समग्र स्वास्थ्य के लिए योग फायदेमंद माना जाता है। योग से शरीर में ऊर्जा संतुलित होती है और लचीलापन आने के साथ ही तनाव की समस्या से छुटकारा मिलता है। कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए योग को असरदार माना जाता है। थायराइड के स्तर को नियंत्रित करने और स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए यहां कुछ योगासनों के फायदे बताएं जा रहे हैं थायराइड में करें सेतुबंधासन का अभ्यास: इस आसन को ब्रिज पोज भी कहते हैं।
पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए यह योगासन लाभकारी है। अध्ययनों से पता चला है कि सेतुबंधासन के अभ्यास से थायराइड के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट कर पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करके घुटनों को मोड़ लें। अब हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा लें और सांस को लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएंं। सांस छोड़ते हुए पुरानी वाली स्थिति में आ जाएं।
कोबरा पोज: थायराइड की समस्या से राहत पाने के लिए कोबरा पोज का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन से गले और थायराइड को उत्तेजित करने में सहायक माना जाता है। कोबरा पोज के अभ्यास से लिए जमीन पर लेटकर हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें।
अब श्वास लेते हुए छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। अब शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं। इस योग को दोहराएं। कैट-काउ पोज: थायराइड की समस्या से परेशान लोगों को कैट काऊ का अभ्यास करना चाहिए। यह गले में रक्त के प्रवाह को निरंतर जारी रखने में लाभकारी है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले कलाइयों और घुटनों की मदद से जानवरों जैसी मुद्रा बना लें। गहरी श्वास लें और छोड़ें। इस योग को रोजाना 10 मिनट करने चाहिए।
