आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस, बेचैनी और दिमागी परेशानी आम समस्या बन गई है. अगर आपका मन बार-बार शोरगुल और भारी-भरकम महसूस हो रहा है, तो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक आसान और प्रभावी प्राणायाम का सुझाव दिया है, भ्रामरी प्राणायाम.
आयुष मंत्रालय ने क्यों सुझाया भ्रामरी प्राणायाम?
विश्व योग दिवस बिल्कुल करीब है. ऐसे में आयुष मंत्रालय रोजाना नए-नए योगासनों के बारे में जानकारी साझा कर रहा है. मंत्रालय के अनुसार, भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत करने, चिंता कम करने और आंतरिक संतुलन में बहुत मददगार साबित होता है. जब मन में अत्यधिक विचारों का शोर चल रहा हो और आप बेचैनी महसूस कर रहे हों, तो भ्रामरी प्राणायाम का नियमित अभ्यास आपके भीतर गहरी शांति स्थापित करने में सहायक हो सकता है.
क्या है भ्रामरी प्राणायाम और कैसे करता है असर
योग एक्सपर्ट बताते हैं कि भ्रामरी एक खास तरह का प्राणायाम है, जिसमें सांस छोड़ते समय भौंरों की तरह “हम्म्म” की ध्वनि निकाली जाती है. इस प्रक्रिया से मस्तिष्क में कंपन पैदा होता है जो तनावग्रस्त नसों को शांत करता है.
भ्रामरी प्राणायाम के फायदे
इससे चिंता, गुस्सा, बेचैनी और नींद की समस्या में भी काफी राहत मिलती है. यह प्राणायाम मन को एकाग्र करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में प्रभावी माना जाता है.
