नेपाल की नई सरकार ने घोषणा की है कि वह 1990 से 2026 तक सार्वजनिक पदों पर आसीन रहे राजनीतिक नेताओं और उच्च पदस्थ अधिकारियों की संपत्तियों की जांच के लिए एक समिति का गठन करेगी। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने कल जारी किए गए 100 सूत्री शासन सुधार एजेंडा में कहा कि 15 दिनों के भीतर एक शक्तिशाली संपत्ति जांच समिति का गठन किया जाएगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले तीन दशकों में सरकार का नेतृत्व कर चुके कई राजनेता भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं और विभिन्न पक्षों से जांच समिति गठित करने की मांग उठ रही है। राजनीतिक नेताओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को पिछले साल सितंबर में हुए जनरेशन जेड आंदोलन के पीछे एक मुख्य कारण बताया गया है, जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। सरकार ने कहा है कि यह समिति देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, संपत्ति छिपाने और दंड से मुक्ति की संस्कृति को समाप्त करने के लिए गठित की जा रही है।
