भारत को 28वीं यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में प्रशासन परिषद और डाक परिचालन परिषद के लिए पुनः निर्वाचित किया गया
दुबई में आयोजित 28वीं यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस के दौरान भारत को यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की प्रशासन परिषद (Council of Administration) और डाक परिचालन परिषद (Postal Operations Council - POC) के लिए फिर से निर्वाचित किया गया है।
संचार मंत्रालय ने इस पुनर्निर्वाचन को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा भारतीय डाक के नेतृत्व, सुधारों और डिजिटल पहलों में बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पर कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के अनुरूप भारत की वैश्विक भूमिका में हो रहे विस्तार को दर्शाती है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के कुशल मार्गदर्शन और समर्पित प्रयासों को भी दिया।
भारत वर्ष 1876 से यूपीयू का सदस्य रहा है और उसने हमेशा वैश्विक डाक नेटवर्क को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जो दुनिया भर के डाक सेवाओं से जुड़े हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करती है।
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प्रशासन परिषद नीतिगत, विनियामक और शासन से जुड़े विषयों की देखरेख करती है।
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वहीं, डाक परिचालन परिषद (POC) तकनीकी और परिचालन मामलों के माध्यम से डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण और नवाचार को बढ़ावा देती है।
भारत की पुनर्निर्वाचित भूमिका से यह संकेत मिलता है कि वह वैश्विक डाक नीति निर्धारण और संचालन में एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित हो चुका है।
