नई दिल्ली, 24 जनवरी । कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर के तबादले को न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए सरकार पर न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय से इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि संभल में हाल ही में हुई साम्प्रदायिक हिंसा स्वतः नहीं थी, बल्कि सरकार की नीतियों और प्रशासनिक रवैये का परिणाम थी। इस दौरान पुलिस की गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई थी। 09 जनवरी को सीजेएम विभांशु सुधीर ने इस घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद मात्र चार माह में उनका तबादला कर दिया गया।
खेड़ा ने कहा कि यह कदम न्यायपालिका को डराने और नियंत्रित करने की कोशिश है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुधीर के स्थान पर जिस अधिकारी की नियुक्ति की कोशिश हुई थी, उसने पहले विवादित मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था, जिसे जनाक्रोश के बाद वापस लेना पड़ा। उन्होंने उच्चतम न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय से अपील की है कि वे संभल के सीजेएम के तबादले पर स्वतः संज्ञान ले।
