नई दिल्ली में भारत और फ्रांस के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा पर विशेष कार्यबल की दूसरी बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिस्री और फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मंत्रालय की महासचिव ऐनी-मैरी डेस्कोटेस ने की।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस बैठक में दोनों पक्षों ने पिछले वर्ष में हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर निकट संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में विशेष रूप से लघु एवं उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR और AMR) जैसी उभरती तकनीकों में साझेदारी के महत्व को पुनः रेखांकित किया गया, जो इस वर्ष फरवरी में हस्ताक्षरित आशय घोषणापत्र में भी उल्लिखित था।
विदेश सचिव और महासचिव ने द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति के अलावा नवाचार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने और त्रिपक्षीय प्रारूप में तीसरे देशों के साथ साझेदारी मजबूत करने पर भी चर्चा की।
साथ ही, दोनों पक्षों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
यह बैठक भारत-फ्रांस के दीर्घकालिक और व्यापक सहयोग को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
