जगदलपुर, 03 जून। बस्तर जिला मुख्यालय के निगम क्षेत्र अंर्तगत प्रवीर वार्ड पनारा पारा स्थित श्रीभूवेश्वर महादेव मंदिर एवं श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में हरिहर महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। पुरुषोत्तम मास (अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष) के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस धार्मिक आयोजन में नौ दिनों तक वैदिक अनुष्ठान, पूजन, अर्चन, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में सनातनी वेशभूषा में शामिल होकर धर्म और संस्कृति के इस महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है। महायज्ञ की शुरुआत 5 जून को पंचमी तिथि पर शाम 6 बजे अंकुरारोपण के साथ होगी।
वैदिक परंपरा के अनुसार यह अनुष्ठान किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की मंगल शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद 8 जून को प्रातः 6 बजे काया शुद्धि का आयोजन होगा, जिसमें आध्यात्मिक शुद्धि और धार्मिक संकल्प के साथ यज्ञीय कार्यक्रमों को गति दी जाएगी। इसी दिन सुबह 9 बजे भव्य जल यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। 9 जून को नवमी तिथि पर मंडप पूजन किया जाएगा। इसके बाद महायज्ञ का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा। 10 जून को दशमी तिथि पर भगवान शिव को सवा लाख बेलपत्र अर्पित कर लक्ष शिवर्चन किया जाएगा।
वहीं 11 जून को एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु को सवा लाख तुलसी दल समर्पित कर लक्ष तुलसी अर्चन का आयोजन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन विशेष अनुष्ठानों का अत्यंत पुण्यदायी महत्व माना जाता है और यह समस्त लोक कल्याण की कामना से किए जाते हैं। 12 जून को द्वादशी तिथि पर पूर्णाहुति एवं अयोध्यार्चन का आयोजन होगा। इसी दिन 108 ब्राह्मणों को भोजन कराया जाएगा। वैदिक परंपरा में ब्राह्मण भोजन को यज्ञ की पूर्णता और पुण्य फल की प्राप्ति का महत्वपूर्ण अंग माना गया है। 5 जून को अंकुरारोपण से शुरुआत होगी। 8 जून को कायाशुद्धि और जल यात्रा, 9 जून को मंडप पूजन, 10 जून को सवा लाख बेलपत्रों से लक्ष शिवर्चन तथा 11 जून को सवा लाख तुलसी दल से लक्ष तुलसी अर्चन किया जाएगा। 12 जून को पूर्णाहुति, अयोध्यार्चन और 108 ब्राह्मण भोजन के साथ अखंड श्रीहरिनाम महामंत्र कीर्तन प्रारंभ होगा, जो 13 जून तक जारी रहेगा।
