नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही पुराने कानूनों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

International

नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही पुराने कानूनों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

Date : 27-Mar-2026

 काठमांडू, 27 मार्च। नेपाल में बालेंद्र शाह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होते ही पुराने और अप्रासंगिक हो चुके कानूनों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। नवनियुक्त वित्त मंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने पदभार ग्रहण करते ही नेपाल के आर्थिक प्रशासन में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की शुरुआत कर दी है।

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष शुक्रवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के तुरंत बाद अर्थ मंत्रालय पहुंचे वाग्ले ने दशकों पुराने और अप्रासंगिक हो चुके करीब डेढ़ दर्जन कानूनों को खारिज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्णय पर हस्ताक्षर कर अपनी कार्यशैली का स्पष्ट संकेत दिया।

वाग्ले का पहला और सबसे चर्चित निर्णय राजस्व अनुसंधान विभाग को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करना है। ‘उच्चस्तरीय आर्थिक सुधार सुझाव आयोग’ की सिफारिश के आधार पर उन्होंने यह कदम उठाया है। अतीत में शक्ति केंद्रों के प्रभाव में रहने और निजी क्षेत्र को भयभीत करने के आरोपों से घिरे इस विभाग को खत्म कर राजस्व रिसाव नियंत्रण के कार्य को नए और स्वायत्त ढंग से आगे बढ़ाने की उनकी रणनीति मानी जा रही है।

वाग्ले ने पदभार ग्रहण करते समय ही वि.सं. 1956 से 1974 तक के 15 पुराने कानूनों को खारिज या संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा भी की। उनका मानना है कि ये कानून वर्तमान के ‘डिजिटल’ और ‘उदार’ अर्थतंत्र को सहयोग करने के बजाय अनावश्यक अधिकार और झंझट पैदा कर रहे हैं।

वाग्ले ने पदभार ग्रहण करने के बाद कहा, “अर्थव्यवस्था में देखी गई समस्याओं को टुकड़ों में नहीं, बल्कि समग्र रूप से हल किया जाएगा। हम अनावश्यक अधिकारों को हटाकर प्रणालीगत सुधार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।”

खारिज करने की प्रक्रिया में शामिल कानूनों में कालाबाजारी तथा कुछ अन्य सामाजिक अपराध अधिनियम, निकासी-आयात (नियंत्रण) अधिनियम, सामाजिक व्यवहार सुधार अधिनियम और विदेश में निवेश पर प्रतिबंध लगाने वाला अधिनियम जैसे कानून शामिल हैं।

इसके अलावा बिर्ता उन्मूलन अधिनियम, नेपाल एजेंसी अधिनियम और निजी वन राष्ट्रीयकरण अधिनियम जैसे अब अप्रासंगिक हो चुके कानून भी इस सूची में हैं। हालांकि ये कानून मंत्री के निर्णय से तुरंत खत्म नहीं होंगे। मंत्रालय इन प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद में ले जाएगा और वहां से स्वीकृति मिलने के बाद राष्ट्रपति द्वारा प्रमाणीकरण के बाद ही ये औपचारिक रूप से खारिज किए जाएंगे।

इसी बीच वित्त मंत्री वाग्ले ने आगामी पांच दिनों के भीतर देश की वास्तविक ‘आर्थिक स्थिति रिपोर्ट’ सार्वजनिक करने की घोषणा भी की है। साथ ही चुनावी घोषणापत्र को लागू करने के लिए 100 दिन, अर्धवार्षिक और वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

वाग्ले ने कहा, “हम अर्थ मंत्रालय से ही पेपरलेस और कैशलेस प्रणाली की शुरुआत कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस और सुशासन हमारी प्राथमिकता है।”

मंत्रिपरिषद में दूसरे वरीयता प्राप्त वाग्ले की इस सक्रियता से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार में आर्थिक एजेंडा को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement