। इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हवाई हमले चल रहे थे और तेहरान इस इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानाें पर जवाबी कार्रवाई कर रहा था।
अनाडोलू एजेंसी ने थाई मीडिया के हवाले से बताया कि थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को लेकर बैंकॉक में ईरान के राजदूत नासेरुद्दीन हैदरी को तलब किया और मामले में स्पष्टीकरण मांगा। दूसरी ओर थाई विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव क्षेत्र और दुनिया भर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यह संकट इस क्षेत्र और उससे बाहर के देशों में बेगुनाह नागरिकों की जान और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
हमले के बाद ओमान की नौसेना ने चालक दल के 20 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया था। हालांकि तीन अब भी लापता हैं। माना जा रहा है कि वे हमले के समय जहाज के इंजन रूम में काम कर रहे थे। उनकी तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर्पस ने हाल ही में घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को अब तेहरान से अनुमति लेनी होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात और व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
यह घटना 28 फरवरी से जारी अमेरिका-इज़राइल और ईरान के हमलों के बीच हुई है, जिसमें लगभग 1,300 लोग मारे गए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल, जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।
इसके अलावा, बैंकॉक ने पश्चिम एशिया से अपने नागरिकों को निकालना जारी रखा। ईरान से निकाले गए 34 थाई नागरिकों का एक नया ग्रुप गुरुवार को तुर्किये से होते हुए थाईलैंड पहुंचा। अनाडोलू की गिनती के मुताबिक 28 फरवरी को शुरू हुए तनाव के बाद से एशियाई देशों के कम से कम 16 लोग या तो मारे गए हैं या लापता हैं। इनमें बांग्लादेश के चार, पाकिस्तान और भारत के तीन-तीन, चीन, नेपाल, फिलीपींस का एक-एक और इंडोनेशिया के तीन लोग शामिल हैं।
