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नेपाल में 130 करोड़ का रेस्क्यू घोटाला, 32 लोगों के खिलाफ मुकदमा

Date : 02-Apr-2026

 काठमांडू, 02 अप्रैल । नेपाल में विदेशी पर्यटकों के ‘रेस्क्यू’ और उपचार के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर करीब 130 करोड़ रूपये की बीमा राशि ठगने के मामले में संलिप्त 32 लोगों के खिलाफ काठमांडू जिला अदालत में मामला दर्ज किया गया है।

नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) ने 15 मार्च को इस घटना से संबंधित जांच प्रतिवेदन सरकारी वकील कार्यालय को सौंपा था। प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। सरकारी वकील रामहरि काफ्ले ने बताया कि इस मामले में आज सुबह ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें अब तक अध्ययन किया जा रहा था।

इस मामले में अब तक 10 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाकी फरार हैं। इन लोगों पर 94 करोड़ 84 लाख 97 हजार 391 नेपाली रुपये, 29 लाख 98 हजार 823 अमेरिकी डॉलर और 14 हजार 500 यूरो ठगने का आरोप है। यह मामला 2022 का बताया गया है। 2022 में फॉरेन एक्सचेंज रेट के आधार पर कुल दावा राशि लगभग 130 करोड़ 42 लाख 43 हजार 505 रुपये आंकी गई है।

सीआईबी के अनुसार, आरोपितों पर राष्ट्रहित के विरुद्ध अपराध, आपराधिक लाभ, दस्तावेज संबंधी अपराध और संगठित अपराध सहित चार संयुक्त आरोपों के तहत मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है। सरकारी वकील के मुताबिक इस मामले में 16 ट्रैकिंग कंपनियां, 5 रेस्क्यू कंपनियां, 3 अस्पताल, 4 हेलिकॉप्टर कंपनियां, 3 स्थानीय एजेंट और एक स्वतंत्र गाइड को आरोपी बनाया गया है।

सीआईबी ने 25 जनवरी 2026 से इस मामले की जांच शुरू की थी। इस दौरान माउंटेन रेस्क्यू सर्विस, नेपाल चार्टर सर्विस और एवरेस्ट एक्सपीरियंस एंड असिस्टेंस समेत कई कंपनियों के मालिक और प्रबंधक सहित अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक अस्पताल संचालक, एक हवाई विशेषज्ञ, एक ट्रेकिंग कंपनी संचालक और एक गाइड भी गिरफ्तार किए गए हैं।

बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपियों ने 2022 के बाद से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 285 करोड़ 62 लाख 50 हजार 165 रुपये का बीमा दावा किया था। माउंटेन रेस्क्यू सर्विस ने इस अवधि में 1,248 विदेशी पर्यटकों का रेस्क्यू किया, जिनमें से 171 मामले फर्जी पाए गए। इसी आधार पर कंपनी ने लगभग 149 करोड़ 49 लाख 90 हजार 20 रुपये का फर्जी बीमा दावा किया जिसमें लगभग 130 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।

इसी तरह नेपाल चार्टर ने 471 पर्यटकों का रेस्क्यू किया, जिनमें 75 मामले संदिग्ध पाए गए और इसके लिए करीब 119 करोड़ 39 लाख 41 हजार 890 रुपये का दावा किया गया। वहीं एवरेस्ट एक्सपीरियंस ने 601 पर्यटकों का रेस्क्यू किया, जिनमें से 71 मामले संदिग्ध पाए गए और लगभग 16 करोड़ 73 लाख 18 हजार 255 रुपये का बीमा दावा किया गया।

सरकार ने 19 अक्टूबर 2025 को तत्कालीन संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री अनिल सिन्हा के संयोजकत्व में एक उच्चस्तरीय अध्ययन एवं सुझाव समिति का गठन किया था। सीआईबी ने उसी समिति की सिफारिशों के आधार पर इस मामले की जांच आगे बढ़ाई। इसके अलावा पीड़ितों और कुछ जेन-जी अभियंताओं द्वारा भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

इस मामले में श्रिद्धि इंटरनेशनल अस्पताल के संचालक डॉ. गिर्वाणराज तिमिल्सिना, रॉयल हॉलीडेज एडवेंचर एंड ट्रैवल कंपनी के संचालक संदीप तिवारी, माउंटेन रेस्क्यू सर्विस प्रालि के संचालक जयराम रिमाल और मैनेजर विवेक पाण्डे, नेपाल चार्टर्ड सर्विस के संचालक रविन्द्र अधिकारी तथा ऑपरेशन मैनेजर विवेक राज थपलिया गिरफ्तार किए गए हैं। इसी तरह, एभरेस्ट एक्सपीरियंस एंड एसोसिएट्स के संचालक मुक्ति पाण्डे और मैनेजर सुभाष केसी, पानोरमा हिमालय ट्रेकिंग एंड एक्सपीडिशन के संचालक पासांग शेर्पा तथा हवाई प्रबंधन विशेषज्ञ राजेन्द्र बहादुर सिंह भी हिरासत में हैं।

