- एक दिन में हुये थे एक के बाद एक कुल 12 ब्लास्ट,
- एक ही परिवार के याकूब मेमन, यूसुफ मेमन, ईसा मेमन और रुबिना मेमन थे शामिल,
- दुनियां भर में हुये अब तक धमाकों में सबसे अलग और बड़ा धमाका,
- करोड़ों की संपत्ति हुई थी एक साथ नष्ट,
- धमाकों का मास्टरमाइंड था दाऊद इब्राहिम,
- माना जाता है विवादित बाबरी ढांचे विध्वंस नाराजी के कारण रचा था सीरियल ब्लास्ट का षडयंत्र।
भारतीय इतिहास में दर्द, शोषण और नर संहार की जितनी घटनायें दर्ज हैं उतनी दुनियाँ के किसी भी देश के इतिहास में नहीं । आठवीं शताब्दी से आरंभ हुआ यह आतंक स्वतंत्रता के बाद भी न थम सका । लगभग दो सौ साल की अवधि में भारत से टूटकर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, वर्मा श्रीलंका आदि छै देश बनें । फिर भी भारत को शाँति न मिली । शायद ही कोई दिन ऐसा हो जिस दिन भारत में कोई आतंकी घटना न घटी हो । आतंकवादी, नक्सल वादी, उग्रवादी, अलगाव वादी, माओवादी आदि न जाने कितने संगठन भारत में हिंसा और आतंक फैला रहे हैं । इन सबका उद्देश्य भारत में भारत्व को समाप्त करना है । इनके पीछे कौन से तत्व सक्रिय हैं यह भी किसी से छिपा नहीं है । किंतु विचारणीय यह है कि इतने विभाजनों के बाद भी क्या शेष भारत का जीवन निर्भय हो गया ? आतंक की इस लंबी श्रृंखला में एक स्मृति है 12 मार्च 1993 की । इस दिन मुम्बई में सीरियल ब्लास्ट हुये थे ।
