नई दिल्ली, 21 सितंबर। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में शुक्रवार से तीन दिवसीय ''नदी उत्सव'' का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी पर्यावरणविद एवं आईजीएनसीए से जुड़े अभय मिश्रा और संस्थान के मीडिया नियंत्रक अनुराग पुनेठा ने गुरुवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में दी।
पुनेठा ने कहा कि आईजीएनसीए की ओर से नदी उत्सव की शुरुआत 2018 में नासिक से की गई थी, जो गोदावरी नदी के किनारे बसा है। दूसरे नदी उत्सव का आयोजन कृष्णा नदी के किनारे बसे विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में और नदी उत्सव का तीसरा आयोजन गंगा के किनारे बसे मुंगेर (बिहार) में हुआ था। इसी कड़ी में चौथे नदी उत्सव का आयोजन यमुना नदी के किनारे बसे दिल्ली में आईजीएनसीए के प्रांगण में 22 से 24 सितंबर तक किया जाएगा।
अभय मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन आईजीएनसीए के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण अभियान (एनएमसीएम) और जनपद सम्पदा विभाग द्वारा किया जा रहा है। तीन दिनों के इस कार्यक्रम में कई आयोजन होंगे, जिनमें पर्यावरणविदों व विभिन्न विषयों के विद्वानों के साथ विद्वतापूर्ण चर्चाएं, फिल्मों की स्क्रीनिंग, प्रख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियां, कठपुतली शो, विभिन्न पुस्तकों पर चर्चा सहित विविध प्रकार के कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के मुख्य अतिथि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, सम्माननीय अतिथि प्रसिद्ध दार्शनिक व विद्वान आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी व परमार्थ निकेतन के प्रमुख व आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती व विशिष्ट अतिथि प्रख्यात पर्यावरणविद् पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी होंगे।
मिश्रा ने कहा कि इस तीन दिवसीय आयोजन का प्रारम्भ 22 सितंबर को पूर्वाह्न 10.30 बजे आईजीएनसीए के कॉन्फ्रेंस हॉल उमंग में होगा। नदी उत्सव में प्राचीन ग्रंथों में नदियों का उल्लेख, नदियों के किनारे सांस्कृतिक विरासत, लोक और सांस्कृतिक परम्परा में नदियां सहित कई विषयों पर चर्चा और सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन तीन दिनों में 18 फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान कठपुतली शो के अंतर्गत, पूरण भट द्वारा ''द यमुना गाथा'' का प्रदर्शन किया जाएगा।