पर्वतारोहण और ट्रैकिंग क्षेत्र से पर्यटकों को रेस्क्यू करने के बाद स्वाकन अस्पताल के संचालकों द्वारा उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कर दिन में खरीदारी (शॉपिंग) के लिए भेजने का मामला सामने आया है। जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एवरेस्ट क्षेत्र से हेलिकॉप्टर द्वारा रेस्क्यू किए गए एक पर्यटक को दिन में शॉपिंग के लिए भेजा गया और केवल शाम को अस्पताल में भर्ती किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, निर्धारित अस्पताल में भर्ती न होने पर जुर्माना लगने का डर दिखाकर आपसी मिलीभगत में उस पर्यटक को स्वाकन अस्पताल में भर्ती किया गया और उसका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया। ‘फेक रेस्क्यू’ के बाद मरीज को भर्ती करने पर अस्पताल संचालक ट्रेकिंग एजेंसी और शेर्पा से संपर्क कर स्थिति की जानकारी भी देते थे। एक विदेशी नागरिक ने ई-मेल के माध्यम से सीआईबी में शिकायत दर्ज कराई है कि उसे जबरन स्वाकन अस्पताल में भर्ती किया गया।

जांच में यह भी पाया गया कि बीमा कंपनी से भुगतान की गारंटी मिलने तक अस्पताल संचालक पर्यटक का पासपोर्ट वापस नहीं करते थे। साथ ही, पर्यटकों से यह लिखवाकर हस्ताक्षर भी कराए जाते थे कि उन्हें ‘उद्धार के लिए मजबूर नहीं किया गया’ और वे ‘अस्पताल की सेवाओं से संतुष्ट हैं’। ‘फेक रेस्क्यू’ प्रकरण में शामिल अस्पताल प्रोटोकॉल से अधिक केवल बीमा दावा करने के उद्देश्य से मरीजों को भर्ती करते थे। भर्ती किए गए पर्यटक होटल में जाकर ठहरते और घूमने भी जाते थे। सीआईबी के एक अधिकारी के अनुसार, बाद में पर्यटकों को बुलाकर डिस्चार्ज पेपर दिए जाने का भी खुलासा हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि अस्पतालों द्वारा नकली स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार कर बीमा दावा किया जाता था। अधिक बिल बनाकर वे स्वास्थ्य बीमा के नाम पर रकम वसूलते और उसे रेस्क्यू कंपनियों तथा ट्रेकिंग कंपनियों के संचालकों के साथ आपस में बांट लेते थे।

आरोपितों की सूची

1. मुक्ति पाण्डे – ऐवरेस्ट एक्सपीरियंस एंड असिस्टेंस प्रा. लि.

2. सुवास केसी – एवरेस्ट एक्सपीरियंस एंड असिस्टेंस प्रा. लि.

3. विवेक पाण्डे – माउंटेन रेस्क्यू सर्विस

4. जयराम रिमाल – माउंटेन रेस्क्यू सर्विस

5. विवेक राज थपलिया – नेपाल चार्टर सर्विस प्रा. लि.

6. रविन्द्र अधिकारी – नेपाल चार्टर सर्विस प्रा. लि.

7. डॉ. गिर्वाण राज तिमल्सिना – श्रीद्धि इंटरनेशनल अस्पताल

8. डॉ. मिनालमा पाण्डे – स्वाकन इंटरनेशनल अस्पताल

9. श्याम सुन्दर कँडेल – स्वाकन इंटरनेशनल अस्पताल

10. संदीप ढुंगाना – हिमालयन मास्टर्स एडवेंचर्स

11. संदीप तिवारी – रॉयल हॉलिडे एडवेंचर

12. शान्त कुमार बानिया – मैजिक हिमालय ट्रेक

13. विनोद सापकोटा – नेपाल ट्रेक एडवेंचर

14. जीवन पाण्डे – एरा इंटरनेशनल अस्पताल

15. भानु ढकाल – एरा इंटरनेशनल अस्पताल

16. फुर्वा छिरिङ शेर्पा – एरा इंटरनेशनल अस्पताल

17. ममता भट्ट – एरा इंटरनेशनल अस्पताल

18. चुंगला शेर्पा – एरा इंटरनेशनल अस्पताल

19. पासांग शेर्पा – पानोरमा हिमालय ट्रेकिंग

20. तेनजिंग शेर्पा – पानोरमा हिमालय ट्रेकिंग

21. पासांग दावा शेर्पा – अल्टिच्यूट एयर

22. बद्री लम्साल – स्पिरिचुअल एक्सकर्शन

23. कवीन्द्र लम्साल – स्पिरिचुअल एक्सकर्शन

24. विष्णु प्रसाद लम्साल – नेपाल हाइकिंग एडवेंचर

25. संदीप भण्डारी – माउंटेन हेलिकॉप्टर

26. प्रकाश बाबु दाहाल – मनांग एयर

27. चन्द्र प्रसाद प्याकुरेल – अल्टिच्यूट एयर

28. कुमार भण्डारी – नेपाल रेस्क्यू एंड असिस्टेंस

29. खोमराज अधिकारी – नेपाल चार्टर सर्विस

30. गणेश सिलवाल – एरा इंटरनेशनल अस्पताल

31. श्रीराम केसी – स्वाकन अस्पताल

(पूर्व संचालक)

32. राम कुमार फुयाल – वर्ल्डवाइड असिस्टेंस प्रा. लि.


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