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मरियम नवाज ने प्रधान न्यायाधीश का इस्तीफा मांगा

Date : 16-May-2023

 इस्लामाबाद, 15 मई  | पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा इहाल के कुछ फैसलों को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पूर्ण राहत प्रदान करने वाला करार देते हुए और इन फैसलों के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय के सामने सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रदर्शन में पीएमएल-एन की प्रमुख संगठनकर्ता मरियम नवाज ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बांदियाल के इस्तीफे की मांग की। मरियम ने देश में अराजकता एवं संकट पैदा करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने उच्चतम न्यायालय पर पाकिस्तान में न्यायिक मार्शल लॉ लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक उमर अता बांदियाल देश के प्रधान न्यायाधीश हैं तब तक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है और आपके (बांदियाल) हटने के बाद ही अपने निर्धारित समय पर चुनाव कराए जाएंगे।

पाकिस्तान डेमाक्रेटिक मूवमेंट के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान और बहुदलीय पार्टी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ इस प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए मरियम (49) ने कहा, आप सभी को पता होना चाहिए कि आज देश में जो अराजकता एवं संकट है उसका जन्मस्थल जमान पार्क नहीं, बल्कि उमर अता बांदियाल का पद है।

मरियम ने आरोप लगाया कि जो आतंकवादी या पाकिस्तान के दुश्मन नहीं कर पाए उसे तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान ने कर दिया। उन्होंने कहा, खान और उनकी पत्नी ने सरकारी पैसा चुराया और इसी पैसे से भूखंड खरीदे। उन्होंने कहा कि खान ने अपने चापलूसों को सिखाया-पढ़ाया तथा जिन्ना हाउस को फूंक दिया। मरियम ने कहा कि इस भवन में बैठे लोग इंसाफ की हत्या कर रहे हैं। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश से सवाल किया, क्या आप उच्चतम न्यायालय के बाहर जनसैलाब देखकर खुश हैं।

देश के 13 राजनीतिक दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख फजलुर रहमान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि उनका संगठन पूर्व प्रधानमंत्री खान के प्रति कथित न्यायिक समर्थन को लेकर पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश (सीजेपी) उमर अता बांदियाल के खिलाफ सोमवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रदर्शन करेगा।

ऐसा माना जा रहा था कि प्रदर्शनकारी प्रतीकात्मक प्रदर्शन करने के बाद परिसर से चले जाएंगे, लेकिन जेयूआई-एफ ने इस प्रदर्शन को धरने में बदल दिया।

विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी भी इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे, लेकिन पीपीपी के वरिष्ठ सदस्यों ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी। हालांकि पीपीपी नेता निसार खोरो मंच पर पीडीएम नेतृत्व के साथ खड़ी नजर आईं। जिला प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनकारी रेड जोन में घुस गए और उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन को पीछे धकेल दिया।

 


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