नई दिल्ली, 10 अक्टूबर । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर पर अब तक 3.5 लाख से अधिक लोगों ने परामर्श लिया। मानसिक परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से पिछले साल स्थापित केंद्र सरकार की इस हेल्पलाइन नंबर पर प्रतिदिन 1000 से अधिक कॉल आ रही हैं।
डॉ. मांडविया ने दिल्ली के डीआरडीओ भवन के सभागार में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कॉन्क्लेव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग एक शक्तिशाली माध्यम है। इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान में नई सुविधाओं के उद्घाटन के साथ टेली-मानस का नया लोगो भी लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानवाधिकार है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों ने मानसिक स्वास्थ्य, तंत्रिका संबंधी विकारों और मादक द्रव्यों के सेवन संबंधी विकारों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण की सुविधा प्रदान की है
स्वास्थ्य मंत्री डॉ.मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की गई थी। इससे यह पता चला कि 10 प्रतिशत आबादी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से प्रभावित है। यह समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले भारी बोझ को दर्शाता है। इसलिए इस मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान तुरंत करने की आवश्यकता के मद्देनजर टेली-मानस की शुरुआत की गई। इस सुविधा से लोग एक फोन कॉल के माध्यम से अपनी समस्या का निदान कर सकते हैं।
