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रक्षा से अंतरिक्ष तक: ‘स्टार्टअप इंडिया’ के 10 साल और राष्ट्र निर्माण में उभरता भारत

Date : 16-Jan-2026

‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के दस वर्ष पूरे होने के साथ भारत का स्टार्टअप आंदोलन अब केवल आर्थिक परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की एक मजबूत नींव बन चुका है। आज देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम सुरक्षा, तकनीक, रोजगार और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती दे रहा है।

16 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘स्टार्टअप इंडिया’ का उद्देश्य भारत को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाना था। बीते एक दशक में भारत ने खुद को दुनिया के “बैक ऑफिस” से आगे बढ़ाकर एक इनोवेशन आर्किटेक्ट के रूप में स्थापित किया है।

रक्षा क्षेत्र में बदलाव की नई कहानी
2014 से पहले जहां रक्षा स्टार्टअप लगभग न के बराबर थे, वहीं आज भारत में 1,000 से अधिक रक्षा स्टार्टअप सक्रिय हैं। iDEX जैसे प्लेटफॉर्म्स ने स्टार्टअप्स को सशस्त्र बलों की जरूरतों से जोड़ा, जिससे रक्षा उत्पादन को गति मिली। निजी क्षेत्र की भागीदारी रक्षा उत्पादन में बढ़कर 23 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और 16,000 से अधिक MSME इस इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं।
भारत अब विदेशी GPS पर निर्भरता कम कर स्वदेशी क्वांटम पोजिशनिंग सिस्टम विकसित कर रहा है, वहीं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मेड इन इंडिया ड्रोन का उपयोग आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का उदाहरण है।

अंतरिक्ष और AI में आत्मनिर्भर भारत की उड़ान
2014 में जहां केवल एक स्पेस स्टार्टअप था, आज देश में 382 से अधिक स्पेस स्टार्टअप कार्यरत हैं। Pixxel और GalaxEye जैसी कंपनियां स्वदेशी सैटेलाइट तकनीक विकसित कर रही हैं।
AI के क्षेत्र में IndiaAI मिशन के तहत SarvamAI जैसे स्टार्टअप भारतीय भाषाओं में स्वदेशी AI मॉडल तैयार कर रहे हैं। सरकार द्वारा किफायती GPU उपलब्ध कराने से AI तकनीक को व्यापक और समावेशी बनाया जा रहा है।

सेमीकंडक्टर, जियोस्पेशियल और बायोटेक में नवाचार
सेमीकंडक्टर मिशन से Netrasemi जैसे स्टार्टअप्स को नई ताकत मिली है। जियोस्पेशियल डेटा नीति में सुधार से कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर में नवाचार को बढ़ावा मिला है। वहीं बायोटेक क्षेत्र में 3,000 से अधिक स्टार्टअप्स को सरकारी समर्थन प्राप्त हुआ है।

राष्ट्र निर्माण के नए स्तंभ
‘स्टार्टअप इंडिया’ ने न केवल नियमों को सरल बनाया, बल्कि स्टार्टअप्स को राष्ट्र निर्माता के रूप में पहचान दी। आज भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम केवल वैल्यूएशन की दौड़ में नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए वास्तविक मूल्य निर्माण पर केंद्रित है।


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