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दिल्ली शराब घोटाला: के. कविता की अंतरिम जमानत याचिका खारिज, बेटे की परीक्षा का दिया था हवाला

Date : 08-Apr-2024

 

सुनवाई के दौरान के. कविता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पीएमएलए की धारा 45 और एक प्रावधान का हवाला दिया था जो महिलाओं को अपवाद प्रदान करता है. कविता ने अपने 16 वर्षीय बेटे की चल रही परीक्षाओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत मांगी थी.

दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) की नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. कविता ने अपने 16 वर्षीय बेटे की चल रही परीक्षाओं का हवाला देते  हुए अंतरिम जमानत मांगी थी. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 अप्रैल को कविता और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश वकील की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. 

सुनवाई के दौरान के. कविता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पीएमएलए की धारा 45 और एक प्रावधान का हवाला दिया था जो महिलाओं को अपवाद प्रदान करता है. सिंघवी ने अपनी दलील कहा था, 'ऐसा नहीं है कि बच्चा गोद में है या छोटा है, वह 16 साल का है. लेकिन यहां मुद्दा अलग है. यह एक मां का अपने बच्चे के प्रति उसकी मां के भावनात्मक समर्थन को किसी और के द्वारा प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है, सिंघवी ने तर्क दिया कि ईडी को के. कविता से किसी भी तत्काल पूछताछ की आवश्यकता नहीं है. इस आधार पर उन्हें अंतरिम जमानत दी जा सकती है.

 हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय ने के. कविता की अंतरिम जमानत याचिका पर आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें पीएमएलए की धारा 45 के तहत प्रावधान का लाभ नहीं मिलना चाहिए. ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील जोहेब हुसैन ने तर्क दिया कि यह प्रावधान उन महिलाओं पर लागू नहीं होता जो सार्वजनिक जीवन में हैं और राजनेता हैं. ईडी के वकील ने दावा किया कि के. कविता दिल्ली शराब नीति मामले में रिश्वत के रूप में ली गई धनराशि के प्रमुख संचालकों में से एक थीं. वकील ने कहा, 'वह (के कविता) केवल रिश्वत की व्यवस्था करने में शामिल थीं, बल्कि लाभार्थी भी थीं.'

 

ईडी ने कोर्ट में तर्क दिया कि के. कविता पर लगे आरोप सिर्फ गवाहों और आरोपियों के बयानों पर आधारित नहीं हैं बल्कि दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट पर भी आधारित हैं. ईडी के वकील ने तर्क दिया कि इस मामले में आरोपितों द्वारा कई फोन नष्ट कर दिए गए और फोन का डेटा भी डिलीट कर दिया गया. प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कहा कि वह दिल्ली शराब नीति मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने की कगार पर है और के. कविता की जमानत इसमें बाधा बन सकती है.


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