काठमांडू, 19 मई । नेपाल में सेक्युलर पार्टियों के भीतर हिंदू राष्ट्र का मुद्दा गहराता जा रहा है। उन पार्टियों में हिंदू राष्ट्र का मुद्दा उठाने वाले सामने आने लगे हैं। हिंदू राष्ट्र समर्थकों की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं।
यह मुद्दा नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-यूमाओवादी केंद्र में भी प्रवेश कर चुका है, जिसने नेपाल में हिंदू राज्य को खत्म करने के बाद धर्मनिरपेक्ष संविधान लिखने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। माओवादी नेता राम कुमार शर्मा और इंदु शर्मा ने हिंदू राष्ट्र और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के मुद्दे पर जनमत संग्रह कराने की मांग की है।
शर्मा ने 16 मई को माओवादी अध्यक्ष प्रचंड को सौंपे गए 18 सूत्री ज्ञापन में जनमत संग्रह का मुद्दा उठाया है।
नेपाल की सबसे बड़ी कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएन-यूएमएल के कुछ नेता हिंदू राष्ट्र के पक्ष में खुलने लगे हैं। अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के करीबी नेता महेश बासनेत ने इस मुद्दे को उठाया है। यूएमएल के भीतर हिंदू राष्ट्र का मुद्दा मजबूत होता जा रहा है।
नेपाली कांग्रेस के भीतर प्रभावशाली नेताओं ने हिंदू राष्ट्र का खुलकर समर्थन किया है। कांग्रेस के संस्थापक नेता वीपी कोइराला के बेटे डॉ. शशांक कोइराला हिंदू राष्ट्र के समर्थक हैं। वह काँग्रेस के पूर्व जनरल सेक्रेटरी हैं। केंद्रीय सदस्य डॉ. शेखर कोइराला भी हिंदू राष्ट्र के समर्थक हैं।
हिंदू राष्ट्र का मुद्दा उठाने वालों में कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य और नेपाल के विदेश मंत्री एनपी सऊद भी शामिल हैं। कांग्रेस के भीतर बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता हिंदू राष्ट्र के पक्ष में हैं।
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) हिंदू राष्ट्र को मुख्य मुद्दा बना रही है। नेपाल की संसद की पांचवीं शक्ति आरपीपी को रॉयलिस्ट पार्टी के नाम से जाना जाता है।
नेपाल में एक ओर जहां पार्टियों के भीतर हिंदू राष्ट्र का मुद्दा गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस घटना से पश्चिमी देश सहमे हुए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हिंदू राष्ट्र के मुद्दे को मजबूत करने में भूमिका निभाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी रिपोर्ट में भाजपा पर आरोप लगाया है। इसे लेकर नेपाल में प्रतिक्रिया सामने आई है।
