असम में ईयू का उच्चस्तरीय दौरा: पूर्वोत्तर भारत के लिए नए आर्थिक अवसरों की शुरुआत | The Voice TV

Quote :

"सफलता अंतिम नहीं है; असफलता घातक नहीं है: आगे बढ़ने का साहस ही मायने रखता है।"— विंस्टन चर्चिल

International

असम में ईयू का उच्चस्तरीय दौरा: पूर्वोत्तर भारत के लिए नए आर्थिक अवसरों की शुरुआत

Date : 07-Jun-2026

07 जून । यूरोपीय संघ का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ‘टीम यूरोप’ 8 और 9 जून को असम के दौरे पर रहेगा। दौरे का उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के साथ यूरोप के सहयोग के अवसरों को टटोलना और उन्हें गति देना है।

यह पहल जनवरी 2026 में हुए ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में सहमत संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। यात्रा का फोकस उन क्षेत्रों की मूल्य श्रृंखलाओं पर होगा, जहां यूरोप, असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच मजबूत सामंजस्य मौजूद है। इनमें नवीकरणीय एवं हरित ऊर्जा, सतत शहरी अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवा एवं फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, चाय एवं कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, फ्लेवर एवं फ्रेगरेंस (सुगंध एवं स्वाद उद्योग) तथा आयुष क्षेत्र शामिल हैं।

ईयू प्रतिनिधिमंडल में भारत और भूटान में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन सहित ईयू सदस्य देशों के राजदूत और वरिष्ठ प्रतिनिधि के साथ यूरोपीय व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। दौरे के दौरान “टीम यूरोप” के राजदूत असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। वहीं, फेडरेशन ऑफ यूरोपियन बिजनेस इन इंडिया (एफईबीआई) के नेतृत्व में एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल राज्य के अधिकारियों के साथ व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा।

सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण असम के पहले “ब्लू वैली क्लस्टर” का शुभारंभ होगा। यह औद्योगिक केंद्र फ्रेगरेंस, फ्लेवर, आयुष और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों पर केंद्रित रहेगा। सार्वजनिक-निजी-जन भागीदारी (4पी यानी पब्लिक-प्राइवेट-पीपल-पार्टनरशिप) मॉडल पर आधारित यह परियोजना यूरोप, पूर्वोत्तर भारत और भूटान के बीच नवाचार, अनुसंधान और सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।

प्रतिनिधिमंडल “ब्लू वैलीज: बिल्डिंग इकोसिस्टम्स एंड वैल्यू चेन्स बिटवीन इंडिया एंड यूरोप” कार्यशाला में भी भाग लेगा, जहां भारतीय और यूरोपीय कंपनियां साझेदारी के नए अवसर तलाशेंगी। इसके अलावा, टीम यूरोप असम में स्थापित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के नए सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा भी करेगी, जो राज्य के उभरते हाई-टेक विनिर्माण क्षेत्र को प्रदर्शित करेगा।

यह दौरा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वित्तीय सहायता, कौशल विकास और स्थिरता मानकों के संयोजन के माध्यम से यह पहल ऐसे व्यावसायिक मॉडल विकसित करने का प्रयास करती है जो स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाएं और उन्हें यूरोपीय बाजारों से जोड़ें।

इस यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ईयू राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा, “पूर्वोत्तर भारत और उसके केंद्र में स्थित असम में अपार संभावनाएं हैं। इसके संसाधन, कुशल कार्यबल और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था इसे विशेष बनाते हैं। ब्लू वैलीज जैसी पहलों के माध्यम से हम केवल सहयोग पर चर्चा नहीं कर रहे, बल्कि ऐसे दीर्घकालिक व्यवसाय-से-व्यवसाय साझेदारी विकसित कर रहे हैं जो ईयू और भारत दोनों के विकास को गति देंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “ईयू-भारत संबंधों को मजबूत करने की व्यापक रूपरेखा शिखर सम्मेलन में तय हो चुकी है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता राज्यों के स्तर पर होगी। असम के साथ ईयू का लंबे समय से जुड़ाव रहा है और ब्लू वैली जैसी पहलों के माध्यम से हो रही प्रगति उत्साहजनक है।”

बैठकों और ब्लू वैली कार्यक्रम के अलावा प्रतिनिधिमंडल टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के नए सेमीकंडक्टर संयंत्र का भी दौरा करेगा, जो असम की उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में, यूरोपीय संघ और भारत नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था, प्रभावी बहुपक्षवाद और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता रखते हैं। भारत 2004 से ईयू का रणनीतिक साझेदार है, और वर्ष 2022 में दोनों के संबंधों के 60 वर्ष पूरे हुए।

27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें ईयू-भारत शिखर सम्मेलन के बाद, दोनों पक्षों के बीच सहयोग ईयू-भारत व्यापक रणनीतिक एजेंडा, इंडो-पैसिफिक सहयोग रणनीति, ईयू-भारत व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) तथा ग्लोबल गेटवे रणनीति के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। 50 से अधिक क्षेत्रीय संवादों के साथ यह साझेदारी लोगों के हित में तेज और प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित है।

ग्लोबल गेटवे यूरोपीय संघ की एक रणनीति है जिसका उद्देश्य दुनिया भर में डिजिटल, ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों में स्मार्ट, स्वच्छ और सुरक्षित संपर्क को बढ़ावा देना तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान प्रणालियों को मजबूत करना है। इस पहल के तहत 2021 से 2027 के बीच 300 अरब यूरो तक के निवेश को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि विश्व स्तर पर टिकाऊ और भरोसेमंद साझेदारियों को समर्थन मिल सके।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement