काठमांडू, 23 जनवरी । नेपाल की नागरिक उन्मुक्ति पार्टी (एनयूपी) के संरक्षक रेशम चौधरी की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है। चौधरी ने कैलाली निर्वाचन क्षेत्र संख्या 1 से अपना नामांकन दायर किया था।
निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया है कि यह मनोनयन प्रचलित कानून के अनुसार वैध प्रतीत नहीं होता, इसलिए इसे अयोग्य घोषित किया जाता है। कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उम्मीदवारी अयोग्य ठहराने के लिए तीन मुख्य आधार लिए गए हैं, जिसमें पाया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन अधिनियम के अनुसार आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति को उम्मीदवार बनने से अयोग्य माना जाता है।
इसके अतिरिक्त निर्वाचन आयोग के उस पूर्व निर्णय को भी आधार बनाया गया है, जिसमें उन्हें किसी राजनीतिक दल का सदस्य बनने से भी अयोग्य ठहराया गया था। इस मामले में यह देखा गया कि भले ही उन्हें राष्ट्रपति क्षमादान मिला हो, लेकिन सजा की प्रकृति यथावत बनी रही। टीकापुर हत्याकांड से जुड़े मामले में चौधरी को तत्कालीन सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति की ओर से क्षमादान दिया गया था। हालांकि, प्रतिनिधि सभा निर्वाचन अधिनियम के अनुसार आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति को किसी भी निर्वाचन में उम्मीदवार बनने की अनुमति नहीं है।
दरअसल, 2015 के मधेश आंदोलन के दौरान टीकापुर में प्रदर्शनकारियों ने सशस्त्र प्रहरी बल के एसएसपी सहित आठ पुलिस वालों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी, जिसमें रेशम चौधरी को मुख्य दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। 2022 के पिछले आम निर्वाचन में चौधरी बर्दिया–2 से उम्मीदवार थे। उस समय वे जेल में ही थे और उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। इसके बाद उनके पिता लालबीर चौधरी बर्दिया–2 से स्वतंत्र उम्मीदवार बने थे। बाद में वे नागरिक उन्मुक्ति पार्टी में शामिल हो गए। वर्तमान में लालबीर उसी पार्टी में हैं।
निर्वाचन आयोग में कुल पांच उम्मीदवारों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें से तीन को पहले ही खारिज कर दिया गया है। भक्तपुर निर्वाचन क्षेत्र संख्या 2 से रास्वपा उम्मीदवार राजीव खत्री तथा नेपाल जनसेवा पार्टी की जनुका पाठक के खिलाफ दर्ज शिकायतें अभी खारिज नहीं की गई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। नेपाल ने रौतहट निर्वाचन क्षेत्र संख्या 1 से अपना मनोनयन दायर किया था। सुनसरी निर्वाचन क्षेत्र संख्या 2 से उम्मीदवार लाल बिक्रम थापा के खिलाफ शिकायत पर निर्वाचन आयोग में अभी चर्चा जारी है।
