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भीतर से देखें देश के चीफ जस्टिस का चैम्बर - यहां फ़ाइलों के तामझाम में नहीं उलझता इंसाफ़

Date : 11-Apr-2024

पेपरलेस और डिजिटल कोर्ट की वकालत करने वाले चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने चैंबर से भी एक मिसाल कायम की है. उनके कार्यालय में कंप्यूटर और टेलीफोन के बीच में फाइलों का ढेर नहीं मिलेगा. चैंबर में एकमात्र फाइल थी, जिसमें दिन का शेड्यूल था.

देश की न्यायपालिका के मुखिया सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ आखिरकार कैसे काम करते हैं. ये जानने की उत्सुकता सभी में रहती है, हमें भी यही जानने की उत्सुकता थी. वैसे मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को महत्वपूर्ण मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान कोर्ट रूम में बैठते हैं, लेकिन वह चेंबर जहां से वह दिन-प्रतिदिन के अदालती मामलों से जुड़े काम करते हैं, स्क्रीन के पीछे रहता है.                                              

चैंबर के भीतर डीवाई चंद्रचूड़ अपने काम में लगे थे. पेपरलेस और डिजिटल कोर्ट की वकालत करने वाले चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने चैंबर से भी एक मिसाल कायम की है. उनके कार्यालय में कंप्यूटर और टेलीफोन के बीच में फाइलों का ढेर नहीं मिलेगा. चैंबर में एकमात्र फाइल थी, जिसमें दिन का शेड्यूल था.

 

मुख्य न्यायाधीश का बिजी शेड्यूल कोर्ट रूम से परे भी होता है. अदालत का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश के लिए पंच-आउट का समय नहीं है. प्रशासनिक कार्य देर शाम तक जारी रहता है और इसमें अक्सर अदालती समय के बाद बैठकें भी शामिल होती हैं

सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल अतुल मधुकर कुरहेकर उनकी मीटिंग्स, अगले दिन के लिस्टेड केस और प्रशासनिक कार्यों में उनकी सहायता करते हैं।

 

मुख्य न्यायाधीश का डेस्कटॉप उनके डेस्क के एक कोने में रखा है,जो कि उन जरूरी गैजेट्स में से एक है जो महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के दौरान जरूरी उपकरणों में से एक है. वे यहां ईमेल्स का जवाब देते हैं और केस फाइलों की जांच करते हैं.यहां तक कि निर्देश भी वह लैपटॉप के जरिए जारी करते हैं.

उन्होंने बताया कि हमारी सभी फाइल्स अब -फाइल्स हैं. लैपटॉप और कंप्यूटर का उपयोग करना बहुत आसान है. उनका चैंबर भी अदालतों की तरह की डिजिटल हो गया है.


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