संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष अब "चरम बिंदु" पर पहुंच चुका है और यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र में स्थायी शांति की संभावना और अधिक क्षीण हो सकती है।
न्यूयॉर्क में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने दो-राष्ट्र समाधान को बचाने के लिए निर्णायक कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि यह समाधान "ढह रहा है" और इसे फिर से स्थापित करना अनिवार्य है। गुटेरेस ने फ्रांस और सऊदी अरब द्वारा इस उच्च-स्तरीय सम्मेलन के आयोजन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे “कथनी से करनी की ओर” बढ़ने का एक दुर्लभ और महत्वपूर्ण अवसर बताया।
UN महासचिव ने विश्व नेताओं से आग्रह किया कि वे इस सम्मेलन को केवल एक और औपचारिक चर्चा का मंच न बनने दें, बल्कि इसे एक ऐसा मोड़ बनाएं जो "वास्तविक और स्थायी प्रगति" की ओर ले जाए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से दो स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्रों — इजरायल और फिलिस्तीन — के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सीमाएं 1967 से पहले की सीमाओं पर आधारित होनी चाहिए और यरुशलम दोनों की राजधानी होनी चाहिए।
गुटेरेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और संघर्ष के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव एक बार फिर तेज हो गया है।
