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पेंटागन में अखबारों और चैनलों के कार्यालय होंगे बंद, अमेरिकी रक्षा विभाग का फैसला

Date : 24-Mar-2026

 वाशिंगटन, 24 मार्च । अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन में स्थित अखबारों और चैनलों (मीडिया) के कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया गया है । इसे पेंटागन प्रेस ऑपरेशंस (पीपीओ) के नाम से जाना जाता रहा है। रक्षा विभाग ने पेंटागन इमारत के अंदर स्थित मीडिया कार्यालयों को हटाने के साथ पत्रकारों के लिए नई क्रेडेंशियल नीति लागू करने की घोषणा की है। पेंटागन ने यह फैसला एक फेडरल जज के एक मुकदमे में 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' का पक्ष में फैसला आने के बाद लिया। इस मुकदमे में रिपोर्टरों के बिल्डिंग में आने-जाने पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती दी गई थी।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा विभाग के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि पेंटागन का एक इलाका जिसे "कॉरेस्पोंडेंट्स कॉरिडोर" के नाम से जाना जाता है। इसका इस्तेमाल रिपोर्टर दशकों से अमेरिकी सेना की खबरें कवर करने के लिए करते आ रहे हैं, उसे तुरंत बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार बाद में बिल्डिंग के बाहर बने एक एनेक्स (अतिरिक्त भवन) से काम कर पाएंगे। यह भवन तैयार होने पर उपलब्ध होगा। उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि इसमें कितना समय लगेगा।

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला जज के आदेश का उल्लंघन है और असंवैधानिक है। टाइम्स के प्रवक्ता चार्ली स्टैडलैंडर ने कहा, "हम दोबारा अदालत जाएंगे।" पेंटागन प्रेस एसोसिएशन ने इस नीति को "पिछले हफ्ते आए फैसले की भावना का साफ उल्लंघन बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों को अभी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस और साक्षात्कारों के लिए पेंटागन के अंदर जाने की अनुमति होगी, लेकिन अब उन्हें एस्कॉर्ट (सुरक्षा घेरे) के साथ जाना पड़ सकता है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और वेनेज़ुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी ऑपरेशन का जिक्र करते एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया कि "ऐसे नाज़ुक समय में हम यह सवाल पूछते हैं कि पेंटागन प्रेस की उस जरूरी आजादी पर पाबंदी क्यों लगा रहा है, जो सभी अमेरिकियों को जानकारी देने में मदद करती हैं?"

यह नई नीति राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन के दौरान प्रेस की पहुंच को लेकर चल रहे विवादों की ताजा कड़ी है। इस प्रशासन ने पारंपरिक मीडिया पर पाबंदियां लगाई हैं, जबकि रूढ़िवादी मीडिया संस्थानों को बढ़ावा दिया है। पिछले साल सीबीएस न्यूज, एबीसी न्यूज, एनबीसी न्यूज, सीएनएनऔर फॉक्स न्यूज आदि के रिपोर्टरों ने अपने पेंटागन के पास लौटा दिए थे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सेना ने पत्रकारों के लिए कई नई पाबंदियों पर दस्तखत करना जरूरी कर दिया था। इस नीति में यह कहा गया था कि जो रिपोर्टर सेना के अधिकारियों से गोपनीय या संवेदनशील जानकारी मांगते हैं, उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा माना जा सकता है और उन्हें बिल्डिंग में आने से रोका जा सकता है।


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