गजा पट्टी में इस्रायली बम्बबारी के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन आज इस्रायल पहुंचे। उन्होंने आतंकी गुट हमास के साथ युद्ध में इस्रायल के प्रति समर्थन और "एकजुटता" व्यक्त की है। इस्रायली प्रधान मंत्री बेंन्यामिन नेतन्याहू के साथ संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में फ्रांस और इस्रायल "साझा दुश्मन" का सामना कर रहे हैं।
श्री मैक्रॉन ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता तभी संभव होगी जब इस्रायल राजनीतिक तौर पर समस्या का हल चाहेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के रामल्ला में फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात करने की संभावना है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इस्रायल के समर्थन में वहां दौरा करने वाले एक मात्र पश्चिमी नेता नहीं है। बल्कि उनसे पहले अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी और इटली के नेताओं ने भी इस्रायल का पूर्ण समर्थन किया।
इस बीच फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इस्रायल-गजा युद्ध में मृतकों की संख्या पांच हजार से अधिक हो गई है, इसमें दो हजार से अधिक बच्चे शामिल हैं। अन्य पंद्रह हजार घायल हो गए हैं। इस्रायल ने पुष्टि की है कि उसने गजा पर रात भर हमलों में हमास के अनके आतंकियों को मार दिया है, लेकिन इस्रायल ने यह भी कहा कि हमास को नष्ट करने में समय लगेगा। इस्रायल के राष्ट्रपति आइजेक हर्ज़ोग ने एक बयान में कहा कि इस्रायल आतंकी समूह हिजबुल्लाह के साथ युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अगर विवाद बढता है तो लेबनान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
मीडिया की खबरों के अनुसार हमास 50 अन्य बंधकों को रिहा करेगा। बताया जा रहा है कि रेड क्रॉस के प्रतिनिधि बंधकों को बाहर निकालने के लिए गजा में जा रहे हैं।
उधर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि गजा युद्धविराम के बारे में कोई भी चर्चा तभी हो सकती है जब हमास इस्रायल से बंधक बनाए गए सभी लोगों को मुक्त कर दे।
संयुक्त राष्ट्र ने इस्रायल से मानवीय संकट में फंसे गजा को और अधिक सहायता पहुंचाने की अनुमति देने का आग्रह किया है। विश्व संस्था ने कहा कि ईंधन आपूर्ति अब भी अवरुद्ध है, यह लोगों का जीवन बचाने और अस्पताल चलाने के लिए महत्वपूर्ण है।
